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मूलभूत अधिकारों का हनन: 2019 के बाद हाईकोर्टों में 7800 से ज्यादा पीआईएल दायर

Sun, 01 Aug 2021 06:37 PM IST
सुरेंद्र जोशी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: सुरेंद्र जोशी Updated Sun, 01 Aug 2021 06:37 PM IST
सार

उच्च न्यायालयों में दायर जनहित याचिकाओं को देखें तो ऐसा लगता है कि देश में मूलभूत अधिकारों के उल्लंघन के मामले बढ़े हैं। बीते ढाई साल में ऐसे मामलों में 7800 से अधिक जनहित याचिकाएं हाईकोर्टों में दायर की गई हैं।

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Violation of Fundamental Rights: More than 7800 PILs filed in High Courts after 2019
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

2019 के बाद से मूलभूत अधिकारों के उल्लंघन को लेकर देश के विभिन्न उच्च न्यायालयों में 7800 से ज्यादा जनहित याचिकाएं दायर की गई हैं। कुछ हाईकोर्ट ऐसी पीआईएल का अलग से रिकॉर्ड नहीं रखतीं, लेकिन कुछ उच्च न्यायलयों के आंकड़े उपलब्ध हैं, हालांकि हर वर्ष कितने केस दायर हुए, यह जानकारी नहीं है।

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यह जानकारी पिछले सप्ताह केंद्र सरकार ने राज्यसभा में दी। इनसे संबंधित आंकड़े भी एक सवाल के लिखित जवाब में पेश किए गए। इसमें सरकार ने बताया है कि मूलभूत अधिकारों के उल्लंघन को लेकर सुप्रीम कोर्ट व विभिन्न हाईकोर्टों में पिछले ढाई सालों में कितने मामले दायर किए गए हैं।
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सरकार ने बताया कि वर्ष 2019 से इस साल जुलाई के बीच देशभर की हाईकोर्टों में मूल अधिकारों के हनन के खिलाफ कुल 7832 केस दायर किए गए। सुप्रीम कोर्ट में ऐसे कितने मामले दायर हुए, इस सवाल के जवाब में सरकार ने कहा कि इस तरह से आंकड़े तैयार नहीं किए गए हैं।

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