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कर्तव्य पथ पर वंदे मातरम् की गूंज: देशभर से आए 2500 कलाकारों ने समां बांधा, देशभक्ति के भाव से सराबोर हुए लोग

Mon, 26 Jan 2026 12:19 PM IST
ज्योति भास्कर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली। Published by: ज्योति भास्कर Updated Mon, 26 Jan 2026 12:19 PM IST
सार

कर्तव्य पथ पर आज 77वें गणतंत्र दिवस के उपलक्ष्य में भव्य परेड का आयोजन किया गया। इस वर्ष परेड की थीम वंदे मातरम के 150 साल रखी गई। परेड के हिस्से के रूप में देश के राष्ट्रीय गीत- 'वंदे मातरम' पर आधारित संगीतमय प्रस्तुति ने सबका ध्यान खींचा। इस खास प्रस्तुति के बारे में जानिए

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Vande Mataram on Kartavya Path Parade 2500 artists from across India captivated audience patriotic fervor seen
कर्तव्य पथ पर परेड के दौरान वंदे मातरम पर खास प्रस्तुति - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

26 जनवरी को कर्तव्य पथ पर परेड के दौरान वंदे मातरम् की गूंज सुनी गई। देशभर से आए 2500 कलाकारों ने अपनी भावपूर्ण प्रस्तुति से समां बांध दिया। देशभक्ति के भाव से सराबोर लोगों ने लगभग 9 मिनट की इस प्रस्तुति का आनंद लिया। संस्कृति मंत्रालय ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर इसकी वीडियो साझा की।

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प्रधानमंत्री मोदी और मुख्य अतिथियों ने की सराहना
सरकार ने इस सांस्कृतिक प्रस्तुति को स्वाधीनता का मंत्र और राष्ट्रभक्ति की जीवंत अभिव्यक्ति बताया। संस्कृति मंत्रालय की इस प्रस्तुति की सराहना खुद प्रधानमंत्री मोदी और मुख्य अतिथि द्वय- यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने भी की।

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संगीत नाटक अकादमी की खास भूमिका रही
एक्स हैंडल पर साझा ब्योरे में संस्कृति मंत्रालय ने कहा, 'गणतंत्र दिवस 2026 के अवसर पर, संस्कृति मंत्रालय की इकाई—संगीत नाटक अकादमी, उत्तर क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र की तरफ से कर्तव्य पथ पर 'वन्दे मातरम्' की थीम पर आधारित शानदार प्रस्तुति दी।



संगीतमय प्रस्तुति में राष्ट्रीय एकता का संदेश
प्रस्तुति की विशेषता के बारे में संस्कृति मंत्रालय ने कहा, इसमें सुर, लय और भाव के माध्यम से प्रस्तुत इस झांकी और नृत्य ने स्वतंत्रता संग्राम की चेतना, त्याग और मातृभूमि के प्रति अटूट प्रेम को देशवासियों के सामने जीवंत कर दिया। यह प्रस्तुति युवाओं को जोड़ती है, भारत की सभ्यतागत विरासत को प्रदर्शित करती है और राष्ट्रीय एकता का संदेश देती है।

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पहली बार तीनों सेनाओं की संयुक्त झांकी
इससे पहले गणतंत्र दिवस के शानदार परेड के दौरान पूरी दुनिया ने देश की सैन्य ताकत की झलक भी देखी। कर्तव्य पथ पर सैन्य ताकत के अलावा संस्कृति का भी अनूठा संगम देखा गया। इस साल की गणतंत्र दिवस परेड कई मायनों में खास रही, कई ऐसी चीजें हुईं, जो पहली बार हुईं। इनमें तीनों सेनाओं की संयुक्त झांकी से लेकर मेक इन इंडिया की बढ़ती ताकत परिलक्षित हुई। 

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