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जुलाई के पहले सप्ताह में सीईटी संभव
Jammu
Updated Tue, 25 Jun 2013 05:30 AM IST
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जम्मू। बोर्ड आफ प्रोफेशनल एंट्रेंस एग्जाम (बीओपीईई) के चेयरमैन प्रो. आरडी शर्मा ने सोमवार को पत्रकार वार्ता का आयोजन कर कामन एंट्रेंस टेस्ट (सीईटी) के दौरान होने वाली गलती पर बोर्ड की स्थिति स्पष्ट की।
उनका कहना था कि जो कुछ भी शनिवार को हुआ, वह मानवीय भूल थी। सीईटी के लिए प्रश्न पत्र की तैयारी से लेकर टेस्ट के आयोजन तक की पूरी प्रक्रिया ‘फुलप्रूफ’ होती है। मामले की आंतरिक जांच की जा रही है। रद्द किए पेपरों के बारे में उनका कहना था कि बोर्ड की कोशिश है कि अगले माह के पहले सप्ताह में पेपर आयोजित किया जाए। पांच जुलाई के आसपास पेपरों का आयोजन किया जा सकता है। प्रो. शर्मा का कहना था कि सीईटी के आयोजन में पूरी तरह से सावधानी और गोपनीयता बरती जाती है। पूरी प्रक्रिया का सख्ती से पालन किया जाता है। सील युक्त प्रश्न पत्र प्रिंटर से सीधे स्ट्रांग रूम में जाते हैं और स्ट्रांग रूम से पेपर वाले दिन ही प्रश्न पत्र परीक्षा केंद्र पर पहुंचते हैं। परीक्षा केंद्र पर प्रश्न पत्रों को कश्मीर प्रशासनिक अधिकारी, चीफ सुपरवाइजर और प्रोफेसर स्तर के अधिकारी की उपस्थिति में खोले जाते हैं। जो कुछ भी शनिवार को हुआ, वह प्रिंटर स्तर पर गलती थी। बोर्ड ने आंतरिक जांच के आदेश दिए हैं।
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उनका कहना था कि जो कुछ भी शनिवार को हुआ, वह मानवीय भूल थी। सीईटी के लिए प्रश्न पत्र की तैयारी से लेकर टेस्ट के आयोजन तक की पूरी प्रक्रिया ‘फुलप्रूफ’ होती है। मामले की आंतरिक जांच की जा रही है। रद्द किए पेपरों के बारे में उनका कहना था कि बोर्ड की कोशिश है कि अगले माह के पहले सप्ताह में पेपर आयोजित किया जाए। पांच जुलाई के आसपास पेपरों का आयोजन किया जा सकता है। प्रो. शर्मा का कहना था कि सीईटी के आयोजन में पूरी तरह से सावधानी और गोपनीयता बरती जाती है। पूरी प्रक्रिया का सख्ती से पालन किया जाता है। सील युक्त प्रश्न पत्र प्रिंटर से सीधे स्ट्रांग रूम में जाते हैं और स्ट्रांग रूम से पेपर वाले दिन ही प्रश्न पत्र परीक्षा केंद्र पर पहुंचते हैं। परीक्षा केंद्र पर प्रश्न पत्रों को कश्मीर प्रशासनिक अधिकारी, चीफ सुपरवाइजर और प्रोफेसर स्तर के अधिकारी की उपस्थिति में खोले जाते हैं। जो कुछ भी शनिवार को हुआ, वह प्रिंटर स्तर पर गलती थी। बोर्ड ने आंतरिक जांच के आदेश दिए हैं।
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