फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Yuva Halla bol will protest against unemployment, inflation and privatization in a unique way

युवा हल्लाबोल का 'जुमला दिवस': 'बेरोजगारी, महंगाई और निजीकरण' के विरोध का अनूठा तरीका

Jitendra Bhardwaj जितेंद्र भारद्वाज
Updated Thu, 16 Sep 2021 06:32 PM IST
सार

'युवा हल्ला बोल' के संस्थापक अनुपम ने कहा, इस बार की खासियत है कि कार्यक्रम में सिर्फ बेरोजगार युवा, बल्कि निजीकरण से परेशान बैंककर्मी और महंगाई से त्रस्त नागरिक भी हिस्सा लेंगे। चौ. चरण सिंह की जयंती पर किसान दिवस, पंडित नेहरू के लिए बाल दिवस, राधाकृष्णन के जन्मदिवस को शिक्षक दिवस और विवेकानंद के लिए युवा दिवस मनाया जाता है। वजह, क्योंकि ये सब इनके प्रतीक थे...

विज्ञापन
Yuva Halla bol will protest against unemployment, inflation and privatization in a unique way
अनुपम, युवा हल्ला बोल - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

बेरोजगारी को राष्ट्रीय बहस बनाने में बड़ी भूमिका निभाने वाले 'युवा हल्ला बोल' के संस्थापक अनुपम ने कहा है कि इस बार प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन को यादगार बना दिया जाएगा। प्रधानमंत्री के जन्मदिवस पर 'जुमला दिवस' मनाएंगे। 'बेरोजगारी, महंगाई और निजीकरण' को लेकर इसके विरोध का यह एक अनूठा तरीका है। देशभर के युवाओं, सरकारी कर्मियों और आम लोगों में इसके प्रति भारी उत्साह है। युवाओं को समय पर रोजगार नहीं मिल रहा है। लाभ में चलने वाले उद्योग धंधे निजी हाथों में जा रहे हैं। महंगाई से कोई बचा नहीं है।

विज्ञापन


अनुपम ने कहा, 17 सितंबर को प्रधानमंत्री का जन्मदिवस है। पिछले साल भी बेरोजगार युवाओं ने इस दिन को 'जुमला दिवस' की तरह मनाया था। इस बार की खासियत है कि कार्यक्रम में सिर्फ बेरोजगार युवा, बल्कि निजीकरण से परेशान बैंककर्मी और महंगाई से त्रस्त नागरिक भी हिस्सा लेंगे। चौ. चरण सिंह की जयंती पर किसान दिवस, पंडित नेहरू के लिए बाल दिवस, राधाकृष्णन के जन्मदिवस को शिक्षक दिवस और विवेकानंद के लिए युवा दिवस मनाया जाता है। वजह, क्योंकि ये सब इनके प्रतीक थे। पीएम मोदी के जीवन और राजनीति का प्रतीक है 'जुमला'। बेरोजगार युवाओं और सरकारी कर्मचारियों से लेकर किसानों तक यह जुमला प्रचलित हो गया है।
विज्ञापन


आखिर प्रधानमंत्री के जन्मदिवस को 'जुमला दिवस' के तौर पर मनाने की नौबत क्यों आई, इस बाबत अनुपम ने कहा, आज देश में किस वर्ग की सुनवाई हो रही है। बेरोजगार युवा, जिन्होंने टेस्ट पास कर लिए हैं, वे सड़कों पर बैठकर नियुक्ति पत्र मांग रहे हैं। उन्हें पुलिस के डंडे खाने पड़ रहे हैं। अर्थव्यवस्था का स्वरूप देखकर कोई भी डर जाए। बहुत हुई महंगाई की मार, हम देश नहीं बिकने देंगे और न जाने क्या से क्या। आज रेल बिक रही है, बैंकों पर ताला लग रहा है, एयरलाइंस की बोली लग रही है। ऐसे में युवाओं को नौकरी कैसे मिलेगी। प्रधानमंत्री तो बेरोजगारी को मान्यता देने के लिए भी तैयार नहीं हैं। अगर सरकार इसे मान्यता दे दो तो कल को इस पर नीति भी बनेगी। मामले का कोई समाधान होगा, लेकिन मोदी सरकार तो मानती ही नहीं कि देश में बेरोजगारों की लंबी कतार है। युवा हल्लाबोल निजीकरण का विरोधी नहीं है। जो चीज भार बन रही है, आप उसे बेच सकते हैं। वह चीज जो लगातार लाभ में जा रही है, उसे क्यों बेचेंगे।

विज्ञापन
विज्ञापन

मुनाफे का निजीकरण, घाटे का राष्ट्रीयकरण

बतौर अनुपम, सरकार ने मुनाफे का निजीकरण कर दिया है और घाटे का राष्ट्रीयकरण। यस बैंक का उदाहरण सबके सामने है। उसे बचाने एसबीआई को सामने आना पड़ा है। घाटे वाले उपक्रमों को पब्लिक सेक्टर खरीदेंगे और लाभ वाली इकाइयों को देश के दो उद्योगपति खरीदेंगे। ये क्या बात हुई। आज बेरोजगारी की गंभीर स्थिति है। 90 फीसदी असंगठित क्षेत्र है। यहां पर रोजगार तभी मिलेगा, जब भारी निवेश होगा। ये सब नहीं हो रहा है। नतीजा, सरकारी विभागों पर नौकरी का दबाव बढ़ रहा है। इस बीच सरकार इतना तो कर सकती है कि सरकारी नौकरी समय पर दे दे। परीक्षाओं के नतीजे कई सालों में आ रहे हैं। सरकारी लापरवाही के चलते नौकरी के लिए युवाओं की आयु निकल रही है। देश में आज भी कम से कम 40 लाख सरकारी पद खाली पड़े हैं। अकेले केंद्र की बात करें तो वह संख्या लगभग आठ लाख है। युवाओं में आक्रोश है कि उन्हें पढ़-लिखकर भी नौकरी नहीं मिल पा रही है। 'युवा हल्ला बोल' के कार्यकारी अध्यक्ष गोविंद मिश्रा ने कहा, 17 सितंबर को कहीं थाली बजाकर, कहीं बेरोज़गारी मार्च निकालकर तो कहीं 'जुमले का केक' काटकर मोदी जी का जन्मदिन मनाया जाएगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed