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'भारतीय अरबपतियों की दौलत देश की 15 फीसदी GDP के बराबर'
एजेंसी, नई दिल्ली
Updated Thu, 22 Feb 2018 07:16 PM IST
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पिछले तीन दशक में भारत में अमीर-गरीब के बीच असमानता बढ़ी है। भारतीय अरबपतियों की दौलत देश की 15 फीसदी जीडीपी के बराबर पहुंच गई है। इसके लिए सरकारों की एकतरफा नीतियां जिम्मेदार हैं। आक्सफैम इंडिया ने बृहस्पतिवार को जारी रिपोर्ट में यह दावा किया है।
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रिपोर्ट में कहा गया है, पूंजीवाद और विरासत में मिली दौलत के जरिये भारत में दौलत कमाई गई है। जबकि निचले स्तर पर मौजूद लोगों की संपत्ति में हिस्सेदारी घटती जा रही है।
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ऑक्सफैम इंडिया की सीईओ निशा अग्रवाल ने कहा, यह असमानता 1991 के आर्थिक सुधारों और उसके बाद बनती आ रहीं नीतियों का नतीजा हैं। वर्तमान में अरबपतियों की कुल दौलत देश की जीडीपी का 15 फीसदी हिस्सा है। जबकि पांच साल पहले यह जीडीपी की दस प्रतिशत हुआ करती थी। देश में 101 अरबपति हैं।
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द वाइडेन गैप : इंडिया इक्वलिटी रिपोर्ट, 2018 में बताया गया है, भारत सभी मानकों आय, उपभोग और संपत्ति के लिहाज से दुनिया के सबसे ज्यादा असमानता वाले देशों में शामिल है। इसके लिए नीतियां जिम्मेदार हैं।
नीतियों में श्रम की जगह पूंजी, गैर कुशल की जगह कुशल को महत्व दिया जाता है। रिपोर्ट के लेखक हिमांशु अग्रवाल के मुताबिक संपत्ति और विरासत वाली पूंजी पर टैक्स बढ़ाकर और उस धन को शिक्षा, स्वास्थ्य और पोषण पर खर्च करके ही इस असमानता को कम किया जा सकता है।