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पीएम मोदी, केंद्रीय मंत्री उमा से आस, क्या इलाहाबाद में गंगा को मिलेगी संजीवनी?

Sun, 12 Jun 2016 02:01 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, इलाहाबाद
ब्यूरो/ अमर उजाला, इलाहाबाद Updated Sun, 12 Jun 2016 02:01 AM IST
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will Ganga get life  in Allahabad question from narendra modi and uma bharti
गंगा स्वच्छता को बड़े-बड़े दावे, 2018 तक अविरल-निर्मल कराने का भरोसा - फोटो : Getty Images

केंद्र में भाजपा की सरकार बनने के बाद गंगा स्वच्छता को लेकर बड़े-बड़े दावे, यहां तक की 2018 तक गंगा को पूरी तरह अविरल-निर्मल करने तक का भरोसा दिलाने के बाद जमीन हकीकत इससे इतर। इलाहाबाद में गंगा जल की स्थिति बद से बदतर हो गई है। यहां गंगा का अस्तित्व नालों से आ रहे गंदे पानी की वजह है, जिससे उठती दुर्गंध के बीच दूर-देश से आने वाले श्रद्धालु संगम में डुबकी लगा रहे हैं। अब शहर में हो रही भाजपा कार्य समिति की दो दिवसीय बैठक और फिर मोदी की रैली से इलाहाबादियों को गंगा की हालत में सुधार की उम्मीद है। शहरियों को भरोसा है कि दो वर्ष बाद ही सही अब प्रधानमंत्री और केंद्रीय जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा कायाकल्प मंत्री उमा भारती गंगा के उद्धार के लिए बड़ी घोषणा कर सकती हैं।

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कानपुर से निकलकर इलाहाबाद तक पहुंचने तक गंगा बेदम हो जा रही हैं। कानपुर की टेनरियों से निकलने वाला जहर लेकर इलाहाबाद पहुंचने के बाद यहां सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) से बिना ट्रीटमेंट के छोड़े जा रहे पानी के कारण गंगा की हालत दयनीय हो गई है। ऊपर से पानी न छोड़े जाने के कारण पहले ही कराह रही गंगा संगम तक पहुंचते-पहुंचते कछार में खो सी गई हैं। बेहद कम जलस्तर के कारण रसूलाबाद से दारागंज होकर संगम तक गंगा के तकरीबन 15 किलोमीटर में हिस्से में बीच-बीच में टापू बन गए हैं। केंद्र में भाजपा सरकार बनने के बाद अलग से नदी विकास एवं गंगा कायाकल्प मंत्रालय बनाया गया।
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इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी और उमा भारती जनसभाओं समेत कई मौकों पर गंगा की स्वच्छता का दावा कर चुके हैं। भाजपा सरकार बनने के बाद उमा भारती चार बार इलाहाबाद आईं और हर बार गंगा स्वच्छता का दावा किया, लेकिन सच्चाई इसके पूरी तरह विपरीत है। गंगा सफाई के लिए ट्रैस स्कीमर मशीन आई, लेकिन जलस्तर कम होने के कारण वह काम नहीं कर सकी। गंगा से गाद निकालने का जो काम सबसे ज्यादा जरूरत है, वह अब तक नहीं शुरू हुआ।
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और तो और करोड़ों की लागत से बने मेंहदौरी, सलोरी, नुमायाडाही, पोंगहट एसटीपी पूरी क्षमता से काम नहीं कर रहे हैं। इन एसटीपी से भारी मात्रा में सीवर का पानी बिना ट्रीटमेंट के गंगा में जा रहा है और मोदी एवं उमा भारती गंगा को 2018 तक पूरी तरह स्वच्छ करने का दावा कर रही हैं। अब 12 एवं 13 जून को भाजपा कार्य समिति की बैठक और उसके बाद परेड मैदान की रैली में शहरियों को प्रधानमंत्री की ओर से गंगा को संजीवनी देने के लिए बड़ी घोषणा का आस है। ऐसा इसलिए भी मोदी और उमा भारती के दावे के हिसाब से अब गंगा को अविरल-निर्मल करने में एक वर्ष का ही समय बचा है।

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