फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Interviews ›   KK Menon Exclusive Interview with Amar Ujala he spoke about his acting in Adarsh Baal Vidyalaya

Exclusive: 'विलेन की अदाकारी करते वक्त मुझसे मत उलझना', केके मेनन ने बताया कैसे जीते हैं अपना हर किरदार

Tue, 21 Jul 2026 04:24 PM IST
Kiran Vinod Kumar Jain Kiran Vinod Kumar Jain
Updated Tue, 21 Jul 2026 04:24 PM IST
विज्ञापन
सार
KK Menon Exclusive Interview: मशहूर अभिनेता केके मेनन जल्द ही 'आदर्श बाल विद्यालय' में नजर आने वाले हैं। इससे पहले उन्होंने अमर उजाला से खास बातचीत में अपने करियर, किरदार और शोज के बारे में कई अहम बातें बताई हैं।
loader
KK Menon Exclusive Interview with Amar Ujala he spoke about his acting in Adarsh Baal Vidyalaya
के के मेनन - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पर्दे पर गंभीर और चैलेंजिंग किरदारों के लिए पहचान बनाने वाले केके मेनन अभिनय को अलग नजरिए से देखते हैं। उनका मानना है कि किसी भी किरदार को निभाने से पहले उसे अपने भीतर तलाशना जरूरी है।

'आदर्श बाल विद्यालय' के प्रमोशन के दौरान अमर उजाला से बातचीत में उन्होंने अभिनय, किरदार और अपने काम को लेकर खुलकर बात की।

बुरे किरदार भी अंदर से आते हैं
सीरीज में अपने किरदार ज्ञानेश्वर पर बात करते हुए केके मेनन कहते हैं, 'अगर मैं अपने भीतर से ज्ञानेश्वर को नहीं निकालूंगा तो मैं फेक एक्टिंग कर रहा होऊंगा। मैं जो भी करता हूं, उसमें बुरे किरदार भी मेरे भीतर से ही आते हैं। अगर ऐसा नहीं हुआ तो वह सिर्फ एक्टिंग रह जाएगी। इसलिए मैं हमेशा कहता हूं कि जब मैं कोई बहुत बुरा किरदार निभा रहा होता हूं तो 'एक्शन' और 'कट' के बीच मुझसे मत उलझना। क्योंकि उस वक्त मैं केके मेनन नहीं होता। मैं अपने भीतर की उसी बुराई को जी रहा होता हूं। मैं हर किरदार को इसी तरह अप्रोच करता हूं।'

के के मेनन
के के मेनन - फोटो : इंस्टाग्राम @kaykaymenon02
स्क्रिप्ट देती है विचार
किरदार की तैयारी के सवाल पर केके मेनन कहते हैं, 'मैं टेक्स्ट पर बहुत भरोसा करता हूं। डायरेक्टर और राइटर मेरे लिए बहुत मदद करते हैं। मैं स्क्रिप्ट को न जाने कितनी बार पढ़ता हूं। मेरे लिए यही सबसे पक्का तरीका है, क्योंकि जितनी बार आप स्क्रिप्ट पढ़ते हैं, हर बार वह आपको कुछ यूनिक देती है। इसमें कोई रॉकेट साइंस नहीं है।'

टेंशन जरूरी है
करीब तीन दशक के लंबे करियर के बाद भी केके मेनन की तैयारी में कोई ढील नहीं आई है। क्या इतने वर्षों बाद भी पहले दिन शूटिंग पर घबराहट होती है? इस पर केके मेनन कहते हैं, 'मैं इसे नर्वसनेस नहीं, एसेंशियल टेंशन कहता हूं। थोड़ा-सा टेंशन होना जरूरी है, नहीं तो काम नहीं करता। जैसे 100 मीटर का धावक स्टार्ट लाइन पर खड़ा होता है या क्रिकेटर पहली गेंद खेलने जाता है। हर किसी के भीतर वह थोड़ा-सा टेंशन होना चाहिए, जो आपको अपने पैरों पर खड़ा रखे। बस वह स्ट्रेस नहीं बनना चाहिए।'

के के मेनन
के के मेनन - फोटो : इंस्टाग्राम @kaykaymenon02
मैं सबकुछ नहीं जानता
रोल चुनने को लेकर केके मेनन का कहना है, 'मैंने रोल इसलिए नहीं छोड़ा कि वह सुरक्षित था। मैंने सिर्फ इसलिए छोड़ा क्योंकि उसने मेरी दिलचस्पी नहीं जगाई। रोल चुनने का कोई फॉर्मूला नहीं है। जो मुझे पसंद नहीं आता, वही किसी दूसरे अभिनेता को पसंद आ सकता है। इसलिए मैं यह भी नहीं सोचता कि मैं सब जानता हूं। मुझसे भी गलती हो सकती है।'

काम की चिंता नहीं करता
क्या कभी किसी ठुकराए हुए रोल का अफसोस हुआ? इस सवाल पर उनका जवाब था, 'मैं डिस्पैशनेटली पैशनेट एक्टर हूं। पहले दिन से लेकर डबिंग खत्म होने तक मैं पूरी तरह पैशनेट रहता हूं। उसके बाद मैं पूरी तरह डिस्पैशनेट हो जाता हूं। मैं किसी फिल्म या सीरीज की सफलता या असफलता से खुद को नहीं जोड़ता, क्योंकि मुझे पता है कि मैंने जितनी ईमानदारी और पैशन के साथ काम करना था, कर लिया। अब उस काम की अपनी किस्मत है। मुझे उससे चिपककर रहने की जरूरत नहीं है। पहले मुझे भी दुख होता था। फिर लगा कि मैं इतना तनाव क्यों ले रहा हूं? उसका कोई फायदा नहीं है। वह अपना रास्ता खुद बनाएगा। आपको सिर्फ इस बात की खुशी होनी चाहिए कि आप उसका हिस्सा थे।'

के के मेनन
के के मेनन - फोटो : इंस्टाग्राम @kaykaymenon02
किरदार घर लेकर नहीं जाता
क्या कोई किरदार उनके साथ लंबे समय तक रहता है? इस सवाल पर केके मेनन कहते हैं, 'नहीं... मैं कुछ भी घर लेकर नहीं जाता। काम खत्म हुआ तो खत्म। ज्ञानेश्वर अब दर्शकों का है। मैं बैठकर यह नहीं सोचता कि मैंने कैसी एक्टिंग की या कैसी नहीं की। वह मेरा खेल नहीं है। जिंदगी की तरह है। आप पीछे जाकर उसे बदल नहीं सकते। मेरे लिए सबसे दिलचस्प उसकी सफलता या असफलता नहीं, बल्कि वे 35-40 दिन हैं, जो हमने साथ बिताए। वही वापस नहीं आते। इसलिए वही समय सबसे अच्छा होना चाहिए।'

अपने कई शोज नहीं देखे
बातचीत के आखिर में उन्होंने एक और दिलचस्प बात बताई। 'मैं कैमरे पर इसका नाम नहीं लूंगा, लेकिन मेरे कुछ ऐसे शोज हैं, जिन्हें मैंने आज तक नहीं देखा। मेरे लिए वह ठीक है।'
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Next Article

Followed