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गन लाइसेंसों की होगी जांच
Jammu
Updated Wed, 04 Dec 2013 05:44 AM IST
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जम्मू। शहर में हिस्ट्रीशीटरों के पास गन लाइसेंस की मौजूदगी को पुलिस ने गंभीरता से लिया है। सिटी पुलिस तीन लोगों को इस केस में पकड़ चुकी है, जबकि नरवाल में गोली चलाने वाले मनमोहन सिंह के लाइसेंस की भी जांच की जा रही है। पुलिस को आशंका है कि गन लाइसेंस फर्जी है।
पुलिस ने इन सभी मामलोें के रहस्योदघाटन के बाद शहर में जिन लोगों के पास गन हैं, उनके लाइसेंस की जांच करने के आदेश दिए हैं। ऐसे कई लोग भी शामिल हैं, जिनके खिलाफ पुलिस में आपराधिक मामले दर्ज हैं। गन लाइसेंस के आधार पर गन और पिस्तौलें भी खरीदी गई हैं। पुलिस के अनुसार कई जगह पर आपराधिक छवि वाले लोग लोगों को धमकाने का भी काम कर रहे हैं। सभी थाना क्षेत्र को कहा गया है कि उनके क्षेत्र में जिन लोगों के पास गन व लाइसेंस हैँ। उसकी दोबारा जांच की जाए। सिटी पुलिस स्टेशन ने कार्रवाई शुरू कर दी है, जबकि त्रिकुटानगर पुलिस भी लाइसेंसों की जांच अपने स्तर पर कर रही है। अब तक फर्जी गन लाइसेंस के मामले में पांच केस दर्ज किए गए हैं और तीन लोगों को पकड़ा भी गया है। फर्जी गन लाइसेंस का फर्जीवाड़ा काफी पुराना है। एसएसपी जम्मू अतुल कुमार गोयल ने ऐसे मामलों को गंभीरता से लेेते हुए गन लाइसेंसाें की विशेष जांच करने के आदेश दिए। यह प्रक्रिया अगले साल होने वाले आम चुनावों से पहले की कार्रवाई भी माना जा रहा है, ताकि चुनावों के दौरान आपराधिक छवि वाले लोगों के पास हथियार नहीं हों और उनकी स्क्रीनिंग की जा सके। आंकड़ों के अनुुसार गन लाइसेंस राज्य के बाहर भी जारी किए गए हैैं, उनकी भी पड़ताल की जा सकती है।
महाराष्ट्र, हरियाणा, दिल्ली जैसे क्षेत्रों मेें जम्मू कश्मीर से बने कई फर्जी गन लाइसेंस भी बरामद किए गए हैं। उन मामलों की जांच के लिए बाहरी राज्यों की पुलिस जम्मू कश्मीर में भी आ चुकी है।
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पुलिस ने इन सभी मामलोें के रहस्योदघाटन के बाद शहर में जिन लोगों के पास गन हैं, उनके लाइसेंस की जांच करने के आदेश दिए हैं। ऐसे कई लोग भी शामिल हैं, जिनके खिलाफ पुलिस में आपराधिक मामले दर्ज हैं। गन लाइसेंस के आधार पर गन और पिस्तौलें भी खरीदी गई हैं। पुलिस के अनुसार कई जगह पर आपराधिक छवि वाले लोग लोगों को धमकाने का भी काम कर रहे हैं। सभी थाना क्षेत्र को कहा गया है कि उनके क्षेत्र में जिन लोगों के पास गन व लाइसेंस हैँ। उसकी दोबारा जांच की जाए। सिटी पुलिस स्टेशन ने कार्रवाई शुरू कर दी है, जबकि त्रिकुटानगर पुलिस भी लाइसेंसों की जांच अपने स्तर पर कर रही है। अब तक फर्जी गन लाइसेंस के मामले में पांच केस दर्ज किए गए हैं और तीन लोगों को पकड़ा भी गया है। फर्जी गन लाइसेंस का फर्जीवाड़ा काफी पुराना है। एसएसपी जम्मू अतुल कुमार गोयल ने ऐसे मामलों को गंभीरता से लेेते हुए गन लाइसेंसाें की विशेष जांच करने के आदेश दिए। यह प्रक्रिया अगले साल होने वाले आम चुनावों से पहले की कार्रवाई भी माना जा रहा है, ताकि चुनावों के दौरान आपराधिक छवि वाले लोगों के पास हथियार नहीं हों और उनकी स्क्रीनिंग की जा सके। आंकड़ों के अनुुसार गन लाइसेंस राज्य के बाहर भी जारी किए गए हैैं, उनकी भी पड़ताल की जा सकती है।
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महाराष्ट्र, हरियाणा, दिल्ली जैसे क्षेत्रों मेें जम्मू कश्मीर से बने कई फर्जी गन लाइसेंस भी बरामद किए गए हैं। उन मामलों की जांच के लिए बाहरी राज्यों की पुलिस जम्मू कश्मीर में भी आ चुकी है।
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