फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   won Vir Chakra but lose by the system

जंग में जीते पर सिस्टम से हारे वीरचक्र विजेता

Wed, 28 Sep 2016 03:39 AM IST
चंद्रशेखर जोशी/ अमर उजाला, चंपावत
चंद्रशेखर जोशी/ अमर उजाला, चंपावत Updated Wed, 28 Sep 2016 03:39 AM IST
विज्ञापन
won Vir Chakra but lose by the system

उड़ी में हुए आतंकी हमले में 18 जवानों की शहादत से देश गमगीन है। लोगों में शहीदों के प्रति संवेदनाओं का ज्वार उमड़ रहा है, लेकिन कई सैनिकों से किए गए सरकारी वायदे अब तक पूरे नहीं हो सके हैं। चंपावत में वीरचक्र विजेता सैनिक को दान दी गई जमीन पर सरकार कब्जा नहीं दिला पाई है। कुछ महीने पूर्व दूसरी जगह जमीन आवंटित करने की मुख्यमंत्री हरीश रावत की स्वीकृति भी हवा-हवाई साबित हुई। 

विज्ञापन


टनकपुर के सूबेदार चंद्री चंद ने 1948 में पाकिस्तान की ओर से किए गए हमले में अतुलनीय पराक्रम दिखाया था। इस अदम्य साहस के लिए राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने उनको सन् 1950 में वीर चक्र से सम्मानित किया था। सन् 1978 में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा छह अन्य पूर्व सैनिकों के साथ चंद्री चंद को खटीमा तहसील के बिल्हेरी गांव में 20 बीघा जमीन पुरस्कार के तौर पर दी गई थी।
विज्ञापन


संबंधित कागजात तो मिले लेकिन जमीन नहीं मिली। नवंबर 2007 में आखिरी सांस लेने से पूर्व तक वे इस जमीन के लिए लड़ते रहे। चंद्री चंद के बेटे किशन चंद बताते हैं कि जमीन पर पहले से ताकतवर लोगों का कब्जा था। जमीन हासिल करने के लिए उन्होंने अधिकारियों से लेकर राष्ट्रपति तक से फरियाद की, लेकिन जमीन नहीं मिली।
विज्ञापन
विज्ञापन


इस वर्ष मार्च में चंद्री चंद के सैनिक बेटे राजेंद्र चंद ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर आवंटित जमीन को गृह जिले चंपावत में उपलब्ध कराने का आग्रह किया था। सीएम हरीश रावत ने स्वीकृति दी और प्रशासन को कार्यवाही के निर्देश दिए। मगर अभी तक इस पर आगे कार्यवाही नहीं हो सकी है।

फौज का जुनून अब भी बरकरार
जीवनभर तंग हाल रहे वीरचक्र विजेता चंद्री चंद के बेटे में भी सैनिक के रूप में देश की सेवा करने का जुनून है। छोटा बेटा भी फौजी है। दूसरा बेटा किशन खेती के अलावा होटल का कामकाज देखते हैं।


‘मुख्यमंत्री के आदेश के मुताबिक वीरचक्र विजेता चंद्री चंद को चंपावत जिले में जमीन देने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। राजस्व उप निरीक्षक को भूमि का चयन कर प्रस्ताव देने के निर्देश दिए गए हैं।’
- नरेश दुर्गापाल (उप जिलाधिकारी, टनकपुर)

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed