Bengal: 'अंधेरे में खींच लेते थे...', सामने आ रही है दिल दहला देने वाली सच्चाई; जानें क्यों सुलग रहा संदेशखाली
Bengal: पश्चिम बंगाल का छोटा सा क्षेत्र संदेशखाली पिछले कई दिनों से रणक्षेत्र बना हुआ है। आखिर क्या हुआ कि स्थिति इतनी भयावह हो गई, ऐसी कौन सी घटना है, जिसने यहां की महिलाओं को इतना उग्र बना दिया।
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विस्तार
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल सुप्रीमो ममता बनर्जी ने भले ही गुरुवार को विधानसभा में संदेशखाली को लेकर कहा कि उन्होंने अपने जीवन में कभी किसी के साथ अन्याय नहीं होने दिया और न ही कभी होने देंगी। लेकिन संदेशखाली को लेकर पश्चिम बंगाल की सियासत गर्माई हुई है। संदेशखाली में चारों ओर पुलिस का पहरा है। संदेशखाली के 19 प्रवेश द्वारों पर धारा 144 लागू कर दी गई है। विपक्षी नेताओं का कहना है कि वह संदेशखाली जाना चाहते हैं लेकिन पुलिस उनको किसी भी तरह से जाने से रोकने पर तुली है। पश्चिम बंगाल का छोटा सा क्षेत्र संदेशखाली पिछले कई दिनों से रणक्षेत्र बना हुआ है। आखिर क्या हुआ कि स्थिति इतनी भयावह हो गई, ऐसी कौन सी घटना है, जिसने यहां की महिलाओं को इतना उग्र बना दिया। आखिर क्या हुआ कि बंगाल के राज्यपाल तक को दौरा करना पड़ा। आखिर क्यों कलकत्ता हाईकोर्ट को मामले का संज्ञान लेना पड़ा। अब धीरे-धीरे दिल दहला देने वाली घटनाओं से पर्दा उठ रहा है। संदेशखाली में शांति कब लौटेगी। आइए जानते हैं कि पूरा मामला क्या है, आखिर आग इतनी कैसे फैली।
'महिलाओं को रात के अंधेरे में खींच लेते थे ...'
राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग की टीम गुरुवार सुबह आयोग के अध्यक्ष अरुण हलदार के नेतृत्व में संदेशखाली पहुंची। महिलाओं ने टीम को उस भयावह त्रासदी की आपबीती सुनाई जिनका उन्हें दिन-ब-दिन सामना करना पड़ा। उन्हें सामने देख महिलाएं फफक पड़ीं। उनके साथ क्या हुआ था, सब कुछ एक ही सांस में सुना डाली। आयोग के अध्यक्ष से एक बुजुर्ग ने कहा, पुरुषों को घर में रहने नहीं दिया जाता था। उनको बुलाकर बुरी तरह पीटा जाता था। रात 10 बजे जब महिलाओं को बैठकों में बुलाया जाता था, तब पुरुष घर पर ही रहते थे। यह किस तरह की नीति है?
अरुण हलदार ने महिलाओं से निडर होकर बात करने को कहा। महिलाओं ने प्रतिनिधियों को यह भी बताया कि रात के अंधेरे में उनके साथ क्या हुआ। एक महिला ने कहा, अंधेरे में वे हाथ खींचते थे। उत्तम सरदार ने मुझे बुलाया और हाथ पकड़कर खींच लिया। किसी तरह भागकर बच निकली। मेरे घर पर चार बच्चे हैं। मुझे बहुत डर लग रहा है। आयोग के एक प्रतिनिधि ने कहा, आयोग किसी से नहीं डरता। प्रतिनिधियों ने आश्वासन दिया कि उनके साथ दोबारा कुछ भी बुरा नहीं होने देंगे। हम राष्ट्रपति से इसकी शिकायत करेंगे और पूरी जानकारी देंगे।
तृणमूल कांग्रेस के नेता पर ईडी का छापा
बंगाल की राजधानी कोलकाता से करीब 80 किलोमीटर दूर स्थित संदेशखाली सात फरवरी से सुलग रहा है। इसकी शुरुआत तब हुई, जब पांच जनवरी को ईडी राशन घोटाला मामले में यहां सरबेड़िया में तृणमूल कांग्रेस के एक नेता शेख शाहजहां के घर पूछताछ के लिए पहुंची। इस दौरान स्थानीय तृणमूल समर्थकों ने ईडी पर हमला कर दिया। इस हमले में ईडी के तीन अधिकारी गंभीर रूप से घायल हो गए। शेख शाहजहां फरार हो गया था। सूत्रों के मुताबिक इसके बाद सालों से शेख शाहजहां और उसके गुर्गों के खिलाफ पीड़ितों ने अपनी आवाज उठानी तेज कर दी और खुल कर सामने आ गए। गांव के लोगों ने शेख शाहजहां और उसके सहयोगियों को गिरफ्तार करने की मांग करते हुए आंदोलन तेज कर दिया। और अपनी मांगों को लेकर लगातार प्रदर्शन किया। खासकर महिलाएं आगे आईं।
महिलाओं ने लगाया था यौन उत्पीड़न और जमीन हड़पने का आरोप
संदेशखाली की महिलाओं ने वहां के तृणमूल कांग्रेस नेता शेख शाहजहां और उसके कुछ गुर्गों पर यौन उत्पीड़न और जमीन हड़पने का आरोप लगाया। सात फरवरी से महिलाएं सड़कों पर उतर आईं। महिलाएं विरोध में प्रदर्शन करने और धरने देने लगीं।आक्रोशित महिलाओं ने शाहजहां के करीबी विश्वासपात्र और तृणमूल नेता शिबू हाजरा के खेत और पॉल्ट्री फार्म में आग भी लगा दी। महिलाओं का आरोप है कि पॉल्ट्री फार्म गांव के लोगों की जमीन छीनकर उस पर अवैध तरीके से बनाया गया है। ये कई तरह के अवैध कार्यों का केंद्र था। उत्तर 24 परगना के संदेशखाली में फिर हंगामा होने लगा।
ईडी के छापे के बाद महिलाओं को मिली हिम्मत, सड़कों पर उतरीं
देखते ही देखते महिलाएं सड़कों पर उतर आईं। संदेशखाली में शुरू हुए इस आंदोलन ने धीरे-धीरे विकराल रूप ले लिया। प्रदर्शन के दौरान महिलाएं लाठी-डंडों और बांस के साथ सड़कों पर उतर आईं। महिलाएं तृणमूल के स्थानीय नेता शेख शाहजहां, ब्लॉक प्रमुख शिवप्रसाद हाजरा और उनके साथी उत्तम सरदार को गिरफ्तारी की मांग कर रही थीं। महिलाएं शाहजहां की गिरफ्तारी की मांग करते हुए फिर से सड़कों पर उतर आईं। आरोप है कि शाहजहां ने पार्टी के नाम पर गांव वालों पर लंबे समय तक अत्याचार किया। महिलाओं का यौन उत्पीड़न किया। रात को बहु-बेटियों को अपने ऑफिस में बुलाता था। लेकिन कोई इसका विरोध नहीं कर पाता था। जब ईडी ने ने छापेमारी की और वह फरार हो गया तो महिलाओं को हिम्मत मिली। पीड़ित और परेशान महिलाओं ने सड़क पर उतरकर मांग करनी शुरू कर दी कि उसे तुरंत गिरफ्तार किया जाए। हालांकि आज तक शेख शाहजहां को पुलिस गिरफ्तार नहीं कर पाई है।
लगा दी धारा 144, इंटरनेट बंद
इसके बाद 9 फरवरी की रात, यानि विरोध प्रदर्शन के दूसरे दिन रात से संदेशखाली में धारा 144 लागू कर दी गई। संदेशखाली ब्लॉक-2 के 8 ग्राम पंचायत इलाकों में दुकान-बाजार बंद रहे। इंटरनेट सेवाएं भी ठप कर दी गई। संदेशखाली थाना क्षेत्र में बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात किए गए। इलाकों में पुलिस लगातार गश्ती लगा रही है। संदेशखाली जाने वाले सभी रास्तों (जल व सड़क) पर पुलिस कड़ी नजर रही।
कोर्ट ने लिया संज्ञान, रद्द की धारा 144
इस बीच, कलकत्ता हाईकोर्ट ने संदेशखाली में जारी धारा 144 पर स्वत: संज्ञान लेते हुए इसे रद्द कर दिया। सरकार कोर्ट में यह नहीं बता पाई कि आखिर पूरे संदेशखाली में धारा 144 क्यों लागू की गई। कोर्ट की फटकार के बाद रणनीतिक रूप से धारा 144 तो हटा ली गई, लेकिन 19 जगह पर धारा 144 लागू कर दी। ये 19 स्थान वे हैं, जहां से संदेशखाली में प्रवेश किया जाता है। यानी प्रशासन ने संदेशखाली जाने वाली प्रवेश द्वारों पर धारा 144 लागू कर दी।
तृणमूल ने उत्तर सरदार को पार्टी से किया सस्पेंड
विरोध प्रदर्शन के बीच, तृणमूल कांग्रेस ने शनिवार की सुबह आरोपी उत्तम सरदार को उत्तर 24 परगना जिला परिषद सदस्य और तृणमूल के अंचल अध्यक्ष के पद से 6 साल के लिए सस्पेंड कर दिया। इसके कुछ कुछ ही घंटों बाद देर शाम पुलिस ने संदेशखाली से उत्तम सरदार को गिरफ्तार कर लिया।
राज्यपाल ने किया दौरा, महिलाओं की पीड़ा को सुना
लगातार खराब होते हालात के बीच, राज्य के राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने संदेशखाली क्षेत्र का दौरा किया और पीड़ित महिलाओं की बात सुनी। इस दौरान राज्यपाल ने महिलाओं को आश्वासन दिया कि उनकी कलाई पर राखी बांधने वाली महिलाओं को न्याय दिलाने के लिए पूरी मदद की जाएगी। राज्यपाल ने स्थानीय महिलाओं से कहा कि चिंता मत कीजिए, आपको न्याय जरूर मिलेगा। महिलाओं को कहते सुना गया कि वह अपने लिए शांति और सुरक्षा चाहती हैं। वह और प्रताड़ना नहीं झेल सकतीं हैं। राज्यपाल ने बाद में संवाददाताओं से कहा कि मैंने जो देखा वह भयावह, स्तब्ध करने वाला और मेरी अंतरात्मा को हिला देने वाला था।
सुकांत मजूमदार हुए घायल, कोलकाता लाए गए
संदेशखाली में हंगामा और तनाव जारी है। संदेशखाली हिंसा के विरोध में वहां पीड़ितों से मिलने जा रहे पश्चिम बंगाल के भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और सांसद सुकांत मजूमदार बुधवार को घायल हो गए। पुलिस के साथ धक्मा-मुक्की में वे गाड़ी के बोनट से गिर गए और उनको कमर और अन्य जगह चोटें आईं। संदेशखाली मामले को लेकर पुलिस और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हुई थी। आरोप है कि मामले को रोकने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया था। सुकांत मजूमदार को बशीरहाट मल्टी-फैसिलिटी हास्पिटल ले जाया गया और फिर बाद में उनको कोलकाता स्थित एक अस्पताल में लाया गया। इस दौरान उनको सांस लेने में भी दिक्कत हो रही थी।
छह सदस्यीय पैनल करेगा मामले की जांच
संदेशखाली मामले को लेकर भाजपा ने पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के संदेशखाली में हिंसा और यौन उत्पीड़न की कथित घटनाओं के बारे में पता लगाने को लेकर एक पैनल का गठन किया है। इसमें केंद्रीय मंत्रियों और सांसदों के छह सदस्यों को शामिल किया गया है। केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी को उच्च स्तरीय समिति के संयोजक के रूप में नामित किया गया है। पैनल के अन्य सदस्यों में प्रतिमा भौमिक, भाजपा सांसद सुनीता दुग्गल, कविता पाटीदार, संगीता यादव और बृजलाल शामिल हैं। उन्हें घटना स्थल का दौरा करने, स्थिति का जायजा लेने, पीड़ितों से बात करने और अपनी रिपोर्ट भाजपा पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा को सौंपने का निर्देश दिया गया है। पैनल के सदस्य गुरुवार शाम को कोलकाता पहुंचने लगे हैं।
डीजी राजीव कुमार को दिल्ली में तलब किया गया
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सुकांत मजूमदार मामले में राज्य पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार, बशीरहाट पुलिस अधीक्षक हुसैन मेहदी रहमान और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पार्थ घोष को लोकसभा की विशेषाधिकार समिति के सामने पेश होना होगा। उन्हें 19 फरवरी को सुबह 10:30 बजे तक लोकसभा की विशेषाधिकार समिति के सामने पेश होना होगा।
छह सदस्यीय पैनल करेगा मामले की जांच
संदेशखाली मामले को लेकर भाजपा ने पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के संदेशखाली में हिंसा और यौन उत्पीड़न की कथित घटनाओं के बारे में पता लगाने को लेकर एक पैनल का गठन किया है। इसमें केंद्रीय मंत्रियों और सांसदों के छह सदस्यों को शामिल किया गया है। केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी को उच्च स्तरीय समिति के संयोजक के रूप में नामित किया गया है। पैनल के अन्य सदस्यों में प्रतिमा भौमिक, भाजपा सांसद सुनीता दुग्गल, कविता पाटीदार, संगीता यादव और बृजलाल शामिल हैं। उन्हें घटना स्थल का दौरा करने, स्थिति का जायजा लेने, पीड़ितों से बात करने और अपनी रिपोर्ट भाजपा पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा को सौंपने का निर्देश दिया गया है। पैनल के सदस्य गुरुवार शाम को कोलकाता पहुंचे।
सुकांत मजूमदार को किया शिफ्ट
कोलकाता के एक निजी अस्पताल में भर्ती भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सुकांत मजूमदार को गुरुवार को जनरल केबिन में शिफ्ट किया गया। वे पहले न्यूरो इंसेंटिव केयर यूनिट में थे। सुकांत मजूमदार शारीरिक रूप से फिलहाल काफी स्थिर हैं। भाजपा सूत्रों के मुताबिक श्वास सामान्य है और उन्हें हल्का भोजन दिया जा रहा है।