{"_id":"63722e2eb2cb22541e46517b","slug":"who-calls-for-increased-access-to-diabetes-education-1-5-million-deaths-every-year","type":"story","status":"publish","title_hn":"World Diabetes Day: WHO ने की डायबिटीज के लिए जागरूकता बढ़ाने की अपील, इससे हर साल होती हैं 15 लाख मौतें","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
World Diabetes Day: WHO ने की डायबिटीज के लिए जागरूकता बढ़ाने की अपील, इससे हर साल होती हैं 15 लाख मौतें
Mon, 14 Nov 2022 05:32 PM IST
निर्मल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: निर्मल कांत
Updated Mon, 14 Nov 2022 05:32 PM IST
सार
डब्ल्यूएचओ की दक्षिण-पूर्व एशिया की क्षेत्रीय निदेशक डॉ. पूनम खेत्रपाल ने कहा, करीब 42 मिलियन लोगों को डायबिटीज है। दुनियाभर में हर साल 1.5 मिलियन (15 लाख) मौतें सीधे डायबिटीज के कारण होती हैं।
विज्ञापन
डॉ. पूनम खेत्रपाल
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
विश्व मधुमेह दिवस (वर्ल्ड डायबिटीज डे) के मौके पर डब्ल्यूएचओ ने स्वास्थ्यकर्मियों से आह्वान किया है कि वह डायबिटीज के पीड़ितों तक इसकी गुणवत्तापूर्ण जानकारी पहुंचाएं।
विज्ञापन
दुनिया के सबसे बड़े स्वास्थ्य निकाय (डब्ल्यूएचओ) की दक्षिण-पूर्व एशिया की क्षेत्रीय निदेशक पूनम खेत्रपाल ने कहा, करीब 42 मिलियन लोगों को डायबिटीज है। दुनियाभर में हर साल 1.5 मिलियन (15 लाख) मौतें सीधे डायबिटीज के कारण होती हैं।
विज्ञापन
डॉ. खेत्रपाल ने बताया कि विश्व स्वास्थ्य संगठन का अनुमान है कि दक्षिण-पूर्व एशिया क्षेत्र में 96 मिलियन (9.6 करोड़) से ज्यादा लोगों को डायबिटीज है। जिससे सालभर में कम से कम 6 लाख मौतें होती हैं। यदि तत्काल कार्रवाई नहीं की जाती तो इस क्षेत्र में 245 तक डायबिटीज के पीड़ित 68 फीसदी तक बढ़ सकते हैं।
विज्ञापन
उन्होंने डायबिटीज की गंभीरता पर जोर देते हुए कहा कि अगर इसका देर से पता चला या अनुचित तरीके से इलाज किया गया, तो हृदय, रक्त वाहिकाओं, आंखों, गुर्दों और तंत्रिकाओं को गंभीर जानलेवा क्षति पहुंच सकती है।
उन्होंने आगे कहा, टाइप-2 डायबिटीज के जोखिम को नियमित और पर्याप्त स्वस्थ भोजन और तंबाकू-शराब आदि के सेवन से बचकर कम किया जा सकता है। इसे दवा, रक्तचाप और स्वस्थ जीवन शैली के पालन नियंत्रित और प्रबंधित किया जा सकता है।
डॉ. खेत्रपाल ने कहा, टाइप-1 डायबिटीज इस क्षेत्र में ढाई लाख से ज्यादा बच्चों और और किशोरों को प्रभावित करता है। इसे रोका नहीं जा सकता है, लेकिन इसे प्रबंधित किया जा सकता है। दोनों प्रकार के डायबिटीज के लिए सस्ते उपचार तक पहुंच, इंसुलिन आदि जरूरी हैं।