{"_id":"5c7fdff0bdec2214114a2236","slug":"will-rafale-rain-votes-both-congress-and-bjp-have-played-claims","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"क्या 'राफेल' से बरस पाएंगे वोट, कांग्रेस-भाजपा दोनों ने खेला दांव... ","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
क्या 'राफेल' से बरस पाएंगे वोट, कांग्रेस-भाजपा दोनों ने खेला दांव...
Wed, 06 Mar 2019 09:36 PM IST
Gaurav Pandey
जितेंद्र भारद्वाज, अमर उजाला, नई दिल्ली
जितेंद्र भारद्वाज, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Gaurav Pandey
Updated Wed, 06 Mar 2019 09:36 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एयर स्ट्राइक से पहले भारतीय राजनीति के आसमान में 'राफेल' की उड़ान कुछ धीमी पड़ गई थी। पुलवामा हमले के बाद से लेकर बालाकोट एयर स्ट्राइक तक राफेल का मुद्दा शांत रहा। भले ही राजनीतिक दल राष्ट्रवाद के चक्कर में जानबूझ कर इस पर कुछ न बोले हों, लेकिन पीएम मोदी ने एयर स्ट्राइक के बाद सार्वजनिक तौर पर एक बार फिर राफेल उड़ा दिया। उड़ाया भी इस अंदाज में कि राफेल के मुंह की दिशा ही बदल गई। कांग्रेस, जिस राफेल को लेकर चुनाव में उतरने वाली थी, वह उसी की तरफ आने लगा।
विज्ञापन
बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में राफेल केस की सुनवाई चल रही थी। इस बीच माजरा भांप कर कांग्रेस ने भी स्पष्ट कर दिया कि जनता ही सबसे बड़ी अदालत है। सबसे बड़ा कानून और संविधान भी जनता है। राफेल का मुद्दा अब जनता के बीच जाएगा। जनता सब जानती है और चोरों को पहचानती है। दांव तो दोनों पार्टियों ने खेल दिया है, अब ये तो चुनाव ही बताएगा कि राफेल से बरसने वाले वोट किसके पाले में गिरते हैं।
विज्ञापन
बता दें कि एयर स्ट्राइक से पहले कांग्रेस पार्टी कथित राफेल घोटाले में भाजपा पर लगातार हमलावर रही है। खुद राहुल गांधी कई बार कह चुके थे कि 2019 के लोकसभा चुनाव में प्रमुख मुद्दा राफेल ही रहेगा। राहुल का कहना था कि पिछले साल तीन राज्यों में कांग्रेस पार्टी ने जो विजय हासिल की है, उसमें राफेल का असर साफतौर पर देखा जा सकता है। यही वजह रही कि पार्टी ने इस मुद्दे पर दर्जनों प्रेसवार्ता और विरोध प्रदर्शन कर भाजपा को घेरने का पूरा प्रयास किया। भाजपा भी इस मुद्दे पर कांग्रेस के हमलों से तंग आ चुकी थी।
विज्ञापन
राफेल पर जवाब देने के लिए भाजपा ने एक ही दिन में सत्तर से ज्यादा जगहों पर प्रेसवार्ता कराई, लेकिन कांग्रेस पार्टी हर सप्ताह राफेल को लेकर कोई न कोई दस्तावेज सार्वजनिक करती रही। पुलवामा हमले के बाद लगा कि यह मुद्दा जैसे खत्म ही हो गया, लेकिन इस बीच पीएम मोदी ने जब ये कहा कि आज एयरफोर्स के पास राफेल होता तो हालत कुछ और होते। राफेल न होने का नुकसान देश ने देख लिया है। मोदी के इस बयान के बाद राफेल की दिशा ही बदल गई। जनता में यह संदेश पहुंचने लगा कि राफेल तो बहुत जरुरी है। सौदे में घोटाले जैसे आरोप-प्रत्यारोप लोगों के जेहन से दूर जाने लगे।
मोदी राफेल सौदे में निर्दोष हैं तो एफआईआर दर्ज करा दें : सुरजेवाला
कांग्रेस पार्टी ने भी मौजूदा राजनीतिक माहौल को देखते हुए राफेल को दोबारा से उड़ाने के लिए बुधवार को एक बार फिर नया खुलासा कर दिया। कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा, इस सौदे में तमाम नियमों को ताक पर रख दिया गया है। उन्होंने पीएम मोदी पर आरोप लगाते हुए कहा, अगर वे समझते हैं कि राफेल सौदे में दोषी नहीं हैं और खुद को निर्दोष समझते हैं तो इस मामले की जांच के लिए एफआईआर दर्ज करा दें।
मोदी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, जो व्यक्ति 2014 में चिल्ला-चिल्ला कर भ्रष्टाचार की दुहाई दे रहा था, वही व्यक्ति आज हर मंच से हमारी वायुसेना और सेना के पीछे खड़े होकर वोट बटोरने का षड़यंत्र कर रहा है। सुरजेवाला बोले, राफेल मामले में अब इतने सबूत आ चुके हैं कि उन्हें देखकर कोई भी व्यक्ति यह कह सकता है कि चौंकीदार चोर है। सुप्रीम कोर्ट में मामला है, लेकिन पार्टी अब इसे जनता के बीच ले जाएगी। इस मामले की शुरुआत से लेकर अब तक की हर सच्चाई जनता के समक्ष रखेंगे। जनता सबसे बड़ा कानून है। चुनाव प्रचार में 'राफेल घोटाला' कांग्रेस पार्टी का सबसे बड़ा मुद्दा रहेगा।
इससे पहले मंगलवार को पूर्व रक्षामंत्री एके एंटनी ने कहा था, हमारे प्रधानमंत्री देश में घूम रहे हैं और गलत जानकारियां फैला रहे हैं। कैग रिपोर्ट से साफ है कि पूर्व की राजग सरकार ने राफेल डील में चार साल बर्बाद कर दिए। जब संप्रग सरकार आई तो हमने राफेल खरीद प्रक्रिया दोबारा शुरू की थी। आज भाजपा नेता एयर स्ट्राइक और राफेल पर राजनीति कर रहे हैं। जनता सब समझती है कि राफेल एक घोटाला है। एनडीए-भाजपा सरकार इससे बच नहीं सकती।
मोदी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, जो व्यक्ति 2014 में चिल्ला-चिल्ला कर भ्रष्टाचार की दुहाई दे रहा था, वही व्यक्ति आज हर मंच से हमारी वायुसेना और सेना के पीछे खड़े होकर वोट बटोरने का षड़यंत्र कर रहा है। सुरजेवाला बोले, राफेल मामले में अब इतने सबूत आ चुके हैं कि उन्हें देखकर कोई भी व्यक्ति यह कह सकता है कि चौंकीदार चोर है। सुप्रीम कोर्ट में मामला है, लेकिन पार्टी अब इसे जनता के बीच ले जाएगी। इस मामले की शुरुआत से लेकर अब तक की हर सच्चाई जनता के समक्ष रखेंगे। जनता सबसे बड़ा कानून है। चुनाव प्रचार में 'राफेल घोटाला' कांग्रेस पार्टी का सबसे बड़ा मुद्दा रहेगा।
इससे पहले मंगलवार को पूर्व रक्षामंत्री एके एंटनी ने कहा था, हमारे प्रधानमंत्री देश में घूम रहे हैं और गलत जानकारियां फैला रहे हैं। कैग रिपोर्ट से साफ है कि पूर्व की राजग सरकार ने राफेल डील में चार साल बर्बाद कर दिए। जब संप्रग सरकार आई तो हमने राफेल खरीद प्रक्रिया दोबारा शुरू की थी। आज भाजपा नेता एयर स्ट्राइक और राफेल पर राजनीति कर रहे हैं। जनता सब समझती है कि राफेल एक घोटाला है। एनडीए-भाजपा सरकार इससे बच नहीं सकती।