{"_id":"27-30735","slug":"Jammu-30735-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"एमटीए में नहीं बन पाई सहमति ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एमटीए में नहीं बन पाई सहमति
Jammu
Updated Fri, 22 Mar 2013 05:32 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जम्मू। जीएमसी के चोपड़ा नर्सिंग होम में शुरू की जा रही इवनिंग क्लीनिक व्यवस्था पर मेडिकल टीचर एसोसिएशन में अभी सहमति नहीं बन पाई है। एमटीए के अधिकांश सदस्य इस व्यवस्था को लागू न करने का समर्थन कर रहे हैं। इसके लिए चिकित्सा शिक्षा मंत्री ताज मोहिउद्दीन को भी अवगत कराया गया है। इस बीच वीरवार को मंत्री ने जीएमसी में एसोसिएशन के सदस्यों के साथ बैठक कर कई मुद्दों पर चर्चा की। एसोसिएशन के प्रधान डा. तारिक आजाद का कहना है कि इवनिंग क्लीनिक को लेकर अभी कई पहलुओं पर चर्चा हो रही है। इसमें कई सुझाव भी दिए गए हैं।
उल्लेखनीय है कि मंत्री अप्रैल में इवनिंग क्लीनिक की व्यवस्था को शुरू करने पर जोर दे रहे हैं लेकिन जमीनी स्तर की खामियों को लेकर एमटीए ने इस व्यवस्था को लेकर आम राय नहीं बन पाई है। मंत्री के निर्देश में अप्रैल से शाम 5-8 बजे तक इवनिंग क्लीनिक को शुरू करने को कहा गया है। इसमें क्लीनिकों में आने वाले मरीजों को चिकित्सा सुविधाएं दी जाएंगी लेकिन एमटीए सदस्यों का तर्क है कि पहले से ही ढांचागत सुविधाओं और फैकल्टी की कमी से ऐसी व्यवस्था को शुरू करवाने में कई चुनौतियां रहेंगी। चोपड़ा नर्सिंग होम में ऐसी क्लीनिकों को चलाने से पहले पर्याप्त ढांचागत सुविधाएं मुहैया होनी चाहिए। इससे दूरदराज के मरीजों को नुकसान होगा। निजी क्लीनिकों पर जाकर ऐसे मरीज सभी टेस्टों के अलावा अन्य चिकित्सा ले सकते हैं। लेकिन ऐसी क्लीनिकों में ऐसा करना मुश्किल होगा। एमटीए के सुझाव में ऐसी व्यवस्था को चालू करने की सूरत में स्टाफ और डाक्टरों को विशेष इंसेटिव देने पर जोर दिया जा रहा है। हालांकि आने वाले दिनों में ही इवनिंग क्लीनिक को शुरू करने को लेकर स्थिति पूरी तरह से साफ हो सकेगी।
विज्ञापन
उल्लेखनीय है कि मंत्री अप्रैल में इवनिंग क्लीनिक की व्यवस्था को शुरू करने पर जोर दे रहे हैं लेकिन जमीनी स्तर की खामियों को लेकर एमटीए ने इस व्यवस्था को लेकर आम राय नहीं बन पाई है। मंत्री के निर्देश में अप्रैल से शाम 5-8 बजे तक इवनिंग क्लीनिक को शुरू करने को कहा गया है। इसमें क्लीनिकों में आने वाले मरीजों को चिकित्सा सुविधाएं दी जाएंगी लेकिन एमटीए सदस्यों का तर्क है कि पहले से ही ढांचागत सुविधाओं और फैकल्टी की कमी से ऐसी व्यवस्था को शुरू करवाने में कई चुनौतियां रहेंगी। चोपड़ा नर्सिंग होम में ऐसी क्लीनिकों को चलाने से पहले पर्याप्त ढांचागत सुविधाएं मुहैया होनी चाहिए। इससे दूरदराज के मरीजों को नुकसान होगा। निजी क्लीनिकों पर जाकर ऐसे मरीज सभी टेस्टों के अलावा अन्य चिकित्सा ले सकते हैं। लेकिन ऐसी क्लीनिकों में ऐसा करना मुश्किल होगा। एमटीए के सुझाव में ऐसी व्यवस्था को चालू करने की सूरत में स्टाफ और डाक्टरों को विशेष इंसेटिव देने पर जोर दिया जा रहा है। हालांकि आने वाले दिनों में ही इवनिंग क्लीनिक को शुरू करने को लेकर स्थिति पूरी तरह से साफ हो सकेगी।
विज्ञापन