तालिबान के मुखिया से भी ज्यादा खूंखार है उसका नंबर दो कमांडर 'हक्कानी'!
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तालिबान के मुखिया मुल्ला अख्तर मंसूर के अमेरिकी ड्रोन हमले में मारे जाने के बाद अब सिराजुद्दीन हक्कानी तालिबान का मुखिया बन सकता है। सिराजुद्दीन हक्कानी इस वक्त तालिबान का नंबर दो कमांडर है।
कहा जा रहा है कि हक्कानी, मंसूर से भी ज्यादा खूंखार आतंकवादी है। अमेरिका ने ड्रोन हमले के जरिए मंसूर का खात्मा तो कर दिया लेकिन सिराजुद्दीन हक्कानी अब अमेरिका की नाक में दम कर सकता है।
अफगानिस्तान के तालिबानी इलाके में आतंक का पर्याय बना हक्कानी नेटवर्क अब और सक्रिय हो सकता है। लेकिन इससे पहले यह जानना जरूरी है कि सिराजुद्दीन हक्कानी तालिबान का सबसे ज्यादा खूंखार कमांडर कैसे बना?
हक्कानी पर अमेरिका ने रखा है 50 लाख डॉलर का इनाम
एनडीटीवी के अनुसार, अमेरिका ने सिराजुद्दीन हक्कानी के सिर पर पांच मिलियन डॉलर यानी 50 लाख डॉलर का इनाम घोषित कर रखा है। अफगानिस्तान और अमेरिकी अधिकारियों का मानना है कि अफगानिस्तान और पाकिस्तान में कराए गए अधिकांश आत्मघाती हमले सिराजुद्दीन हक्कानी ने ही कराए थे। इनमें पिछले महीने काबुल में हुआ धमाका भी शामिल है जिसमें 64 लोगों की जानें गई थीं।
सिराजुद्दीन हक्कानी हक्कानी तालिबान का अगला मुखिया बन कर उनके लिए लड़ाई लड़ेगा जो दशकों से अफगानिस्तान के खूनी संघर्ष कर रहे हैं। सिराजुद्दीन हक्कानी को पिछले साल तालिबान डिप्टी कमांडर बनाया गया था। 2008 में न्यूयार्क टाइम्स के एक पत्रकार को बंधक बनाने के बाद हक्कानी चर्चा में आया था।
ध्यान रहे कि हक्कानी नेटवर्क के नाम से कुख्यात आतंकी नेटवर्क जिसे सिराजुद्दीन हक्कानी चलाता है भी तालिबान के लिए काम करता है। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक हक्कानी नेटवर्क के लोग ज्यादातर अमेरिकी नेतृत्व वाले सुरक्षा बलों को निशाना बनाते हैं। इतना ही नहीं इस नेटवर्क के आतंकी वैश्विक आतंवादी गतिविधियों को भी अंजाम देते हैं।
क्या है हक्कानी के नाम सिराजुद्दीन का मतलब?
अफगानिस्तान के पस्तून इलाके में 1973 में पैदा हुआ सिराजुद्दीन हक्कानी अमेरिकी और नाटो सेनाओं के विरोध में आतंकी गतिविधियों को अंजाम देता है। खासकर पाकिस्तान के वजीरिस्तान इलाके में।
सिराजुद्दीन के नाम के बारे में बात करें तो यह अरबी नाम है सिसका अर्थ धर्म का चिराग होता है। यानी ऐसा दिया जो अपने आप रोशली बिखेरता हो। वहीं विकिपीडिया के अनुसार, हक्कानी का मतलब उचित या ठीक होता है।
ऐसा भी कहा जा रहा है कि हक्कानी नेटवर्क अल कायदा के आतंकियों के लिए पनाहगाह उपलब्ध कराता है। हक्कानी नेटवर्क तालिबान की एक शाखा के रूप में काम करता है जिसका नेतृत्व खुद सिराजुद्दीन हक्कानी करता है।
खबरों के अनुसार फरवरी 2010 में हक्कानी को निशाना बनाते हुए अमेरिकी सेना ने कई ड्रोन हमले किए लेकिन वह बच निकला क्योंकि वह वहां पर मौजूद नहीं था। इसके अलावा 2011 में भी उसे निशाना बनाया गया लेकिन उसे आस-पास बहुत से बच्चे और महिलाएं होने के वजह से उस पर हमला नहीं किया गया।