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पश्चिम बंगाल: चुनाव बाद हिंसा मामले में सीबीआई जांच के खिलाफ मुकदमे पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई स्थगित की

Tue, 18 Jan 2022 04:12 AM IST
देव कश्यप एजेंसी, नई दिल्ली
एजेंसी, नई दिल्ली Published by: देव कश्यप Updated Tue, 18 Jan 2022 04:12 AM IST
सार

पश्चिम बंगाल सरकार ने संविधान के अनुच्छेद 131 के तहत दायर इस वाद में दिल्ली विशेष पुलिस स्थापना कानून 1946 के प्रावधानों का जिक्र करते हुए कहा है कि सीबीआई कानून के तहत अनिवार्य राज्य सरकार की स्वीकृति के बगैर ही जांच कर रही है और प्राथमिकी दर्ज कर रही है।

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West Bengal Supreme Court adjourns hearing on trial against CBI probe in post-poll violence case
सुप्रीम कोर्ट ने बंगाल में चुनाव बाद हिंसा मामले में सीबीआई जांच के खिलाफ स्थगित की सुनवाई। - फोटो : PTI

विस्तार

सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा मामले की उस सुनवाई को सोमवार को स्थगित कर दिया, जिसमें आरोप लगाया गया है कि केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) कानून के तहत राज्य की पूर्व स्वीकृति के बगैर ही चुनाव के बाद की हिंसा के मामलों की जांच आगे बढ़ा रहा है।

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जस्टिस एल नागेश्वर राव और जस्टिस बीवी नागरत्न की पीठ ने कहा कि मामले में उत्तर और प्रत्युत्तर की प्रक्रिया पूरी हो गई है। पीठ ने इसके साथ ही वाद में अगली सुनवाई फरवरी के तीसरे हफ्ते तक टाल दी। पीठ ने पक्षों को मामले में लिखित दलीलें दायर करने का भी निर्देश दिया है।
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पश्चिम बंगाल सरकार ने संविधान के अनुच्छेद 131 के तहत दायर इस वाद में दिल्ली विशेष पुलिस स्थापना कानून 1946 के प्रावधानों का जिक्र करते हुए कहा है कि सीबीआई कानून के तहत अनिवार्य राज्य सरकार की स्वीकृति के बगैर ही जांच कर रही है और प्राथमिकी दर्ज कर रही है।
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पश्चिम बंगाल सरकार का पक्ष रख रहे वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने कहा कि यह अधिकार क्षेत्र का मामला है और इस पर सुनवाई में ज्यादा वक्त नहीं लगेगा। केंद्र ने इससे पहले शीर्ष अदालत को बताया था कि पश्चिम बंगाल में सीबीआई द्वारा दर्ज चुनाव बाद हिंसा के मामलों से उसका कोई लेना-देना नहीं है और राज्य सरकार के इस वाद जिसमें उसे एक पक्ष बनाया गया है वह विचार योग्य नहीं है।


अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने तर्क दिया कि सीबीआई संसद के विशेष अधिनियम के तहत स्थापित एक स्वायत्त निकाय होने के नाते वह एजेंसी है जो मामलों को दर्ज कर रही है और जांच कर रही है और इसमें केंद्र की कोई भूमिका नहीं है।

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