{"_id":"69d22f43ad5c8fb1580298f7","slug":"west-bengal-bjp-complains-to-election-commission-over-kalyan-banerjee-statement-alleging-inflammatory-language-2026-04-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"West Bengal: भाजपा ने कल्याण बनर्जी के बयान पर चुनाव आयोग से की शिकायत, भड़काऊ भाषा का लगाया आरोप","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
West Bengal: भाजपा ने कल्याण बनर्जी के बयान पर चुनाव आयोग से की शिकायत, भड़काऊ भाषा का लगाया आरोप
Sun, 05 Apr 2026 03:15 PM IST
Devesh Tripathi
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
Published by: Devesh Tripathi
Updated Sun, 05 Apr 2026 03:15 PM IST
सार
भाजपा ने चुनाव आयोग से आग्रह किया है कि इस मामले की गंभीरता से जांच की जाए और टीएसी सांसद की इस प्रकार की भड़काऊ बयानबाजी पर आवश्यक कार्रवाई की जाए, ताकि विधानसभा चुनाव 2026 निष्पक्ष, शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से संपन्न हो सके।
विज्ञापन
टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी
- फोटो : ANI
विस्तार
पश्चिम बंगाल भाजपा ने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सांसद कल्याण बनर्जी के खिलाफ चुनाव आयोग को पत्र लिखकर शिकायत दर्ज कराई है। भाजपा का आरोप है कि बनर्जी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा नेताओं/समर्थकों के खिलाफ भड़काऊ, अपमानजनक और नफरत भरे बयान दिए हैं, जो विधानसभा चुनाव के दौरान लागू आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन हैं।
पत्र में कहा गया है कि सांसद कल्याण बनर्जी का बयान पब्लिक डोमेन में व्यापक रूप से फैल चुका है। पत्र में ये भी कहा गया है कि इसमें गाली-गलौज, अपमानजनक भाषा और भड़काऊ टिप्पणियां शामिल हैं।
ये भी पढ़ें: ECI: 'चुनाव कराने वाले अगर प्रत्याशियों पर निर्भर हों तो निष्पक्षता संभव नहीं', जस्टिस नागरत्ना की टिप्पणी
विज्ञापन
चुनावी माहौल में तनाव और ध्रुवीकरण करना चाहती है टीएमसी
भाजपा ने कहा कि यह किसी एक घटना का हिस्सा नहीं है, बल्कि टीएमसी नेताओं की लगातार बढ़ती भड़काऊ बयानबाजी का हिस्सा है। इन बयानों का उद्देश्य चुनावी माहौल में तनाव, द्वेष और ध्रुवीकरण पैदा करना है।
पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि टीएमसी नेताओं द्वारा बार-बार दिए गए ऐसे बयान सीधे भाजपा की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने और चुनावी प्रक्रिया में हस्तक्षेप करने के इरादे से किए गए हैं। भाजपा ने कहा कि यह बयान पार्टी लीडरशिप की अनुमति और निर्देशन के तहत दिए जा रहे हैं, जिससे आदर्श आचार संहिता का व्यवस्थात्मक और संस्थागत उल्लंघन सामने आता है।
आचार संहिता के उल्लंघन का आरोप
भाजपा ने बताया कि इन बयानों से लोगों में अशांति और डर फैलता है और चुनावी संतुलन बिगड़ने की संभावना है। उन्होंने आदर्श आचार संहिता के दो खंडों का हवाला देते हुए कहा कि किसी भी राजनीतिक दल या उम्मीदवार को ऐसी गतिविधियों से दूर रहना चाहिए, जिससे आपसी द्वेष या धार्मिक-जातीय तनाव बढ़े। आलोचना केवल नीति और कार्यक्रम तक सीमित होनी चाहिए, न कि व्यक्तिगत स्तर पर।
ये भी पढ़ें: लोकसभा-विधानसभा सीटों की बढ़ोतरी पर रार: 'केवल ध्यान भटकाने की चाल'; कांग्रेस ने पीएम मोदी पर साधा निशाना
पत्र में यह भी कहा गया है कि कल्याण बनर्जी का बयान भारतीय दंड संहिता, 2023 की धारा 352 और 353 के तहत अपराध की श्रेणी में आता है। इसके अलावा यह रिप्रजेंटेशन ऑफ द पीपल्स एक्ट, 1951 की धारा 171सी के तहत भी चुनावी अधिकारों पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है।
(इनपुट आईएएनएस से)
अन्य वीडियो
विज्ञापन
पत्र में कहा गया है कि सांसद कल्याण बनर्जी का बयान पब्लिक डोमेन में व्यापक रूप से फैल चुका है। पत्र में ये भी कहा गया है कि इसमें गाली-गलौज, अपमानजनक भाषा और भड़काऊ टिप्पणियां शामिल हैं।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें: ECI: 'चुनाव कराने वाले अगर प्रत्याशियों पर निर्भर हों तो निष्पक्षता संभव नहीं', जस्टिस नागरत्ना की टिप्पणी
विज्ञापन
चुनावी माहौल में तनाव और ध्रुवीकरण करना चाहती है टीएमसी
भाजपा ने कहा कि यह किसी एक घटना का हिस्सा नहीं है, बल्कि टीएमसी नेताओं की लगातार बढ़ती भड़काऊ बयानबाजी का हिस्सा है। इन बयानों का उद्देश्य चुनावी माहौल में तनाव, द्वेष और ध्रुवीकरण पैदा करना है।
पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि टीएमसी नेताओं द्वारा बार-बार दिए गए ऐसे बयान सीधे भाजपा की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने और चुनावी प्रक्रिया में हस्तक्षेप करने के इरादे से किए गए हैं। भाजपा ने कहा कि यह बयान पार्टी लीडरशिप की अनुमति और निर्देशन के तहत दिए जा रहे हैं, जिससे आदर्श आचार संहिता का व्यवस्थात्मक और संस्थागत उल्लंघन सामने आता है।
आचार संहिता के उल्लंघन का आरोप
भाजपा ने बताया कि इन बयानों से लोगों में अशांति और डर फैलता है और चुनावी संतुलन बिगड़ने की संभावना है। उन्होंने आदर्श आचार संहिता के दो खंडों का हवाला देते हुए कहा कि किसी भी राजनीतिक दल या उम्मीदवार को ऐसी गतिविधियों से दूर रहना चाहिए, जिससे आपसी द्वेष या धार्मिक-जातीय तनाव बढ़े। आलोचना केवल नीति और कार्यक्रम तक सीमित होनी चाहिए, न कि व्यक्तिगत स्तर पर।
ये भी पढ़ें: लोकसभा-विधानसभा सीटों की बढ़ोतरी पर रार: 'केवल ध्यान भटकाने की चाल'; कांग्रेस ने पीएम मोदी पर साधा निशाना
पत्र में यह भी कहा गया है कि कल्याण बनर्जी का बयान भारतीय दंड संहिता, 2023 की धारा 352 और 353 के तहत अपराध की श्रेणी में आता है। इसके अलावा यह रिप्रजेंटेशन ऑफ द पीपल्स एक्ट, 1951 की धारा 171सी के तहत भी चुनावी अधिकारों पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है।
(इनपुट आईएएनएस से)
अन्य वीडियो
विज्ञापन
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन