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चिंताजनक: तंत्र-मंत्र और अंधविश्वास के फेर में मारे जा रहे 16 प्रजातियों के उल्लू

Thu, 05 Aug 2021 06:48 AM IST
Kuldeep Singh अमर उजाला रिसर्च टीम, नई दिल्ली
अमर उजाला रिसर्च टीम, नई दिल्ली Published by: Kuldeep Singh Updated Thu, 05 Aug 2021 06:48 AM IST
सार

  • कई क्षेत्रों में तंत्रमंत्र करने वाले और अंधविश्वासी लोग उल्लुओं को मारकर कर रहे अंगों का इस्तेमाल 
  • डब्ल्यूडब्ल्यूएफ और ट्रैफिक संस्था द्वारा 4 अगस्त को अंतर्राष्ट्रीय उल्लू जागरूकता दिवस पर दी जानकारी 

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WWF says 16 species of owls being killed due to occultism
Owl - फोटो : twitter.com/VenusNabs

विस्तार

विश्व में उल्लू पक्षी की करीब 250 प्रजातियां हैं, इनमें 36 भारत में भी पाई जाती है। लेकिन तंत्रमंत्र और इसी प्रकार के दूसरे अंधविश्वास भरे कामों में करीब 16 प्रजातियों के उल्लू सबसे ज्यादा मारे जा रहे हैं। इस बारे में विश्व वर्ल्ड वाइल्डलाइफ फंड (डब्ल्यूडब्ल्यूएफ) और ट्रैफिक संस्था द्वारा 4 अगस्त को अंतर्राष्ट्रीय उल्लू जागरूकता दिवस पर जानकारी दी गई।

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इस संस्था के अनुसार भारत में उल्लू अंधविश्वास का शिकार बन खत्म हो रहे हैं। कई क्षेत्रों में तंत्रमंत्र करने वाले और अन्य अंधविश्वास फैलाने वाले कुछ लोग इनके विभिन्न अंगों का इस्तेमाल करने के लिए उल्लुओं को पकड़कर मार रहे हैं। विभिन्न हिस्सों में कई प्रजातियों के उल्लू जो सामान्य तौर पर पाए जाते थे, अब उनकी संख्या तेजी से घट रही है।
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ट्रैफिक के भारत प्रमुख डॉ. साकेत बडोला के अनुसार शिकार और तस्करी इसकी सबसे बड़ी वजह है। यह शिकार अंधविश्वास की वजह से ही हो रहे हैं। लोग इन पक्षियों के पर्यावरण में महत्व को न समझ कर और तंत्रमंत्र करने वालों की बातों में आ नुकसान पहुंचा रहे हैं। इसी वजह से ज्यादा शिकार हो रहे 16 प्रजातियों के उल्लुओं की पहचान की गई, ताकि आम नागरिक भी जागरुक हों और इनकी पहचान कर, यह सब रोकने में मददगार बनें।
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बलि से लेकर सभी अंगों का तंत्र मंत्र के नाम पर इस्तेमाल
देश के कई इलाकों में तंत्रमंत्र के नाम पर उल्लुओं की बलि दी जाती है। वहीं इसके कई अंगों का इस्तेमाल भी होता है। खासतौर से दीपावली करीब आने के साथ ही इन्हें पकड़ने वाले इनकी जान के दुश्मन बन जाते हैं। तंत्रमंत्र में इनके सिर, पंख, कान के हिस्से, पंजे, ह्रदय, लिवर, किडनी, खून, आंखें, चर्बी, चोंच, अंडे, अंडे के छिलके, हड्डियां और मांस तक का अंधविश्वासों की वजह से इस्तेमाल होता है।

चूहों से खेत बचाना है तो उल्लू बचाएं
डब्ल्यूडब्ल्यूएफ इंडिया के सीईओ रवि सिंह के अनुसार उल्लू शिकार करने वाले पक्षी हैं। इन्हें किसान मित्र माना जाना चाहिए, क्योंकि यह खेतों से चूहों को खत्म करने का काम करते हैं।


इन 16 प्रजातियों का सबसे ज्यादा शिकार...ओरिएंटल स्कोप्स आउल, मोटल्ड वुड आउल, ब्राउन वुड, कॉलार्ड स्कोप्स, टॉनी फिश आउल, स्पॉट-बैलिड ईगल-आउल, स्पॉटेड आउलेट, जंगल आउलेट, ब्राउन हॉक आउल, बार्न आउल, कॉलर्ड आउलेट, एशियन बॉर्ड आउलेट, ब्राउनफिश आउल, डस्की-ईगल आउल, ईस्टर्न ग्रास आउल, रॉक फिश आउल।

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