यस बैंक: राणा कपूर ने खरीदी थी प्रियंका से पेंटिंग, कांग्रेस-भाजपा नेता भिड़े
यस बैंक का वित्तीय संकट सामने आने के बाद कांग्रेस और भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। प्रियंका गांधी से पेंटिंग खरीदने को लेकर भाजपा और कांग्रेस नेता आपस में भिड़ गए हैं। वहीं इस पेंटिंग की कीमत दो करोड़ रुपये बताई जा रही है। सूत्रों के मुताबित अब आयकर इसकी जांच कर सकता है।
भाजपा आईटी सेल के मुखिया अमित मालवीय ने रविवार को कांग्रेस पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि यस बैंक के फाउंडर राणा कपूर ने कुछ साल पहले प्रियंका गांधी से एमएफ हुसैन की एक पेंटिंग खरीदी थी। मालवीय ने जिस पेंटिंग की चर्चा की है वह पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की है जिसे एमएफ हुसैन ने बनाया था।
विवाद बढ़ने पर कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता और वरिष्ठ नेता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि प्रियंका ने राजीव गांधी के चित्र वाली हुसैन की जो पेंटिंग बेची थी उसका भुगतान चेक से हुआ था और इस पर आयकर भी दिया गया था।
दरअसल, मालवीय ने एक मीडिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए ट्वीट कर आरोप लगाया, 'भारत में हर वित्तीय अपराध का गांधी परिवार से संबंध होता है। माल्या सोनिया गांधी को फ्लाइट अपग्रेड टिकट भेजता था। उसकी मनमोहन सिंह और पी चिदंबरम तक पहुंच थी। अब वह फरार है।' उन्होंने दावा किया कि राहुल गांधी ने नीरव मोदी के ज्वेलरी कलेक्शन का उद्घाटन किया और राणा कपूर ने प्रियंका गांधी से पेटिंग खरीदी।
इस पर पलटवार करते हुए सुरजेवाला ने ट्वीट किया, 'एमएफ हुसैन की पेंटिंग 10 साल पहले प्रियंका जी ने राणा कपूर को बेची और इसका अपने आयकर रिटर्न में उल्लेख भी किया। इसका मोदी सरकार में अप्रत्याशित ढंग से दिए गए दो लाख करोड़ रुपये के लोन से भला कैसे कोई संबंध हो सकता है।' उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा नेताओं से राणा कपूर की निकटता सबको पता है।
1/4
How does an M.F.Hussain painting of Rajivji sold TEN yrs ago by Priyanka Ji to Yes Bank owner, Rana Kapoor & disclosed in her Tax Returns connect with unprecedented giving of loans of ₹2,00,000 CR in 5 yrs of Modi Govt?
More so, when proximity to BJP leaders is well known⬇️ pic.twitter.com/RbeLlpeB7t — Randeep Singh Surjewala (@rssurjewala) March 8, 2020
सुरजेवाला ने कहा, 'लोगों के पैसे डूबने के असली मुद्दे से ध्यान भटकाने की बजाय सरकार को यह बताना चाहिए कि यस बैंक की ओर से दिया गया कर्ज मोदी सरकार के पांच साल में 55 हजार करोड़ रुपये से बढ़कर 2.41 लाख करोड़ रुपये कैसे हो गया?'
उन्होंने सवाल किया, 'नोटबंदी के बाद इस बैंक द्वारा कर्ज दिए जाने में 100 फीसदी का इजाफा कैसे हुआ? बैंक पर आरबीआई की रोक के बावजूद प्रधानमंत्री ने गत छह मार्च को इसी बैंक द्वारा प्रायोजित एक सम्मेलन को संबोधित क्यों किया?' कांग्रेस नेता ने यह भी पूछा, 'हरियाणा सरकार ने यस बैंक में एक महीने पहले एक हजार करोड़ रुपये क्यों जमा किए? क्या महाराष्ट्र की इससे पहले की फडणवीस सरकार ने भी यही किया था?'