INDIA bloc: सरकार बनाने से पीछे क्यों हटा विपक्षी गठबंधन INDIA, सोनिया गांधी ने फिर खींची बड़ी लकीर
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विस्तार
लोकसभा चुनाव के परिणाम सामने आने के बाद एनडीए के साथ-साथ इंडिया गठबंधन के नेताओं में भी भारी जोश दिखाई पड़ रहा था। इंडिया गठबंधन के नेता न केवल अपनी बढ़त पर जश्न मना रहे थे, बल्कि वे सरकार बनाने तक का दावा कर रहे थे। माना जा रहा था कि वे नीतीश कुमार और चंद्रबाबू नायडू को अपने पाले में लाकर पूरा खेल बदलने की योजना बना रहे थे। लेकिन दिल्ली में इंडिया गठबंधन के नेताओं की बैठक के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने यह एलान कर दिया कि वे सरकार नहीं बनाएंगे। खरगे के इस एलान ने एनडीए के ही नहीं, बल्कि इंडिया गठबंधन के नेताओं को भी चौंका दिया। लोग यह समझ नहीं पा रहे थे कि सरकार बनाने की कोशिश करने की बजाय अचानक इस फ्रंट से अपना पैर वापस क्यों खींच लिया गया। लेकिन अब इसकी वजह सामने आ गई है।
कांग्रेस सूत्रों के अनुसार, इंडिया गठबंधन के नेताओं को सरकार बनाने से पीछे हटने की सलाह सोनिया गांधी ने दी। उन्होंने इंडिया गठबंधन के नेताओं की बैठक में यह कहा कि सरकार बनाना उतना महत्त्वपूर्ण नहीं है, जितना कि जनता की नजर में उनकी विश्वसनीयता बरकरार रहना। उन्होंने कहा कि इस चुनाव में जनता ने उनके (इंडिया गठबंधन) ऊपर बहुत भरोसा जताया है। यह भरोसा टूटना नहीं चाहिए। उन्होंने कहा कि जब इंडिया गठबंधन के पास पूरी संख्या नहीं है, ऐसे में यदि वे जल्दबाजी में सरकार बनाने की कोशिश करते हैं, तो जनता में गलत संदेश जाएगा।
सूत्रों के अनुसार, सोनिया गांधी ने कहा कि यदि वे किसी जल्दबाजी में सरकार बनाने की कोशिश करते हैं और वह कोशिश सफल नहीं होती है, तो इससे इंडिया गठबंधन के नेताओं की छवि सरकार बनाने को लालची लोगों की बन जाएगी। उन्होंने कहा कि आपसी अंतर्विरोध पर बन रही एनडीए सरकार में आपसी मतभेद उजागर होने के बाद इसका लाभ इंडिया गठबंधन के दलों-नेताओं को मिलेगा। उनके अनुसार इसका लाभ इसी साल के अंत में होने वाले हरियाणा, झारखंड और महाराष्ट्र के विधानसभा चुनावों में और इसके बाद दिल्ली-बिहार के विधानसभा चुनावों में दिखाई दे सकता है। उन्होंने कहा कि इंडिया गठबंधन को अपनी नैतिक बढ़त नहीं गंवानी चाहिए। इसके बाद गठबंधन के सभी नेताओं ने इस पर सहमति दे दी।
दरअसल, माना जा रहा है कि नीतीश कुमार की फ्लाइट में तेजस्वी यादव का आना अनायास नहीं था। इस दौरान तेजस्वी यादव ने नीतीश के मन की बात को पूरी तरह भांप लिया। उन्होंने दिल्ली में इंडिया गठबंधन के नेताओं से यह बात खुलकर बता भी दिया। उनके पलटने की किसी संभावना के न होने के बाद ही इंडिया गठबंधन के नेताओं ने सरकार बनाने से पीछे हटने का फैसला लिया। सरकार बनाने की बजाय वे सही समय का इंतजार करना ज्यादा बेहतर समझते हैं।
दूसरी बार खींची लकीर
कांग्रेस नेता ने अमर उजाला से कहा कि सोनिया गांधी ने दूसरी बार ऐसी नैतिक ऊंचाई का मापदंड स्थापित किया है, जो पार्टी के साथ-साथ इंडिया गठबंधन को भी ताकत देने का काम करेगा। उन्होंने कहा कि यूपीए एक के समय भी स्वयं प्रधानमंत्री पद से पीछे हटकर उन्होंने इसी तरह की एक नई ऊंचाई देने का काम किया था। इस नैतिक बल के कारण ही कांग्रेस सरकार दस साल मजबूती के साथ चलती रही और इस दौरान जनता के हित में बड़े काम किए गए। नेता के अनुसार, इंडिया गठबंधन के नेता मानते हैं कि अब मोदी सरकार की असलियत लोगों के सामने आ गई है और उसकी कलई खुलने लगी है। इसलिए कांग्रेस को सही समय पर अपने पत्ते खोलने चाहिए जिसका दूरगामी लाभ हो सके।