'स्वतंत्रता सेनानी की तरह गोलियां झेलीं': अंडे फेंके जाने वाले मामले पर बोलीं महुआ मोइत्रा, भाजपा पर लगाए आरोप
तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा ने दावा किया कि पश्चिम बंगाल में उनके निर्वाचन क्षेत्र में भाजपा कार्यकर्ताओं ने उन पर अंडे फेंके। उन्होंने घटना का वीडियो साझा करते हुए सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता की पिछली टिप्पणी का भी जिक्र किया और कहा कि उन्होंने आजादी के सेनानी की तरह स्थिति का सामना किया। महुआ ने न्यायमूर्ति दत्ता की टिप्पणी का जिक्र क्यों किया?पूरा मामला क्या है?
विस्तार
तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा ने बुधवार को दावा किया कि पश्चिम बंगाल स्थित उनके संसदीय क्षेत्र में भाजपा कार्यकर्ताओं ने उन पर अंडे फेंके। महुआ मोइत्रा ने इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया और सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता की पहले की टिप्पणी का हवाला देते हुए उन पर भी तंज कसा। उन्होंने कहा कि वह अपने क्षेत्र में बैठक के लिए पहुंची थीं और इस दौरान उन पर अंडे फेंके गए। महुआ ने अपने सामने आई स्थिति की तुलना आजादी के सेनानी के गोलियां झेलने से की।
महुआ मोइत्रा ने अंडे फेंके जाने को लेकर क्या दावा किया?
महुआ मोइत्रा ने सोशल मीडिया पर साझा किए गए वीडियो में दावा किया कि उनके क्षेत्र में उन पर अंडे फेंके गए। उन्होंने कहा कि वह अपने निर्वाचन क्षेत्र में एक बैठक के लिए गई थीं और पश्चिम बंगाल पुलिस को इसकी जानकारी दी गई थी। महुआ ने आरोप लगाया कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने उनकी मौजूदगी में उन पर अंडे फेंके। उन्होंने घटना को लेकर अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि वह आजादी के सेनानी की तरह इसका सामना कर रही थीं। हालांकि, भाजपा की ओर से इस आरोप पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई है।
Big shout out to Hon’ble Justice Dipankar Datta ! MiLord - I came to my constituency for a mtng informing @WBPolice & BJP workers with their help pelted eggs on me. True to your advice I faced them as a freedom fighter faced bullets. pic.twitter.com/CxO3ApzjPL
विज्ञापन विज्ञापन— Mahua Moitra (@MahuaMoitra) September 16, 2026
न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता का महुआ मोइत्रा से क्या संबंध है?
महुआ मोइत्रा ने अंडे फेंके जाने की घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता को भी संबोधित किया। उन्होंने न्यायमूर्ति दत्ता की पहले की टिप्पणी का हवाला देते हुए कहा कि वह उनके निर्वाचन क्षेत्र में बैठक के लिए पहुंचीं और पुलिस को इसकी जानकारी दी गई थी। इसके बाद उन्होंने तंज के अंदाज में कहा कि उन्होंने इस स्थिति का सामना उसी तरह किया, जैसे किसी आजादी के सेनानी ने गोलियों का सामना किया था। महुआ का यह बयान उनके खिलाफ चल रहे एक मामले से जुड़ी पिछली अदालती कार्यवाही के संदर्भ में आया।
सुप्रीम कोर्ट में महुआ मोइत्रा का मामला क्या था?
सुप्रीम कोर्ट ने इससे पहले महुआ मोइत्रा की उस याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया था, जिसमें कलकत्ता हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी गई थी, जिसके तहत उन्हें कथित नफरती भाषण के मामले में पुलिस के सामने पेश होने का निर्देश दिया गया था। सुनवाई के दौरान महुआ की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता गोपाल शंकरनारायणन ने कहा था कि उन्हें जांच अधिकारी के सामने ऑनलाइन माध्यम से पेश होने की अनुमति दी जानी चाहिए। उन्होंने अदालत को बताया था कि महुआ को पहले पुलिस थाने की यात्रा के दौरान अंडे फेंके जाने की धमकी मिली थी और बाद में वास्तव में अंडे फेंके गए थे।
महुआ ने अपने बयान में किस बात पर जोर दिया?
महुआ मोइत्रा ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता को संबोधित करते हुए कहा कि वह अपने निर्वाचन क्षेत्र में बैठक के लिए गई थीं। उन्होंने दावा किया कि पश्चिम बंगाल पुलिस को इसकी जानकारी थी और भाजपा कार्यकर्ताओं ने उन पर अंडे फेंके। इसके बाद उन्होंने न्यायमूर्ति दत्ता की पिछली टिप्पणी का संदर्भ देते हुए कहा कि उन्होंने आजादी के सेनानी की तरह इस स्थिति का सामना किया। उनका बयान सीधे तौर पर अंडे फेंके जाने की कथित घटना और अदालत में पहले उठाए गए सुरक्षा संबंधी मुद्दे को जोड़ता है।
अंडे फेंके जाने की घटना के बाद मामला क्यों गरमा गया?
महुआ मोइत्रा के आरोप के बाद यह मामला राजनीतिक विवाद का विषय बन गया है। सांसद ने सीधे भाजपा कार्यकर्ताओं पर अंडे फेंकने का आरोप लगाया है और इसी घटना को लेकर न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता की पहले की टिप्पणी पर भी प्रतिक्रिया दी है। दूसरी ओर भाजपा की ओर से घटना या आरोप पर कोई जवाब नहीं है। इस पूरे मामले में फिलहाल महुआ मोइत्रा का दावा, उनका साझा किया गया वीडियो और सुप्रीम कोर्ट में हुई पिछली कार्यवाही से जुड़ी जानकारी सामने है।