एचएससीएल मामले में केंद्र से हस्तक्षेप की अपील करेगी पश्चिम बंगाल सरकार
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पश्चिम बंगाल सरकार महानगर स्थित सार्वजनिक उपक्रम हिंदुस्तान स्टील वर्क्स कंस्ट्रक्शन लिमिटेड (एचएससीएल) के मामले में केंद्र से हस्तक्षेप की अपील करेगी। बिजली मंत्री शोभनदेव चट्टोपाध्याय ने रविवार को बताया कि इस कंपनी को अन्यत्र ले जाने की कोशिश हो रही है जिससे ठेके पर काम करने वाले 478 कर्मचारियों की नौकरियां खत्म हो जाएंगी।
उन्होंने कहा कि इस मामले में केंद्र से दखल की मांग करते हुए वह जल्द ही केंद्रीय आवासन एवं शहरी मामलों के मंत्री को एक पत्र भेजेंगे। चट्टोपाध्याय जो तृणमूल कांग्रेस से संबद्ध मजदूर संगठन आईएनटीटीयूसी के नेता भी हैं, उन्होंने आरोप लगाया कि कंपनी ने मजदूर यूनियन के साथ हुए समझौतों को भी लागू नहीं किया है। वह बिना जरूरत की संपत्ति खरीदने पर 43 करोड़ रुपये खर्च कर रही है। इससे कंपनी की वित्तीय हालत और खस्ता होने की आशंका है।
दूसरी ओर, एचएससीएल के प्रबंध निदेशक नीलेश शाह ने इस आरोप का खंडन करते हुए कहा है कि कंपनी ने अपनी गतिविधियों के विस्तार के लिए संपत्ति का अधिग्रहण किया है। दिल्ली में अपनी मुख्य कंपनी एनबीसीसी एवं ग्राहकों के साथ तालमेल बनाए रखने के लिए बेहतर आधारभूत ढांचा जरूरी है। वहीं एचएससीएल ठेका कर्मचारी एसोसिएशन ने आरोप लगाया है कि एचएससीएल को शिफ्ट करने के लिए एनबीसीसी इंडिया उसके नकदी भंडार का निकालने एवं धन के स्थानांतरण में जुटी है।
एसोसिएशन के महासचिव जयदीप लाहिड़ी ने यहां एक बयान में कहा है कि दिल्ली में एचएससीएल का क्षेत्रीय दफ्तर होने के बावजूद एनबीसीसी ने एचएससीएल के पैसों को अपने खाते में स्थानांतरित कर दिल्ली में दफ्तर के लिए एक जगह खरीदी है। वह जगह एनबीसीसी की ही है। यह बेतुका और समझौते का उल्लंघन है।
उल्लेखनीय है कि एनबीसीसी ने अप्रैल, 2017 में सहायक कंपनी के तौर पर एचएससीएल के 51 फीसदी शेयर लेकर उसका अधिग्रहण किया था। दिसंबर में इस्पात मंत्रालय ने एचएससीएल में अपने 49 फीसदी शेयर को आवासन एवं शहरी मामलों के मंत्रालय को देने का फैसला किया था।