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अमेजॉन के साथ 70 लाख रुपये की धोखाधड़ी के आरोप में महिला गिरफ्तार
amarujala.com- Presented by: पवन नाहर
Updated Wed, 10 May 2017 01:01 PM IST
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कर्नाटक की राजधानी बंगलूरू में एक महिला को ई-कॉमर्स वेबसाइट अमेजॉन के साथ धोखाधड़ी के आरोप में एक महिला को गिरफ्तार किया गया है। अमेजॉन इंडिया ने कहा कि महिला ऑनलाइन समान खरीद कर सस्ता और दोयम दर्जे का सामान वापिस भेज देती थी। इस तरह उसने कंपनी को कुल 69.91 लाख रुपये का चूना लगाया था।
32 वर्षीय दीपांविता घोष पेशे से इंजीनियर है। मूल रूप से पश्चिम बंगाल की रहने वाली दीपांविता अपने पति के साथ बंगलूरू में ही रहती है। एक पेशेवर आईटी कंपनी नौकरी करने वाली घोष ऑनलाइन शॉपिंग की शौकीन थी और इसी वजह से उन्होंने सिस्टम को धोखा देने की प्लानिंग की।
18 अप्रैल को दायर की गई पुसिल शिकायत में घोष ने नकली नाम से करीब 104 चीजें खरींदी, जिसमें महंगे मोबाइल फोन, डीएसएलआर कैमरे, टीवी औऱ अन्य इलैक्ट्रॉनिक सामना शामिल था। इन्हें मंगवा कर वो 24 घंटे में रिफंड की मांग करती थी। बंगलूरू पुलिस के उपायुक्त ने कहा कि हर बार डिलेवरी और कलेक्शन का पता अलग-अलग होता था। अपने अकाउंट में पैसा आने के बाद आरोपी महिला सस्ता प्रॉडक्ट थमा देती थी।
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पुलिस ने बताया कि कंपनी ने पॉलिसी के अनुसार सामान स्वीकार करने से पहले उसे खोलकर उसकी जांच करना जरूरी नहीं। बीते एक साल में महिला इसी बात का फायदा उठा रही थी। जब बंगलूरू से ही इस तरह की घटनाओं की संख्या लगातार बढ़ती रही, तो कंपनी ने आंतरिक जांच की और घोष को पकड़ लिया गया।
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32 वर्षीय दीपांविता घोष पेशे से इंजीनियर है। मूल रूप से पश्चिम बंगाल की रहने वाली दीपांविता अपने पति के साथ बंगलूरू में ही रहती है। एक पेशेवर आईटी कंपनी नौकरी करने वाली घोष ऑनलाइन शॉपिंग की शौकीन थी और इसी वजह से उन्होंने सिस्टम को धोखा देने की प्लानिंग की।
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18 अप्रैल को दायर की गई पुसिल शिकायत में घोष ने नकली नाम से करीब 104 चीजें खरींदी, जिसमें महंगे मोबाइल फोन, डीएसएलआर कैमरे, टीवी औऱ अन्य इलैक्ट्रॉनिक सामना शामिल था। इन्हें मंगवा कर वो 24 घंटे में रिफंड की मांग करती थी। बंगलूरू पुलिस के उपायुक्त ने कहा कि हर बार डिलेवरी और कलेक्शन का पता अलग-अलग होता था। अपने अकाउंट में पैसा आने के बाद आरोपी महिला सस्ता प्रॉडक्ट थमा देती थी।
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पुलिस ने बताया कि कंपनी ने पॉलिसी के अनुसार सामान स्वीकार करने से पहले उसे खोलकर उसकी जांच करना जरूरी नहीं। बीते एक साल में महिला इसी बात का फायदा उठा रही थी। जब बंगलूरू से ही इस तरह की घटनाओं की संख्या लगातार बढ़ती रही, तो कंपनी ने आंतरिक जांच की और घोष को पकड़ लिया गया।