विश्वनाथ मंदिर विस्तारीकरण योजना को नए पंख लगने की उम्मीद
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विश्वनाथ मंदिर विस्तारीकरण योजना को नए पंख लगने वाले हैं। द्वारों के चौड़ीकरण के साथ ही श्रद्धालु हित की योजनाओं को साकार करने के लिए जल्द ही और संपत्तियों की खरीद की जाएगी। जम्मू कोठी के बाद मंदिर से लगे कुछ और भवन भी मंदिर प्रशासन जल्द ही खरीद सकता है।
पांच भवन स्वामियों ने मंदिर प्रशासन के हाथ अपनी संपत्तियां बेचने की इच्छा जताई है। इससे आने वाले दिनों में मंदिर परिसर का दायरा तो बढ़ेगा ही, सेवाओं-सुविधाओं का भी विस्तार होगा।
प्रदेश सरकार विश्वनाथ मंदिर विस्तारीकरण योजना को मूर्त रूप देना चाहती है। हाल में वाराणसी दौरे पर आए मुख्य सचिव दीपक सिंघल ने जिला प्रशासन के अलावा मंदिर प्रशासन के अधिकारियों को निर्देशित किया था कि वह बाबा विश्वनाथ की लंबित और प्रस्तावित योजनाओं को त्वरित गति से आगे बढ़ाएं। इसके लिए धन की कमी नहीं होने दी जाएगी। इस पर अमल करते हुए मुख्य कार्यपालक अधिकारी एसएन त्रिपाठी ने कदम आगे बढ़ाए हैं।
एसीईओ ने किया जम्मू कोठी का मुआयना
टेढ़ीनीम में जम्मू-कश्मीर राज परिवार की निशानी जम्मू कोठी खरीदने के बाद सीईओ ने विस्तारीकरण योजना को साकार करने के लिए मंदिर से लगे अन्य भवनों की खरीद के लिए हर स्तर पर जुटने के लिए कहा है। भवनों की खरीद के लिए फिलहाल मंदिर प्रशासन के पास 60 करोड़ रुपये पड़े हैं। इसके अलावा जरूरत पड़ने पर शासन मदद के लिए तैयार है।
अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी को उन्होंने निर्देश दिया है कि वह ऐसे भवन स्वामियों से बात कर उन्हें बैनामा करने के लिए तैयार करें जो मंदिर को अपनी संपत्तियां बेचना चाहते हैं। पांचों पंडवा, मिर्जापुर मठ के अलावा मंदिर से लगे कई भवनों की स्थिति का आकलन किया जा रहा है और उनके मालिकों से बातचीत की जा रही है।
अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी पीएन द्विवेदी ने गुरुवार की शाम जम्मू कोठी का मुआयना किया। उन्होंने कोठी को गिराने और मलबा हटाने के मसले पर मंदिर के कर्मचारियों से मशविरा किया। एसीईओ ने बताया कि जल्द ही निविदा कराकर कोठी से मलबा हटाने का काम शुरू करवा दिया जाएगा ताकि वहां अन्नक्षेत्र और दूसरी योजनाओं को साकार किया जा सके।