उन्नाव घटना से लेकर चुनाव सुधार तक, ममता ने भाजपा को जमकर सुनाया
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चुनाव प्रक्रिया में सुधार की मांग कर रहीं पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आज भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधा। बनर्जी ने कहा, 'सभी राजनीतिक दल भारतीय जनता पार्टी जैसी नहीं हैं, मेरी पार्टी बहुत गरीब है और इसीलिए मैं चुनाव प्रक्रिया में सुधार की बात कह रही हूं।'
तृणमूल कांग्रेस की मुखिया बनर्जी ने कहा कि आने वाले 100 दिनों में 1000 से ज्यादा पार्टी कार्यकर्ता गांव-गांव जाएंगे और लोगों के मुद्दों को सुनेंगे। किस गांव में कौन से कार्यकर्ता को और कब भेजा जाएगा इसका निर्णय पार्टी लेगी।
बनर्जी ने कहा, 'वे रोज बंगाल को बदनाम करते हैं लेकिन क्या सरकार को जरा सा भी अंदाजा है कि उत्तर प्रदेश में क्या हो रहा है? उन्नाव में क्या हुआ, पीड़िता के दो रिश्तेदारों की मौत हो गई और वह खुद गंभीर हालत में है। इस मामले में उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए।'
जनता से जुड़ने के लिए शुरू किया 'दीदी से बोलो' अभियान
दरअसल, इस साल हुए लोकसभा चुनावों के परिणामों ने पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी को जोरदार झटका दिया था। इसीलिए मुख्यमंत्री बनर्जी राज्य में आगामी विधानसभा को लेकर अभी से तैयारियां शुरू कर दी है। इसके लिए बनर्जी ने 'दीदी के बोलो' अर्थात 'दीदी से बोलो' कैंपेन शुरू किया है। बता दें कि ममता बनर्जी 'दीदी' नाम से प्रसिद्ध हैं।इस कैंपेन का उद्देश्य जनता को पार्टी से जोड़ना है। पार्टी ने इस कैंपेन के तहत एक फोन नंबर भी जारी किया गया है। इस पर कॉल कर लोग अपनी शिकायतें दर्ज करा सकेंगे। इतना ही नहीं, टीएमसी ने एक वेबसाइट भी लॉन्च की है, जिसके जरिए आम लोगों तक पहुंच बनाने और उनकी शिकायतों के निपटारे का काम किया जाएगा।
चुनाव लड़ने के लिए केंद्र से मांगी थी आर्थिक मदद
बता दें कि कुछ दिनों पहले ही बनर्जी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र लिखते हुए चुनाव लड़ने के लिए आर्थिक मदद उपलब्ध करवाने की मांग की थी। उन्होंने इसके लिए दुनिया के 65 देशों की व्यवस्था का हवाला दिया था जहां चुनाव लड़ने के लिए पार्टियों को केंद्र सरकार धन मुहैया कराती है।
पत्र में बनर्जी ने साल 2019 लोकसभा चुनाव के खर्चे को लेकर जारी एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा था कि यह दुनिया का सबसे खर्चीला चुनाव था। उन्होंने कहा था कि भारत में स्वतंत्र, पारदर्शी और निष्पक्ष चुनाव के लिए चुनावी प्रक्रिया में तत्काल सुधार लाने की जरूरत है। साथ ही चुनाव में भ्रष्टाचार पर चिंता जताते हुए चुनावी पब्लिक फंडिंग के मुद्दे पर सर्वदलीय बैठक बुलाने की अपील की थी।