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सेवानिवृत्त अधिकारी को दोबारा नौकरी पर हंगामा
Jammu
Updated Sat, 23 Mar 2013 05:31 AM IST
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जम्मू। सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण विभाग कश्मीर के रिटायर्ड चीफ इंजीनियर मीर नजीब उल्ला को आठ सितंबर 2011 से दोबारा नौकरी देकर पीएचई विभाग में सीसीडीयू के कार्यकारी निदेशक बनाए जाने का मामला शुक्रवार को विधान परिषद में पैंथर्स सदस्य सईद मोहम्मद रफीक शाह ने उठाया।
प्रश्न काल के दौरान पैंथर्स सदस्य ने मामले को उठाते हुए कहा कि जिस रिटायर्ड अधिकारी को दोबारा उच्च पद पर नौकरी दी गई वह पीएचई, सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग के पूर्व मंत्री का रिश्तेदार तो है ही सीसीडीयू के कार्यकारी निदेशक के पद पर रहते घपला करने की भी सूचनाएं हैं। उन्होंने कहा कि सरकारी जवाब में घपलों का जिक्र नहीं है और बताया गया है कि जांच कमेटी गठित हुई है। उन्होंने मामले की सच्चाई को उजागर करने के लिए विधान परिषद की हाउस कमेटी बनाने पर जोर दिया। नेकां के शेख गुलाम रसूल ने भी कहा कि रिटायर्ड अधिकारी को दोबारा नौकरी पर रखने के लिए तय नियम हैं। सरकार को यह बताना चाहिए कि क्या नियमों का पालन हुआ है।
पीएचई, सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण मंत्री शाम लाल शर्मा ने कहा कि इस मामले में सदस्यों की चिंता जायज है। मंत्रालय का जिम्मा संभालने के बाद उन्हें इस मामले का पता चला। सीसीडीयू में 6.80 करोड़ की राशि स्वच्छ पेयजल के प्रति जागरूकता फैलाने के काम में खर्च हुई है। बहरहाल विभाग में ज्यादातर अधिकारी सीसीडीयू के बारे में नहीं जानते। इसलिए मामले की जांच के लिए उन्होंने सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण विभाग जम्मू के चीफ इंजीनियर की अध्यक्षता में कमेटी गठित की है। जिस अधिकारी पर आरोप है उसने इस्तीफा भी सौंपा, लेकिन उसे मंजूर नहीं किया गया है।
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पैंथर्र्स सदस्य सईद मोहम्मद रफीक शाह कमेटी बनाने की मांग पर चेयरमैन वेल के सामने नारेबाजी करने लगे। मार्शल आउट की चेतावनी के बाद नेकां के खालिद नजीब सोहरावर्दी ने उन्हें बैठाया।
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प्रश्न काल के दौरान पैंथर्स सदस्य ने मामले को उठाते हुए कहा कि जिस रिटायर्ड अधिकारी को दोबारा उच्च पद पर नौकरी दी गई वह पीएचई, सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग के पूर्व मंत्री का रिश्तेदार तो है ही सीसीडीयू के कार्यकारी निदेशक के पद पर रहते घपला करने की भी सूचनाएं हैं। उन्होंने कहा कि सरकारी जवाब में घपलों का जिक्र नहीं है और बताया गया है कि जांच कमेटी गठित हुई है। उन्होंने मामले की सच्चाई को उजागर करने के लिए विधान परिषद की हाउस कमेटी बनाने पर जोर दिया। नेकां के शेख गुलाम रसूल ने भी कहा कि रिटायर्ड अधिकारी को दोबारा नौकरी पर रखने के लिए तय नियम हैं। सरकार को यह बताना चाहिए कि क्या नियमों का पालन हुआ है।
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पीएचई, सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण मंत्री शाम लाल शर्मा ने कहा कि इस मामले में सदस्यों की चिंता जायज है। मंत्रालय का जिम्मा संभालने के बाद उन्हें इस मामले का पता चला। सीसीडीयू में 6.80 करोड़ की राशि स्वच्छ पेयजल के प्रति जागरूकता फैलाने के काम में खर्च हुई है। बहरहाल विभाग में ज्यादातर अधिकारी सीसीडीयू के बारे में नहीं जानते। इसलिए मामले की जांच के लिए उन्होंने सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण विभाग जम्मू के चीफ इंजीनियर की अध्यक्षता में कमेटी गठित की है। जिस अधिकारी पर आरोप है उसने इस्तीफा भी सौंपा, लेकिन उसे मंजूर नहीं किया गया है।
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पैंथर्र्स सदस्य सईद मोहम्मद रफीक शाह कमेटी बनाने की मांग पर चेयरमैन वेल के सामने नारेबाजी करने लगे। मार्शल आउट की चेतावनी के बाद नेकां के खालिद नजीब सोहरावर्दी ने उन्हें बैठाया।