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पश्चिम बंगाल सरकार ने पाकिस्तानी कैदियों को कड़ी सुरक्षा वाली बैरकों में भेजा
Thu, 28 Feb 2019 05:48 AM IST
Avdhesh Kumar
अमर उजाला ब्यूरो, कोलकाता
अमर उजाला ब्यूरो, कोलकाता
Published by: Avdhesh Kumar
Updated Thu, 28 Feb 2019 05:48 AM IST
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कैदी
भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के मद्देनजर पश्चिम बंगाल सरकार ने महानगर के दो सुधार गृहों में रह रहे 14 पाकिस्तानी कैदियों को अलग बैरकों और कड़ी सुरक्षा वाली कोठरियों में शिफ्ट कर दिया है। बता दें कि राज्य की जेलों को सुधार गृह कहा जाता है। इससे पहले राजस्थान की जयपुर सेंट्रल जेल में 50 साल के एक पाकिस्तानी कैदी को बाकी कैदियों ने कथित तौर पर पीट कर मार दिया था।
जेल मंत्रालय के सूत्रों ने बताया कि राजस्थान जेल की घटना के बाद यहां पाकिस्तानी कैदियों को बाकी लोगों से अलग रखने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं। उन कैदियों को उच्च सुरक्षा वाली बैरकों में भेज दिया गया है। उनमें अमेरिकन सेंटर पर हमले के आरोपियों के अलावा माओवादियों को रखा गया है। इन 14 कैदियों के लिए त्रिस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था की गई है। इन 14 में से चार कैदी प्रेसीडेंसी सुधार गृह में हैं जबकि 10 दमदम केंद्रीय सुधार गृह में।
सूत्रों ने बताया कि ज्यादातर पाक कैदियों के बाकी कैदियों के साथ मधुर संबंध हैं। बावजूद, इसके पुलवामा हमले और दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव की वजह से राज्य सरकार कोई खतरा नहीं मोल लेना चाहती है। इनमें से कुछ को वीजा नियमों के उल्लंघन के आरोप में गिरफ्तार किया गया था जबकि कुछ को आपराधिक मामलों में सजा सुनाई गई है।
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जेल मंत्रालय के सूत्रों ने बताया कि राजस्थान जेल की घटना के बाद यहां पाकिस्तानी कैदियों को बाकी लोगों से अलग रखने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं। उन कैदियों को उच्च सुरक्षा वाली बैरकों में भेज दिया गया है। उनमें अमेरिकन सेंटर पर हमले के आरोपियों के अलावा माओवादियों को रखा गया है। इन 14 कैदियों के लिए त्रिस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था की गई है। इन 14 में से चार कैदी प्रेसीडेंसी सुधार गृह में हैं जबकि 10 दमदम केंद्रीय सुधार गृह में।
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सूत्रों ने बताया कि ज्यादातर पाक कैदियों के बाकी कैदियों के साथ मधुर संबंध हैं। बावजूद, इसके पुलवामा हमले और दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव की वजह से राज्य सरकार कोई खतरा नहीं मोल लेना चाहती है। इनमें से कुछ को वीजा नियमों के उल्लंघन के आरोप में गिरफ्तार किया गया था जबकि कुछ को आपराधिक मामलों में सजा सुनाई गई है।
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