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ब्रिक्स संसदीय मंच: स्पीकर बिरला UAE, चीन, ईरानी नेताओं से मिले; सीमा विवाद, व्यापार समेत कई मुद्दों पर चर्चा
Tue, 27 Oct 2026 12:09 AM IST
शिवम गर्ग
पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली
Published by: शिवम गर्ग
Updated Tue, 27 Oct 2026 12:09 AM IST
सार
ब्रिक्स संसदीय मंच पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने यूएई, चीन और ईरान के नेताओं से मुलाकात की। बातचीत में सीमा पर शांति, व्यापार, डिजिटल तकनीक और चाबहार बंदरगाह जैसे मुद्दे शामिल रहे।
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UAE, चीन और ईरान के नेताओं से मिले ओम बिरला
- फोटो : Amar Ujala Graphics
विस्तार
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सोमवार को 13वें ब्रिक्स संसदीय मंच के दौरान संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), चीन और ईरान के संसदीय नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकें कीं। इन बैठकों में संसदीय सहयोग, द्विपक्षीय संबंधों, व्यापार, निवेश और क्षेत्रीय शांति जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई।
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UAE के साथ डिजिटल तकनीक और व्यापार पर जोर
ओम बिरला ने यूएई की फेडरल नेशनल काउंसिल के अध्यक्ष साकर घोबाश से मुलाकात के दौरान दोनों देशों की ऐतिहासिक मित्रता का उल्लेख किया। उन्होंने नियमित संवाद, संसदीय आदान-प्रदान और एक-दूसरे के अनुभवों से सीखने के महत्व पर जोर दिया।
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बैठक में डिजिटल संसद, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), संसदीय समितियों के कामकाज और ऑनलाइन आश्वासन निगरानी प्रणाली जैसे विषयों पर चर्चा हुई। दोनों पक्षों ने व्यापार, निवेश, शिक्षा और युवाओं के बीच आदान-प्रदान बढ़ाने पर भी विचार किया। साथ ही, कूटनीति के माध्यम से क्षेत्रीय शांति और स्थिरता बनाए रखने पर जोर दिया गया।
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चीन के साथ सीमा पर शांति और संवाद की बात
चीन की नेशनल पीपुल्स कांग्रेस के उपाध्यक्ष झेंग जियानबांग के साथ बैठक में बिरला ने कहा कि पड़ोसी देशों के रूप में भारत और चीन की जिम्मेदारी है कि वे सीमा पर शांति बनाए रखें। उन्होंने मतभेदों को बातचीत और आपसी सम्मान के जरिए सुलझाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
बैठक में संसदीय आदान-प्रदान, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, तकनीक, व्यापार और दोनों देशों के लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने पर चर्चा हुई। बिरला ने आपसी समझ को मजबूत करने में संसदीय मैत्री समूहों और ब्रिक्स जैसे मंचों की भूमिका को भी रेखांकित किया।
ईरान के साथ चाबहार बंदरगाह परियोजना पर चर्चा
ईरान की इस्लामिक कंसल्टेटिव असेंबली के प्रेसीडियम के सदस्य अहमद नादेरी के साथ मुलाकात में बिरला ने भारत और ईरान के ऐतिहासिक संबंधों का उल्लेख किया। उन्होंने पश्चिम एशिया में शांति और स्थिरता के महत्व पर जोर दिया। दोनों पक्षों ने चाबहार बंदरगाह परियोजना के माध्यम से सहयोग बढ़ाने और द्विपक्षीय बातचीत जारी रखने पर चर्चा की। नादेरी ने भारत की ओर से दवाइयां, सहायता और अन्य सहयोग उपलब्ध कराने के लिए आभार जताया।
संसदीय कूटनीति को मजबूत करने की पहल
इन बैठकों के जरिए भारत ने संसदीय कूटनीति को बढ़ावा देने, विभिन्न देशों के साथ सहयोग मजबूत करने और क्षेत्रीय व अंतरराष्ट्रीय चुनौतियों के समाधान के लिए संवाद के महत्व को रेखांकित किया। भारत नई दिल्ली में 13वें ब्रिक्स संसदीय मंच की मेजबानी कर रहा है।