वाराणसी भगदड़ :‘यह मौत नहीं, गुरुदेव के श्रद्धालुओं की शहादत है’
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शाकाहार-सदाचार, मद्यनिषेध जनजागरण यात्रा के दौरान भगदड़ में शनिवार को 25 अनुयायियों की मौत के बाद रविवार को पंकज बाबा का सत्संग हुआ। मथुरा की जय गुरुदेव आध्यात्मिक संस्था के ‘महामानव संगम’ के दूसरे और आखिरी दिन बाबा ने हादसे पर अफसोस जताते हुए कहा कि यह मौत नहीं गुरुदेव के श्रद्धालुओं की शहादत है।
इसे हम हमेशा याद रखेंगे। यह कुर्बानी बेकार नहीं जाएगी। बाबा ने कहा कि हम कानून का पालन करते हैं, तोड़फोड़ नहीं। शराब और मांसाहार के चलते लोगों की बुद्धि खराब हो रही है। इसी वजह से दुनिया में झगड़े-फसाद हो रहे हैं। गुरुदेव के रास्ते पर चलकर सदाचारी जीवन जीने से ही मुल्क में शांति आएगी। इसी रास्ते से समाज में परिवर्तन लाया जा सकता है।
दिन के करीब 10 बजे विशाल पंडाल में बने भव्य मंच पर दिवंगत अनुयायियों की आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखने के बाद बाबा ने सत्संग शुरू किया। करीब 1.30 घंटे के सत्संग में बाबा ने सदाचार की प्रासंगिकता, गुरु भक्ति, आत्म कल्याण, परमात्मा दर्शन जैसे विषयों पर रोशनी डाली। कहा कि परमात्मा की भक्ति के लिए मांसाहार और शराब से दूरी जरूरी है। उन्होंने सभी धर्मों के अनुयायियों, धर्म गुरुओं से अपील की कि वे नशाखोरी, मांसाहार पर रोक लगाने के लिए जन जागरूकता पैदा करें।
बाबा ने अनुयायियों को दी जोखिम न उठाने की सलाह
इससे विश्व में शांति आएगी, भाईचारा बढ़ेगा। एक नया परिवर्तन आएगा। कहा कि गुरु की मशाल जकड़ कर रखिएगा। इसी सेवा से आपके पूर्व जीवन के पाप नष्ट हो जाएंगे। जय गुरुदेव महाराज ने 116 वर्ष तक अथक परिश्रम कर यहां तक पहुंचाया। आज का दिन उसी का परिणाम है। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में हम देश-दुनिया भर में फैले अपने 20 करोड़ अनुयायियों के लिए इस तरह का समागम करते रहेंगे।
कटेसर गांव में सत्संग स्थल पर पंकज बाबा की मौजूदगी में भगदड़ में मरे 25 अनुयायियों की याद में रविवार को श्रद्धांजलि सभा हुई। सत्संग के बाद बाबा ने चार मिनट तक श्रद्धांजलि दी। इस दौरान उन्होंने कहा कि यह गुरुदेव की मशाल थामने वालों का समर्पण है। उन्होंने अनुयायियों से अपील की कि रास्ता लंबा है। दूर-दराज से आने वाले भक्त बिना घबराहट के धैर्य के साथ वाहनों से निकलें। रात होने पर रास्ते में पड़ाव डाल दें। किसी तरह का जोखिम न उठाएं।