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राज्यसभा: हंगामा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई जल्द, नायडू बोले- राजनीतिक लड़ाई सभा पटल पर नहीं लड़ी जानी चाहिए

Fri, 13 Aug 2021 02:23 PM IST
अभिषेक दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अभिषेक दीक्षित Updated Fri, 13 Aug 2021 02:23 PM IST
सार

संसद में हंगामे के मुद्दे पर राज्यसभा अध्यक्ष वेंकैया नायडू ने कहा कि सदन में दोनों पक्षों को समान सम्मान दिया जाता है। मैंने हमेशा से कहा है कि सदन के सुचारू संचालन के लिए दोनों पक्षों की सामूहिक जिम्मेदारी होती है।

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Venkaiah Naidu asserted that Outside Political Battles Should Not Be Fought On The Table Of The House
वेंकैया नायडू (फाइल फोटो) - फोटो : Facebook

विस्तार

राज्यसभा अध्यक्ष जल्द ही सदन में विपक्षी सांसदों के कथित अनियंत्रित व्यवहार पर कार्रवाई पर फैसला कर सकते हैं। सूत्रों के मुताबिक, इसके लिए पिछले उदाहरणों और ऐसी कार्रवाइयों का गहन अध्ययन किया जा रहा है। मामले को विशेषाधिकार समिति को भी सौंपा जा सकता है या फिर एक नई समिति का गठन भी किया जा सकता है।
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समाचार एजेंसी से बात करते हुए सभापति ने कहा कि सदन में दोनों पक्षों को समान सम्मान दिया जाता है। मैंने हमेशा से कहा है कि सदन के सुचारू संचालन के लिए दोनों पक्षों की सामूहिक जिम्मेदारी होती है। संसद में हंगामे के मुद्दे पर सभापति नायडू ने कहा कि विधायिकाएं बहस और चर्चा के लिए होती हैं और बाहर की राजनीतिक लड़ाई सभा पटल पर नहीं लड़ी जानी चाहिए।
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मानसून सत्र के दौरान राज्यसभा में कुछ अमर्यादित घटनाओं के खिलाफ कार्रवाई पर विचार किए जाने पर नायडू ने कहा कि विस्तृत विचार के बाद जल्द से जल्द उचित निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने विधेयकों को सदन की प्रवर समिति को भेजे जाने पर भी अपने बात रखी। उन्होंने कहा कि जब भी सदन में ऐसे मामलों पर मतभेद होते हैं, तो सदन सामूहिक रूप से निर्णय लेता है। इसके लिए कोई पक्ष सदन पर दबाव नहीं बना सकता।
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सरकार ने नायडू को रिपोर्ट सौंपी
इस बीच सरकार ने राज्यसभा में 11 अगस्त को हुए हंगामे को लेकर सभापति को रिपोर्ट सौंप दी है। इसमें कहा गया है कि सीपीआई (एम) सांसद इलामारन करीम ने पुरुष मार्शल के साथ अभद्रता की। वहीं, कांग्रेस सांसद फूलो देवी नेताम और छाया वर्मा ने महिला मार्शल को खींचा और प्रताड़ित किया। वेंकैया नायडू को सौंपी गई रिपोर्ट में कहा गया है कि जब सदन के नेता पीयूष गोयल और संसदीय कार्य मंत्री प्रहलाद जोशी सभापति के चैंबर से निकलकर अपनी सीट की ओर जा रहे थे, तब तृणमूल सांसद डोला सेना ने उनका रास्ता रोका और धक्का देने की कोशिश की।
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