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Bengal: फिर डीजीपी बने वरिष्ठ आईपीएस राजीव कुमार, लोकसभा चुनाव की घोषणा के बाद आयोग ने किया था ट्रांसफर
Tue, 16 Jul 2024 12:02 AM IST
दीपक कुमार शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
Published by: दीपक कुमार शर्मा
Updated Tue, 16 Jul 2024 12:02 AM IST
सार
पश्चिम बंगाल कैडर के 1989 बैच के आईपीएस अधिकारी राजीव कुमार ने आईआईटी रूड़की से इंजीनियरिंग की है। उत्तरप्रदेश के मूल निवासी 2009 में पश्चिम बंगाल एसटीएफ के प्रमुख थे। वे कोलकाता पुलिस के आयुक्त, संयुक्त आयुक्त (विशेष कार्य बल) और महानिदेशक (सीआईडी) के रूप में भी काम कर चुके हैं।
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आईपीएस राजीव कुमार
- फोटो : एएनआई
विस्तार
वरिष्ठ आईपीएस राजीव कुमार की पश्चिम बंगाल के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) पद पर वापसी हो गई। लोकसभा चुनाव से तीन महीने पहले मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने उनकी नियुक्ति की थी, लेकिन चुनाव की घोषणा के बाद आयोग ने गैर-इलेक्ट्रोटल पद पर उनका ट्रांसफर कर दिया था। चुनाव के बाद अब पश्चिम बंगाल सरकार ने डीजीपी के पद पर उनकी बहाली कर दी है। इसके अतिरिक्त, कुमार सूचना प्रौद्योगिकी और इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग में अतिरिक्त मुख्य सचिव के रूप में अपनी वर्तमान भूमिका में बने रहेंगे। वहीं, मौजूदा डीजीपी संजय मुखर्जी को अग्निशमन और आपातकालीन सेवाओं का नया डीजीपी नियुक्त किया गया है।
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पश्चिम बंगाल कैडर के 1989 बैच के आईपीएस अधिकारी राजीव कुमार ने आईआईटी रूड़की से इंजीनियरिंग की है। उत्तरप्रदेश के मूल निवासी 2009 में पश्चिम बंगाल एसटीएफ के प्रमुख थे। वे कोलकाता पुलिस के आयुक्त, संयुक्त आयुक्त (विशेष कार्य बल) और महानिदेशक (सीआईडी) के रूप में भी काम कर चुके हैं। कोलकाता पुलिस की एसटीएफ ने माओवादी नेताओं-अपराधियों के खिलाफ अपने अभियानों के लिए कुख्याति प्राप्त की। 2009 से 2011 तक माओवादी आंदोलन को कमजोर करने में एसटीएफ की अहम भूमिका रही थी।
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पहला विवाद- साल 2009
देश में आम चुनाव का माहौल था। इस दौरान तृणमूल कांग्रेस ने कोलकाता पुलिस के एसटीएफ प्रमुख पर आरोप लगाया कि वे तत्कालीन रेल मंत्री ममता बनर्जी के फोन की निगरानी कर रहे हैं। वाम सरकार के साथ सांठ-गांठ के भी आरोप लगाए गए थे।
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दूसरा विवाद- 2019
शारदा चिटफंड मामले की जांच आईपीएस अधिकारी राजीव कुमार को सौंपी गई। इस दौरान ममता बनर्जी ने ही सीबीआई जांच में इनकी भूमिका का विरोध किया था। सीबीआई ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के करीबी माने जाने वाले कुमार पर एसआईटी की अगुवाई करते हुए शारदा घोटाले की जांच के दौरान सबूतों को दबाने और छुपाने का आरोप लगाया था।
अवनींद्र को राज्य श्रम विभाग का नया सचिव नियुक्त किया
राजीव कुमार की बहाली के अलावा, राज्य सरकार ने अवनींद्र सिंह को राज्य श्रम विभाग का नया सचिव नियुक्त किया है और उन्हें बर्दवान डिवीजन के संभागीय आयुक्त का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा है। श्रम विभाग के वर्तमान सचिव बरुण रॉय को गैर-पारंपरिक और नवीकरणीय ऊर्जा विभाग का अतिरिक्त प्रधान सचिव बनाया गया है।
राजेश कुमार को पीसीबी के सदस्य सचिव की अतिरिक्त जिम्मेदारी
वहीं, राजेश कुमार को प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव की अतिरिक्त जिम्मेदारियों के साथ पर्यावरण विभाग का नया सचिव नामित किया गया। पर्यावरण विभाग की वर्तमान सचिव, रोशनी सेन को मत्स्य पालन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव के अलावा पश्चिम बंगाल औद्योगिक विकास निगम के अध्यक्ष और एमडी के रूप में नामित किया गया है।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि छोटेन लामा को जनजातीय विकास विभाग के अतिरिक्त प्रभार के साथ उत्तर बंगाल विकास विभाग का प्रधान सचिव नामित किया है। जगदीश प्रसाद मीणा को कार्मिक और प्रशासनिक सुधार विभाग का नया सचिव नियुक्त किया। मीणा सुधार संस्थान और प्रेसीडेंसी प्रभाग के संभागीय आयुक्त के प्रभारी भी होंगे।
कार्मिक और प्रशासनिक सुधार विभाग के सचिव प्रभात कुमार मिश्रा को सिंचाई विभाग में स्थानांतरित कर दिया गया है, जबकि गुलाम अली अंसारी अल्पसंख्यक विकास और मदरसा शिक्षा विभाग के नए सचिव हैं। अंसारी मालदा डिवीजन के अतिरिक्त आयुक्त का प्रभार भी संभालेंगे।