Andhra Pradesh: कडप्पा में YSRCP-TDP समर्थकों के बीच हिंसक झड़प, एमएलसी रमेश यादव के काफिले पर हमला
आंध्र प्रदेश के कडप्पा में ZPTC उपचुनाव प्रचार के दौरान वाईएसआरसीपी और टीडीपी समर्थकों के बीच हिंसक झड़प हो गई। टीडीपी कार्यकर्ताओं ने कथित तौर पर वाईएसआरसीपी एमएलसी राजेश यादव के काफिल पर हमला कर दिया। इस झड़प में एमएलसी, वाईएसआरसीपी समर्थक रामलिंगा रेड्डी और दो टीडीपी नेता घायल हो गए।
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आंध्र प्रदेश के पुलिवेंदुला निर्वाचन क्षेत्र में ZPTC उपचुनाव प्रचार के दौरान युवजन श्रमिक रायथू कांग्रेस पार्टी (YSRCP) और तेलुगु देशम पार्टी (TDP) समर्थकों के बीच हिंसक झड़प हो गई। समर्थकों की झड़प के बाद कडप्पा जिले के नगगोंडावरिपल्ली गांव में तनाव फैल गया। पुलिस ने बुधवार को बताया कि TDP कार्यकर्ताओं ने कथित तौर पर YSRCP एमएलसी रमेश यादव के काफिले पर पथराव किया और उनके वाहन को क्षतिग्रस्त कर दिया। एमएलसी यादव, YSRCP समर्थक रामलिंगा रेड्डी और दो TDP नेता झड़प में घायल हो गए और उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया।
पुलिस के अनुसार, भारी बारिश के कारण स्थिति कुछ देर के लिए शांत हो गई, लेकिन तनाव फिर से तब बढ़ गया, जब रामलिंगा रेड्डी की टीम कथित तौर पर स्थानीय पुलिस द्वारा जारी सलाह का उल्लंघन करते हुए बिना पूर्व अनुमति के प्रतिबंधित क्षेत्र नलगोंडावरिपल्ली में घुस गई। पुलिस ने बताया कि रामलिंगा रेड्डी का नलगोंडावरिपल्ली से कोई सीधा संबंध नहीं है। उन्हें दूसरे क्षेत्र का बूथ प्रभारी नियुक्त किया गया था। उन्होंने बताया कि अधिकारियों को सूचित किए बिना उनके इस बेतरतीब दौरे की जांच की जा रही है।
ZPTC उपचुनाव पर रखी जा रही कड़ी नजर
पुलिस ने बताया कि पुलिवेंदुला में ZPTC उपचुनाव पर कड़ी नजर रखी जा रही है, क्योंकि यह पूर्व मुख्यमंत्री और विपक्ष के नेता वाईएस जगन मोहन रेड्डी का गृह निर्वाचन क्षेत्र है। दो साल पहले जेडपीटीसी सदस्य सी. महेश्वर रेड्डी के निधन के बाद यह चुनाव जरूरी हो गया था।कथित दबाव के कारण टीडीपी द्वारा उम्मीदवार न उतार पाने के बाद उन्हें निर्विरोध चुना गया था।
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10 और 12 अगस्त को होने वाले हैं चुनाव
मंडल परिषद प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्रों (एमपीटीसी), जिला परिषद प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्रों (जेडपीटीसी) और ग्राम पंचायतों के लिए चुनाव 10 और 12 अगस्त को होने हैं। आंध्र प्रदेश राज्य चुनाव आयोग ने सभी उम्मीदवारों को शांतिपूर्ण चुनाव प्रचार सुनिश्चित करने के लिए पुलिस के साथ समन्वय स्थापित करने का निर्देश दिया है। हालांकि, अधिकारियों ने बताया कि कुछ नेताओं ने सुरक्षा प्रोटोकॉल का उल्लंघन किया है, जिससे पुलिवेंदुला जैसे गुट-संवेदनशील क्षेत्रों में तनाव और बढ़ गया है।
स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है: पुलिस
वाईएसआरसीपी के कडप्पा सांसद अविनाश रेड्डी सहित प्रमुख राजनीतिक हस्तियों के लिए अतिरिक्त सुरक्षा तैनात की गई है, हालांकि कुछ नेताओं ने पुलिस सुरक्षा लेने से इनकार कर दिया है। पुलिस ने कहा, 'स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है और आगे की झड़पों से बचने के लिए उम्मीदवारों को केवल कानून प्रवर्तन एजेंसियों द्वारा सुरक्षित क्षेत्रों में ही प्रचार करने की अनुमति दी जा रही है।' पुलिस ने कहा कि घटना के संबंध में मामला दर्ज किया जा रहा है और जांच की जा रही है।
जगन रेड्डी ने हिंसक हमलों की कड़ी निंदा की
इस बीच, वाईएसआरसीपी सुप्रीमो वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने उपचुनाव प्रचार के दौरान पुलिवेंदुला में टीडीपी कार्यकर्ताओं द्वारा कथित रूप से किए गए हिंसक हमलों की कड़ी निंदा की। उन्होंने घायल नेताओं से फोन पर व्यक्तिगत रूप से बात की, क्षेत्र में बढ़ती राजनीतिक हिंसा के बीच चिंता व्यक्त की और उनके साथ एकजुटता दिखाई।
टीडीपी के अलोकतांत्रिक तरीकों का कड़ा जवाब देंगे लोग: रेड्डी
विपक्षी नेता रेड्डी ने कहा कि पुलिवेंदुला के लोग सब कुछ देख रहे हैं और आगामी स्थानीय निकाय चुनावों में टीडीपी के 'अलोकतांत्रिक तरीकों' का कड़ा जवाब देंगे। नेताओं को हिम्मत बनाए रखने के लिए प्रोत्साहित करते हुए, उन्होंने उन्हें आश्वासन दिया कि पूरी वाईएसआरसीपी एकजुट है और इस राजनीतिक संघर्ष में अपने कार्यकर्ताओं के साथ मजबूती से खड़ी रहेगी।
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YSRCP के नेताओं ने राज्य चुनाव आयुक्त से की मुलाकात
वाईएसआरसीपी के एक प्रतिनिधिमंडल ने आज राज्य चुनाव आयुक्त नीलम साहनी से मुलाकात की और पुलिवेंदुला जिला पंचायत चुनाव प्रचार के दौरान कथित टीडीपी समर्थित हिंसा पर चिंता जताई। प्रतिनिधिमंडल ने कथित हिंसक घटनाओं का ब्योरा दिया, जिसमें नल्लागोंडावरिपल्ली गांव के पास लाठियों से लैस 'टीडीपी समर्थकों' द्वारा वाईएसआरसीपी नेताओं पर हमला भी शामिल है।
स्थानीय पुलिस पर टीडीपी नेताओं के साथ मिलीभगत का आरोप
वाईएसआरसीपी नेताओं ने आरोप लगाया कि स्थानीय पुलिस सत्तारूढ़ पार्टी के नेताओं के साथ मिलीभगत कर रही है। क्षेत्र में विपक्षी उम्मीदवारों और प्रचारकों के लिए बुनियादी सुरक्षा भी सुनिश्चित नहीं कर रही है। इस बीच, सत्तारूढ़ टीडीपी की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई।