कर्नाटक में येदियुरप्पा पर 75 पार का बैरियर लगाने में भाजपा क्यों दिखी लाचार
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पुरुषार्थ समय की धारा को बदलकर अपवाद को जन्म दे देता है। कर्नाटक के भावी मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा पर यह लाइन काफी सटीक बैठ रही है। कुछ समय बाद ही राजभवन में आनन-फानन में मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने वाले बीएस येदियुरप्पा पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह का 75 साल की उम्र का बैरियर नहीं चल पाया। भाजपा के कार्यावहक अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा न तो इस मामले में साफ-साफ सफाई दे पाए और न ही उनसे कुछ साफ कहते बना।
क्यों लाचार है भाजपा?
76 साल से अधिक के हो चले बीएस येदियुरप्पा कर्नाटक में भारतीय जनता पार्टी पर काफी मजबूत पकड़ रखते हैं। वह कर्नाटक में कमल खिलाने वाले पहले मुख्यमंत्री रहे हैं। इस समय कर्नाटक में भाजपा के सभी अंदरुनी गुटों पर काफी भारी हैं। पूर्व भाजपा नेता और केंद्रीय मंत्री स्व. अनंत कुमार, केंद्रीय मंत्री सदानंद गौड़ा, भाजपा के वरिष्ठ नेता ईश्वरप्पा, श्रीरामालु, गली जनार्दन रेड्डी समेत अन्य सभी के पास मन से येदियुरप्पा का नेतृत्व स्वीकारने का ही विकल्प है।
भाजपा के अंदरखाने के सूत्र बताते हैं कि तब येदियुरप्पा 75 साल के होने वाले थे, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें 2018 में प्रस्तावित राज्य विधानसभा चुनाव में भाजपा को जीत दिलाने के इरादे से भेजा था। प्रधानमंत्री ने येदियुरप्पा को मुख्यमंत्री बनाए जाने का आश्वासन भी दिया था। गुजरात विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने साफ कर दिया था कि केवल कर्नाटक विधानसभा का चुनाव बीएस येदियुरप्पा को मुख्यमंत्री का चेहरा पेश करके लड़ा जाएगा। भाजपा ने मई 2018 में इस वादे को निभाया। जुलाई 2019 में भी इसी के तहत येदियुरप्पा को मौका दे रही है।
क्या कहा जगत प्रकाश नड्डा ने
भाजपा के कार्यवाहक अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा से जब 76 साल पार येदियुरप्पा पर 75 साल के बैरियर के बाबत पूछा गया तो नड्डा पहले चेहरे पर चिरपरिचित मुस्कान लाए। सोच-समझकर बोले कि येदियुरप्पा भाजपा के नेता हैं। वह जनता द्वारा चुने गए नेता हैं। वह विधानमंडल दल के नेता हैं। वह नेता हैं और लगातार आगे बढ़ रहे हैं। नड्डा से फिर 75 साल का ही सवाल हुआ। सवाल यह भी हुआ कि भाजपा ने 75 साल की उम्र पार करने वाले अपने बड़े-बड़े नेताओं को भी नहीं बख्शा? नड्डा फिर बोले कल तक येदियुरप्पा विधानसभा में विरोधी दल के नेता थे तो किसी ने सवाल नहीं उठाया? अब मुख्यमंत्री बनने जा रहे हैं तो मीडिया सवाल पूछ रही है। नड्डा ने एक लाइन और जोड़ी। उन्होंने कहा कि येदियुरप्पा आगे बढ़ रहे हैं और उनके नेतृत्व में भाजपा की स्थायी सरकार बनेगी। दरअसल, भाजपा इसे अच्छी तरह से समझती है कि जोड़-तोड़ में माहिर, स्वभाव से स्वाभिमानी, आक्रामक राजनीतिक शैली के येदियुरप्पा ही मौजूदा समय में स्थायी सरकार दे सकते हैं। भाजपा को यह भी पता है कि अवसर येदियुरप्पा को न देने पर इसका आगे परिणाम क्या होगा?