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साल 2018: देश- दुनिया में कहीं आग ने झुलसाया, कहीं बाढ़ ने बहाया
Thu, 27 Dec 2018 10:09 AM IST
पूजा मेहरोत्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
Published by: पूजा मेहरोत्रा
Updated Thu, 27 Dec 2018 10:09 AM IST
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Year ender 2018
- फोटो : PTI
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साल 2018 कई खट्टी- मीठी यादों के साथ समाप्त होने-होने को है। वैसे तो इस साल देश दुनिया में कई प्राकृतिक हादसे हुए लेकिन जाते-जाते इंडोनेशिया में आई सुनामी ने लोगों को हिलाकर रख दिया। देश-दुनिया में साल 2018 में प्राकृतिक आपदाओं और दुर्घटनाओं के कारण सैकड़ों लोग काल के गाल में समा गए। अकेले दिसंबर माह में इंडोनेशिया की सुनामी की वजह से हजारों लोग बेघर हुइ वहीं सैंकड़ो लोग बेमौत मारे गए।
इस साल सबसे बड़ी आफत केरल में आई। केरल में आई बाढ़ से जहां करीब 500 लोगों की मौत हो गई, वहीं हजारों लोग बेघर हो गए। इसके बाद अगर त्रासदी वाले देश की बात करें तो इंडोनेशिया में बार-बार सुनामी और भूकंप ने दुनिया का ध्यान खींचा। वहीं उत्तर प्रदेश और राजस्थान में तूफान की वजह से भी 100 से अधिक लोगों ने जान गंवाई। भारत में एक के बाद एक कई चक्रवात तूफानों ने इस साफ आतंक मचाया।
बता दें कि जाते जाते 2018 ने इंडोनेशिया में ज्वालामुखी फटने के बाद सुनामी आई। भयंकर सुनामी से करीब 373 लोग काल के गाल में समा गए। हजारों सैन्यकर्मी और बचाव कार्यकर्ता मलबे में तब्दील समुद्र तटों पर पीड़ितों की तलाश में जुटे हैं।
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इस साल सबसे बड़ी आफत केरल में आई। केरल में आई बाढ़ से जहां करीब 500 लोगों की मौत हो गई, वहीं हजारों लोग बेघर हो गए। इसके बाद अगर त्रासदी वाले देश की बात करें तो इंडोनेशिया में बार-बार सुनामी और भूकंप ने दुनिया का ध्यान खींचा। वहीं उत्तर प्रदेश और राजस्थान में तूफान की वजह से भी 100 से अधिक लोगों ने जान गंवाई। भारत में एक के बाद एक कई चक्रवात तूफानों ने इस साफ आतंक मचाया।
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बता दें कि जाते जाते 2018 ने इंडोनेशिया में ज्वालामुखी फटने के बाद सुनामी आई। भयंकर सुनामी से करीब 373 लोग काल के गाल में समा गए। हजारों सैन्यकर्मी और बचाव कार्यकर्ता मलबे में तब्दील समुद्र तटों पर पीड़ितों की तलाश में जुटे हैं।
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केरल में बाढ़ से तबाही, करीब 500 लोगों ने गंवाई जान
kerala flood
- फोटो : pti
केरल में बारिश व बाढ़ की विभीषिका में 483 लोगों की मौत हो गई जबकि लाखों लोग बेघर हो गए। बताया जा रहा है कि केरल में आई यह बाढ़ सदी की सबसे भयावह बाढ़ थी। अगस्त 2018 में मानसून के दौरान जबरदस्त बारिश के कारण केरल को बाढ़ की त्रासदी झेलनी पड़ी। बाढ़ की वजह से लाखों लोगों को अपने घर से हाथ धोना पड़ा। लगातार हो रही बारिश की इतनी भयावह हो गई कि राज्य के सभी 14 जिलों को हाईअलर्ट पर रखा गया था। केरल सरकार के अनुसार राज्य की 1/6 जनसंख्या बाढ़ से सीधे तौर पर प्रभावित हुई। केंद्र सरकार ने इस त्रासदी को स्तर तीन की आपदा घोषित किया। केरल की इस आपदा को देखते हुए देश-दुनिया ने हाथ खोल कर मदद की, सभी राज्यों की मदद को जोड़ा जाए तो केल को कुल 211 कोरड़ की मदद मिली वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केरल सरकार को 500 करोड़ रुपये की मदद की थी।
बाही की आंधी से राजस्थान, यूपी में 125 की मौत
तूफान
- फोटो : SELF
मई महीने में उत्तर प्रदेश और राजस्थान में आये तूफान से 125 लोगों की मौत हो गई और करीब 300 से ज्यादा लोग घायल हो गए। करीब 135 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चले तूफान ने जमकर तबाही मचाई। तूफान की वजह से तमाम घर, पेड़, बिजली के खंबे, मोबाइल के टावर उखड़ गए थे। कई जगहों पर बिजली गिरने से आग तक लगी थी। तूफान का असर उत्तर प्रदेश से सटे कई राज्यों में भी देखने को मिला था। इस दौरान हुई मौत की वजह छत गिरना और मिट्टी के मकान गिरने की वजह से हुई थी।
दक्षिण भारत के तटीय क्षेत्रों पर चक्रवाती तूफान ‘गाजा’का कहर
Gaza Israel Border
नवंबर में चक्रवाती तूफान ‘गाजा’ ने खूब आतंक मचाया। ओडीशा और केरल में तूफान और बारिश की तबाही देख चुकी सरकार इस बार पहले से ही तैयार थी और तमिलनाडु सरकार ने 31 हजार बचाव कर्मियों को पहले से ही तैयार रखा था। वैसे यह तुफान बहुत ज्यादा आतंक नहीं मचा पाया था।
ओडिशा में 'तितली' का कहर, भूस्खलन से 12 लोगों की मौत
Cyclone Titli
ओडिशा और आंध्र प्रदेश में अक्तूबर माह में चक्रवाती तूफान 'तितली' ने जबरदस्त तबाही मचाई। ओडिशा में चक्रवात ‘तितली’ के कारण भारी बारिश से बाढ़ आने के कारण 60 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित हुए। ओडिशा में तूफान के गुजर जाने के बाद से जारी भारी बारिश और भूस्खलन से जानमाल को काफी नुकसान पहुंचा है। ओडिशा के गजपति जिले में भूस्खलन में 12 लोगों की जान चली गई, जबकि कई लोग लापता भी हो गए। इसका सबसे ज्यादा असर गंजम जिले में देखा गया है। यहां बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं। कई इलाकों में चार से पांच फीट तक पानी भर गया।
नंवबर में फेतई ने मचाया कहर
गाजा तूफान
- फोटो : ANI
आंध्रप्रदेश के तटीय क्षेत्र में चक्रवात फेतई से भारी बारिश के कारण पेड़, बिजली के खंभे उखड़ गए जबकि एक व्यक्ति की मौत हो गई। तूफान के कारण ट्रेन और विमान सेवाएं भी प्रभावित हुईं। चक्रवात से राज्य में सबसे ज्यादा पूर्वी गोदावरी जिला प्रभावित हुआ। तूफान की वजह से 20,000 लोगों को राहत शिविरों में जाना पड़ा। नवंबर माह में आए इस तूफान का कहर भी काफी डरा गया था, सरकार ने पहले से ही इससे निपटने की खास तैयारियां कर ली थीं।
नवंबर माह में कैलिफोर्निया में लगी भीषण आग
fire in california
कैलिफोर्निया के जंगलों में लगी भीषण आग से 80 से अधिक लोगों की मौत हुई। जबकि 600 लोग लापता हुए। इस बीच प्रांत की करीब 12 हजार इमारतें पूरी तरह जलकर राख हो गईं वहीं पूरा शहर अपनी पहचान तक खो चुका है। कैलिफोर्निया के पैराडाइज शहर में इस आग ने इतनी तबाही मचाई कि दोबारा बसाने में कई साल लग जाएंगे।
इंडोनेशिया में भूकंप के बाद सुनामी से तबाही, 384 लोगों की मौत
tsunami
इंडोनेशिया में सितंबर माह में दो शक्तिशाली भूकंप के बाद आई सुनामी ने दस्तक दी। भूकंप और सुनामी की वजह से करीब 348 लोगों की मौत होने की खबर आई। देश के सुलावेसी क्षेत्र के पालू शहर में इससे बड़ी तबाही मचाई। भूकंप इतना शक्तिशाली था कि इससे कई इमारतें जमींदोज हो गई थीं। बता दें कि हाल में लंबोक द्वीप पर आए कई भूकंपों में करीब 500 लोगों की मौत हुई थी।
इंडानेशिया की आपदा एजेंसी ने इंडोनेशियाई शहर में भूकंप और सुनामी के कारण कम से कम 348 लोग मारे गए हैं। आपदा एजेंसी ने बताया था कि सुलावेसी द्वीप के पालू में 356 लोग जख्मी हुए, वहां पांच-पांच फुट की लहरें उठीं और 350,000 आबादी वाले इस शहर को अपनी चपेट में ले लिया।
इंडोनेशिया में लगातार भूकंप और सुनामी आती रही हैं। 5 अगस्त 2018 को भी इंडोनेशिया में 6.9 मैग्नीट्यूड का भूकंप आया था। इंडोनेशिया के द्वीप लंबोक और पास के बाली में सबसे ज्यादा तबाही देखने को मिली थी। इससे पहले, जुलाई के अंत में भी 6.4 मैग्नीट्यूड का भूकंप आया था। इसके बाद भी कई झटके महसूस किए गए थे, इस आपदा में करीब 470 लोगों की मौत हुई थी।
इंडानेशिया की आपदा एजेंसी ने इंडोनेशियाई शहर में भूकंप और सुनामी के कारण कम से कम 348 लोग मारे गए हैं। आपदा एजेंसी ने बताया था कि सुलावेसी द्वीप के पालू में 356 लोग जख्मी हुए, वहां पांच-पांच फुट की लहरें उठीं और 350,000 आबादी वाले इस शहर को अपनी चपेट में ले लिया।
इंडोनेशिया में लगातार भूकंप और सुनामी आती रही हैं। 5 अगस्त 2018 को भी इंडोनेशिया में 6.9 मैग्नीट्यूड का भूकंप आया था। इंडोनेशिया के द्वीप लंबोक और पास के बाली में सबसे ज्यादा तबाही देखने को मिली थी। इससे पहले, जुलाई के अंत में भी 6.4 मैग्नीट्यूड का भूकंप आया था। इसके बाद भी कई झटके महसूस किए गए थे, इस आपदा में करीब 470 लोगों की मौत हुई थी।
fire shimla
ग्वाटेमाला का ज्वालामुखी विस्फोट
ग्वाटेमाला का फुएगो ज्वालामुखी जून के शुरुआती महीने में फटा था। इससे निकला लावा काफी तेजी से आसपास के इलाकों में फैल गया था। यहां से निकली गर्म गैसों और चट्टानों ने काफी नुकसान पहुंचाया। इन चट्टानों की गति 90 मील प्रति घंटा थी इसकी चपेट में करीब 1000 लोग आए थे जिसमें से 425 लोगों की जान गई थी।
जापान की बाढ़
2018 में जापान में बारिश और भूस्खलन से काफी तबाही मचाई. जुलाई में हुई बारिश से 220 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी. यहां के पहाड़ों में हुई बारिश का पानी शहरों में तबाही लेकर आया. इससे पहाड़ के साथ ही कई मैदानी इलाकों में बारिश ने अपना कहर बरपाया था.
नाइजीरिया की बाढ़
flood
नाइजीरिया में सितंबर के महीने में आई बाढ़ से 20 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित हुए थे। बाढ़ इतनी तीव्र थी कि इसमें लोगों के घर, सामान और जानवर तक बह गए थे। इस बाढ़ में 200 से ज्यादा मौतें हुई थीं जबकि 13 हजार से अधिक घर पानी की चपेट में आकर बह गए थे। यही नहीं बाढ़ से नाइजीरिया के 26 प्रांतों में से एक तिहाई राज्य पानी में पूरी तरह से डूब गए थे।
उत्तर कोरिया की बाढ़
उत्तर कोरिया में 2018 के अगस्त महीने के अंत में और सितंबर की शुरुआत में हुई जोरदार बारिश से बाढ़ और भूस्खलन हुआ था। इंटरनेशनल फेडरेशन ऑफ रेड क्रॉस और रेड क्रेसेंट सोसाइटीज की रिपोर्ट के मुताबिक इस आपदा में कम से कम 151 लोगों की मौत हुई थी और 800 इमारतें बह गई थीं। यहां से बहुत कम तस्वीरें और खबरें इंटरनेशनल मीडिया में आ पाती हैं इसलिए पूरी तरह से खबरें सुर्खियां नहीं बटोर पाती हैं।पाकिस्तान की लू
Fire
पाकिस्तान में इस बार गर्मी के महीने में लू और गर्म हवाओं के थपेड़ों से खूब झुलसाया। आर्थिक राजधानी कराची में मई 2018 में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर चला गया था। कई दिनों तक यहां गर्मी और लू का कहर देखने को मिला था। लू से पाकिस्तान में कम से कम 180 मौत हुई थी। मरने वाले लोगों में गरीब बुजुर्ग और बच्चे ज्यादा थे।
ग्रीस के जंगलों में जुलाई के आखिरी हफ्ते में लगी आग से भीषण नुकसान हुआ था। इसमें कम से कम 126 लोगों की जान गई थी। कई लोगों की मौत आग में जलने से हुई तो कई लोग आग से बचने के लिए समुद्र में कूद कर मौत के आगोश में समा गए।
साल 2018 के फरवरी महीने में पापुआ न्यू गिनी के सदर्न हाइलैंड्स प्रांत में भूकंप से काफी नुकसान हुआ। 7.5 मैग्नीट्यूड वाले इस भूकंप में 145 लोगों की जान गई। इस भूकंप के बाद कई जगहों पर भूस्खलन और आफ्टरशॉक्स देखने को मिले। खबरों के मुताबिक इस भूकंप से करीब पांच लाख लोग प्रभावित हुए थे।
ग्रीस के जंगलों की आग
ग्रीस के जंगलों में जुलाई के आखिरी हफ्ते में लगी आग से भीषण नुकसान हुआ था। इसमें कम से कम 126 लोगों की जान गई थी। कई लोगों की मौत आग में जलने से हुई तो कई लोग आग से बचने के लिए समुद्र में कूद कर मौत के आगोश में समा गए।
पापुआ न्यू गिनी का भूकंप
साल 2018 के फरवरी महीने में पापुआ न्यू गिनी के सदर्न हाइलैंड्स प्रांत में भूकंप से काफी नुकसान हुआ। 7.5 मैग्नीट्यूड वाले इस भूकंप में 145 लोगों की जान गई। इस भूकंप के बाद कई जगहों पर भूस्खलन और आफ्टरशॉक्स देखने को मिले। खबरों के मुताबिक इस भूकंप से करीब पांच लाख लोग प्रभावित हुए थे।