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गुजरात के बाद कर्नाटक में भी भाजपा के स्टार प्रचारक रहेंगे योगी
संजय मिश्र / नई दिल्ली
Updated Tue, 26 Dec 2017 04:31 AM IST
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पीएम मोदी, सीएम योगी
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गुजरात में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बाद भाजपा की ओर से सर्वाधिक चुनावी सभाओं को संबोधित करने वाले यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दक्षिण के राज्य कर्नाटक में भी पार्टी के स्टार प्रचारक रहेंगे। पीएम मोदी के अलावा योगी को ध्यान में रखते हुए ही भाजपा कर्नाटक के चुनाव की योजना बना रही है। तीन दिनों पहले ही योगी राज्य की हुबली में सभा कर लौटे हैं। मगर उनके हिन्दूवादी चेहरे को पार्टी की रणनीति बखूबी भूनाने की है। कर्नाटक चुनाव की रणनीति से जुड़े एक नेता के अनुसार योगी के जरिए कई समीकरण सधते हैं।
एक तो वे देश के सबसे बड़े प्रदेश के मुखिया हैं। और दूसरा उनकी छवि हिन्दूवादी मतों को भी लुभाती है। इसलिए योगी को बतौर स्टार प्रचारक बनाना पार्टी को लाभ का सौदा नजर आ रहा है। यही नहीं पार्टी ने पूर्वोत्तर के राज्य त्रिपूरा में लाल सलाम के गढ़ को ध्वस्त करने के लिए भी योगी के भरपूर इस्तेमाल की रणनीति बनाई है। पीएम मोदी के बाद योगी पार्टी के सबसे बड़े ब्रांड चेहरा के रूप में उभरे हैं।
अटल को यादकर सीएम योगी बोले, उनकी एक लाइन दिलों की कड़वाहट को मिठास में बदल देती थी
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कर्नाटक में क्यों अहम हैं योगी
यूपी के योगी कर्नाटक में भाजपा के लिए अहम क्यों हैं। इसपर पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि योगी के जरिए कई चीजें सधती हैं। एक तो महंत होने की वजह से वे हिन्दूत्व के प्रखर चेहरा हैं। तो दूसरी ओर देश के सबसे बड़े प्रदेश का मुख्यमंत्री होने की वजह से उनका कद बड़ा है। तीसरी सबसे बड़ी बात यह है कि बदले आर्थिक परिवेशों की वजह से यूपी और उत्तर भारत के बहुत सारे लोग कर्नाटक में जाकर रह रहे हैं। उन्हें आकर्षित करने में योगी अहम भूमिका निभा सकते हैं। उक्त नेता के अनुसार यह तीन प्रमुख वजह हैं जिसके बदौलत योगी भाजपा के लिए कर्नाटक में भी अहम हैं। आने वाले दिनों में कर्नाटक के लिए उनके दौरे तैयार करने में पार्टी रणनीतिकार जुट गए हैं।
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एक तो वे देश के सबसे बड़े प्रदेश के मुखिया हैं। और दूसरा उनकी छवि हिन्दूवादी मतों को भी लुभाती है। इसलिए योगी को बतौर स्टार प्रचारक बनाना पार्टी को लाभ का सौदा नजर आ रहा है। यही नहीं पार्टी ने पूर्वोत्तर के राज्य त्रिपूरा में लाल सलाम के गढ़ को ध्वस्त करने के लिए भी योगी के भरपूर इस्तेमाल की रणनीति बनाई है। पीएम मोदी के बाद योगी पार्टी के सबसे बड़े ब्रांड चेहरा के रूप में उभरे हैं।
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कर्नाटक में क्यों अहम हैं योगी
यूपी के योगी कर्नाटक में भाजपा के लिए अहम क्यों हैं। इसपर पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि योगी के जरिए कई चीजें सधती हैं। एक तो महंत होने की वजह से वे हिन्दूत्व के प्रखर चेहरा हैं। तो दूसरी ओर देश के सबसे बड़े प्रदेश का मुख्यमंत्री होने की वजह से उनका कद बड़ा है। तीसरी सबसे बड़ी बात यह है कि बदले आर्थिक परिवेशों की वजह से यूपी और उत्तर भारत के बहुत सारे लोग कर्नाटक में जाकर रह रहे हैं। उन्हें आकर्षित करने में योगी अहम भूमिका निभा सकते हैं। उक्त नेता के अनुसार यह तीन प्रमुख वजह हैं जिसके बदौलत योगी भाजपा के लिए कर्नाटक में भी अहम हैं। आने वाले दिनों में कर्नाटक के लिए उनके दौरे तैयार करने में पार्टी रणनीतिकार जुट गए हैं।
कर्नाटक में मठों की है अहमियत
yogi in noida
- फोटो : लाल सिंह
योगी के जरिए भाजपा की रणनीति कर्नाटक के धार्मिक मठों को भी साधने की है। कर्नाटक में विभिन्न संतों और परंपराओं के नाम पर मठों की संख्या भरमार है। कई मठ ऐसे भी हैं जिनकी समाज में गहरी पैठ है। भाजपा की रणनीति योगी के जरिए उन धार्मिक और संतों के मठों को साधने की भी है। ताकि राज्य में हिन्दूत्व का अलख जगाने में भाजपा को आसानी रहे। खुद योगी के करीबी इस बात को स्वीकार कर रहे हैं कि कर्नाटक में नाथ पंथ के मठों की संख्या भरमार में है। और योगी को उन मठों और संतों में अपार समर्थन है। कर्नाटक का दौरा कर योगी उन मठों और उनके प्रभावों को भाजपा के साथ जोड़ सकते हैं।
कर्नाटक के लिए भाजपा के चार मुद्दे
कर्नाटक के लिए भाजपा ने मुद्दे भी तय कर लिए हैं। प्रदेस की सिद्दरमैय्या सरकार के भ्रष्टाचार के अलावा पार्टी नेता सूबे की कानून व्यवस्था, किसानों की दुर्दशा और बंगलौर शहर की बदहाली को मुख्य मुद्दा बनाएंगे। किसानों के मुद्दे पर पार्टी को उम्मीद है कि उनके मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार बीएस येदियुरप्पा का चेहरा कांग्रेस के सीएम पर भारी पड़ेगा।
येदियुरप्पा के कार्यकाल में कृषि क्षेत्र के लिए काफी कार्य हुए हैं। तो कानून व्यवस्था के मामले में पार्टी नेता विभिन्न घटनाओं का हवाला देते हुए कांग्रेस को घेरने की रणनीति बना रहे हैं। तो बंगलौर की ट्रेफिक व्यवस्था सबसे लचर मानी जाने लगी है। यहां के नगरपालिका में कांग्रेस का कब्जा है इसलिए पार्टी नेता बंगलौर के दुर्दशा को भी बड़ा मुद्दा बनाएंगे।
कर्नाटक के लिए भाजपा के चार मुद्दे
कर्नाटक के लिए भाजपा ने मुद्दे भी तय कर लिए हैं। प्रदेस की सिद्दरमैय्या सरकार के भ्रष्टाचार के अलावा पार्टी नेता सूबे की कानून व्यवस्था, किसानों की दुर्दशा और बंगलौर शहर की बदहाली को मुख्य मुद्दा बनाएंगे। किसानों के मुद्दे पर पार्टी को उम्मीद है कि उनके मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार बीएस येदियुरप्पा का चेहरा कांग्रेस के सीएम पर भारी पड़ेगा।
येदियुरप्पा के कार्यकाल में कृषि क्षेत्र के लिए काफी कार्य हुए हैं। तो कानून व्यवस्था के मामले में पार्टी नेता विभिन्न घटनाओं का हवाला देते हुए कांग्रेस को घेरने की रणनीति बना रहे हैं। तो बंगलौर की ट्रेफिक व्यवस्था सबसे लचर मानी जाने लगी है। यहां के नगरपालिका में कांग्रेस का कब्जा है इसलिए पार्टी नेता बंगलौर के दुर्दशा को भी बड़ा मुद्दा बनाएंगे।
येदियुरप्पा की छवि के अलावा 90 सीटों पर विशेष ध्यान
जज के सामने ही रो पड़े येदुरप्पा
- फोटो : getty
अप्रैल में होने जा रहे कर्नाटक विधानसभा चुनाव में भाजपा को ऐतिहासिक जीत प्रदान कराने के लिए पार्टी ने कई स्तर की रणनीति बनाई है। येदियुरप्पा के करिश्में और पार्टी के परंपरागत इलाकों के अलावा भाजपा ने उत्तर कर्नाटक की 30 सीटें, बंगलौर की 30 सीटें और मैसूर के इलाकों की 30 सीटों पर विशेष ध्यान केंद्रीत किया है। उत्तर कर्नाटक के लिए भाजपा ने गोवा के मुख्यमंत्री से पीने के पानी छोड़ने संबंधित बयान दिलवाकर जनता के दिल में जगह बनाने की कोशिश की है।
इस क्षेत्र में पार्टी गोवा से पानी दिलाने को जोर-शोर से भूनाएगी। यहां हुबली, बेलगाम और आसपास के जिले आते हैं। पार्टी के एक वरिष्ठ नेता के अनुसार गोवा से पानी मिलने का मुद्दा करीब सूबे की 100 सीटों पर चर्चा में रहेगा। मगर यह मुद्दा सीधे-सीधे 30 सीटों की जीत-हार तय करेगा। इसलिए पार्टी इसे अपने तरीके से भूनाएगी। तो बंगलौर की बदहाली को निशाना बनाते हुए भाजपा इस शहर के 30 सीटों पर नजर गड़ाए हुए है। वहीं मैसूर क्षेत्र के लिए भी भाजपा टीपू सुल्तान वाले बवाल से बड़ा मुद्दा हाथ लगा गया है।
इस क्षेत्र में पार्टी गोवा से पानी दिलाने को जोर-शोर से भूनाएगी। यहां हुबली, बेलगाम और आसपास के जिले आते हैं। पार्टी के एक वरिष्ठ नेता के अनुसार गोवा से पानी मिलने का मुद्दा करीब सूबे की 100 सीटों पर चर्चा में रहेगा। मगर यह मुद्दा सीधे-सीधे 30 सीटों की जीत-हार तय करेगा। इसलिए पार्टी इसे अपने तरीके से भूनाएगी। तो बंगलौर की बदहाली को निशाना बनाते हुए भाजपा इस शहर के 30 सीटों पर नजर गड़ाए हुए है। वहीं मैसूर क्षेत्र के लिए भी भाजपा टीपू सुल्तान वाले बवाल से बड़ा मुद्दा हाथ लगा गया है।