फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   When did army receive 1.86 lakh Bulletproof jackets? Did prime minister get wrong information?

1.86 लाख बुलेट प्रूफ जैकेट सेना को मिल पाना अब भी टेढ़ी खीर

Thu, 07 Feb 2019 10:04 PM IST
अमित मंडल शशिधर पाठक, अमर उजाला, नई दिल्ली
शशिधर पाठक, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अमित मंडल Updated Thu, 07 Feb 2019 10:04 PM IST
विज्ञापन
When did army receive 1.86 lakh Bulletproof jackets? Did prime minister get wrong information?
pm modi
राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा पर जवाब देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सदन को बताया कि जिस बुलेट प्रूफ जैकेट को सेना को उपलब्ध कराने में पूर्व सरकारों के पसीने छूट गए, उनकी सरकार ने इस लक्ष्य को 55 महीने में ही हासिल कर लिया। 
विज्ञापन


बतौर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सेना को 2018 में एक लाख 86 हजार बुलेट जैकेट दे दी है। इसके पहले सरकार ने सेना को 50 हजार और बुलेट प्रूफ जैकेट दिए थे। जबकि सच्चाई कुछ और है। सवाल है कि क्या एक बार फिर प्रधानमंत्री को ग़लत जानकारी दी गई।
विज्ञापन


सेना मुख्यालय सूत्रों की मानें तो 1.86 लाख बुलेट प्रूफ जैकेट सेना को मिल पाना अब भी टेढ़ी खीर है। 2018 में एक लाख 86 हजार बुलेट प्रूफ जैकेट में देश की एसएम पल्प कंपनी एल वन रही थी। करार के नियमों के अनुसार 2019 के मार्च तक इस कंपनी को 36 हजार बुलेट प्रूफ जैकेट की आपूर्ति करनी है और कंपनी अभी तक  एक भी लॉट देने में असफल रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन


हालांकि एसएम पल्प के निदेशकों में से एक कहना है कि वह जल्द ही सेना मुख्यालय को दस हजार जैकटों की खेप सौंप देंगे। वहीं कंपनी के एक अन्य प्रमुख सूत्र की मानें तो एसएम पल्प को स्टील बुलेट को रोकने वाली बुलट प्रूफ जैकेट की आपूर्ति करनी है। इसे कर पाना इतना आसान नहीं है। 

सेना को कब मिलेंगे हेलमेट

सेना के जवान अत्याधुनिक कम्युनिकेशन तकनीक से लैस हेलमेट की भी राह देख रहे हैं। सेना मुख्यालय के परीक्षण में एलवन आई कंपनी को इसका करार भी मिल चुका है, लेकिन अभी तक कम्युनिकेशन हेडसेट से लैस हेलमेट की आपूर्ति नहीं हो पाई है। हेलमेट की आपूर्ति का करार पाने वाली कंपनी ने इसमें अपनी एक सहयोगी कंपनी शक्तिवेल को शामिल किया था।


शक्तिवेल कर्नाटक की कंपनी है और हेडसेट से युक्त हेलमेट में बाजी मारने के बाद बुलट प्रूफ जैकेट ने सहयोगी कंपनी को इससे बाहर रखने की कोशिश की। दोनों कंपनियों की कानूनी लड़ाई में कम्युनिकेशन हेडसेट आपूर्ति की पूरी प्रक्रिया ही अटकी हुई है। इसी तरह से सामान्य धारा के भी हेलमेट का करार भी इसी कंपनी को मिला है, लेकिन बताते हैं गुणवत्ता के हेलमेट के लिए अभी भी सेना की इंफैट्री के जवान तरस रहे हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed