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कोरोना टीके: झारखंड में सबसे ज्यादा बर्बादी, बंगाल और केरल ने पूरा उपयोग किया
Thu, 10 Jun 2021 04:40 PM IST
गौरव पाण्डेय
पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली
Published by: गौरव पाण्डेय
Updated Thu, 10 Jun 2021 04:40 PM IST
सार
देश इस समय कोरोना वायरस संक्रमण की दूसरी लहर का सामना कर रहा है और इस महामारी से निपटने के लिए पूरे देश में टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है। कई राज्यों में टीके की कमी की समस्या सामने आने के साथ एक और दिक्कत सामने आई टीका बर्बादी की। इस रिपोर्ट में जानिए देश के किस राज्य में टीका बर्बादी की क्या स्थिति है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : पिक्साबे
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विस्तार
केरल और पश्चिम बंगाल में मई माह में कोविड-19 रोधी टीकों की बिल्कुल भी बर्बादी नहीं हुई तथा दोनों राज्यों में टीकों की क्रमश: 1.10 लाख तथा 1.61 लाख खुराकें बचाई गईं। वहीं सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, कोविड रोधी टीकों की सबसे ज्यादा 33.95 फीसदी बर्बादी झारखंड में हुई।
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आंकड़ों के मुताबिक केरल में टीकों की बर्बादी का आंकड़ा नकारात्मक 6.37 फीसदी रहा जबकि पश्चिम बंगाल में यह आंकड़ा नकारात्मक 5.48 फीसदी है। टीकों की बर्बादी का आंकड़ा नकारात्मक होने का अर्थ टीके की हर शीशी में मौजूद अतिरिक्त खुराक का भी इस्तेमाल करना है।
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इसके अलावा, छत्तीसगढ़ में 15.79 फीसदी टीके बेकार गए और मध्यप्रदेश में 7.35 फीसदी टीके बर्बाद हुए। पंजाब, दिल्ली, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र में क्रमश: 7.08 फीसदी, 3.95 फीसदी, 3.91 फीसदी, 3.78 फीसदी और 3.63 फीसदी और 3.59 फीसदी टीके बेकार गए।
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भारत में 45 वर्ष से अधिक के 38 फीसदी लोगों को सात जून तक टीके की पहली खुराक दी गई। त्रिपुरा में यह आंकड़ा 92 फीसदी, राजस्थान व छत्तीसगढ़ में 65-65 फीसदी, गुजरात में 53 फीसदी, केरल में 51 फीसदी और दिल्ली में 49 फीसदी रहा। तमिलनाडु में 19 फीसदी, झारखंड और उत्तर प्रदेश में 24-24 फीसदी और बिहार में 25 फीसदी रहा।