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‘जिंदगी फिटनेस मॉडल’ नाम से बना एप रखेगा सेहत का ख्याल, कराएगा व्यायाम
इकराम वारिस, अमर उजाला, अलीगढ़
Updated Sun, 08 Jul 2018 05:08 AM IST
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अब ऐसा एप्लीकेशन तैयार हो गया है, जो आपके सेहत का ख्याल रखेगा। इस एप से जुड़ी मोबाइल की घंटी व्यायाम के लिए आपको सुबह उठाएगी। यही ही नहीं व्यायाम कैसे करें और खानपान में क्या होना चाहिए, इसका भी लेखा-जोखा एप में है। इस एप्लीकेशन को केंद्रीय खेल राज्यमंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौर ने देखने की इच्छा जताई है। जल्द ही उनको व प्रदेश के खेल मंत्री चेतन चौहान को यह एप भेज दिया जाएगा।
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भेजेगा खानपान का ब्योरा
‘जिंदगी फिटनेस मॉडल’ एप्लीकेशन को तीन इंजीनियर व फिजिकल एजुकेशनिस्ट की टीम ने तैयार किया है। इस एप्लीकेशन में डेढ़ लाख रुपये की लागत आई है। एप्लीकेशन में व्यायाम करने वाले व्यक्ति का मोबाइल नंबर, हाइट, वजन, उम्र, बीमारी सहित अन्य जानकारियां फीड करनी होगी। इसके बाद उसके मोबाइल पर खानपान का ब्योरा पहुंचता रहेगा। व्यायाम के तरीके की जानकारी मिलती रहेगी। सबसे खास बात इस एप्लीकेशन की यह है कि सुबह ही व्यायाम के लिए उठाएगी। वह भी मोबाइल की घंटी से, जो एप्लीकेशन से जुड़ा है। एप ऑफलाइन व ऑनलाइन भी संचालित होता है।
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शारीरिक क्षमता की हो जाएगी जांच
इस एप्लीकेशन में व्यायाम या योग कि कोई भी क्रिया करने से पहले शारीरिक क्षमता में उसके स्ट्रेंथ, इनडोरेंस, फ्लेक्सिबिलिटी, स्पीड व कोआर्डिनेटिव क्षमता की जांच होती है। किनएंथ्रोपोमेट्रिक माप, शरीर में वसा का प्रतिशत, शरीर का बोन साइज, बायोलॉजिकल आयु, बीएमआई, बीएमआर, शरीर में प्रोटीन की आवश्यकता, आइडियल बाडी वेट, डब्ल्यूएचआर वस्कुलर वसा आदि की जांच भी इसी एप्लीकेशन के जरिये होती है। इसके बाद व्यक्ति को व्यायाम व योग क्रिया करने की असल जानकारी मिलती है।
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देश में इस तरह का पहला एप्लीकेशन होने का दावा
उत्तर प्रदेश ओलंपिक संघ के सह संयुक्त सचिव व फिजिकल के वरिष्ठ ट्रेनर मजहर उल कमर ने बताया कि उन्होंने एप्लीकेशन पर डेढ़ लाख रुपये खर्च किए हैं। उन्होंने दावा किया कि देश में इस तरह का पहला एप्लीकेशन है, जो सिर्फ खेल प्रशिक्षक को प्रशिक्षण के समय होने वाली परेशानियों को ध्यान में रखकर बनाया गया है। इसके जरिये आधे घंटे में कम से कम 80 से 100 लोगों का उनके शारीरिक क्षमता व उसी के बनावट के अनुसार ट्रेनिंग प्रोग्राम संतुलित डाइट चार्ट बनाया जा सकता है। मजहर ने कहा कि एप्लीकेशन में खास यह है कि ट्रेनिंग का शरीर पर क्या प्रभाव पड़ रहा है, उसका आकलन कर उसका प्रिंट निकाला जा सकता है और मोबाइल पर भी इसकी जानकारी दी जा सकती है।