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Hindi News ›   India News ›   Uttar Pradesh Buses will be run soon from Methane gas out of the Ganges river

यूपी में गंगा से निकले मिथेन से चलेंगी बसें, होगा आधा किराया

Thu, 15 Feb 2018 09:49 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Thu, 15 Feb 2018 09:49 PM IST
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Uttar Pradesh Buses will be run soon from Methane gas out of the Ganges river

केन्द्र सरकार की योजना पर यदि ढंग से अमल हुआ तो वह दिन दूर नहीं है जबकि गंगा नदी से निकले मिथेन गैस से उत्तर प्रदेश में बसें चलेंगी। ऐसा होने पर बस का किराया घट कर आधा रहा जाएगा। केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा तैयार की गई इस तरह की योजना पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से बात हो गई है वहां से इस पर सहमति मिली है।

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केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने अमर उजाला से बातचीत में बताया कि केन्द्र ने उत्तर प्रदेश में मिथेन और इथनॉल जैसे वैकल्पिक ईंधन से सार्वजनिक परिवहन के साधनों यथा- बस, टैक्सी, ऑटो रिक्शा चलाने की योजना बनायी है। इस बारे में उन्होंने प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से बात कर ली है और वहां से इस पर हरी झंडी मिल गई है।
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गंगा के पानी से निकाला जाएगा मिथेन
जल संसाधन एवं गंगा पुनरूद्घार मंत्रालय भी संभाल रहे गडकरी ने बताया कि उत्तर प्रदेश में कानपुर, इलाहाबाद, वाराणसी आदि शहरों में गंगा का पानी काफी प्रदूषित हो गया है। इसलिए गंगा को स्वच्छ करने के लिए उन्होंने सफाई की 150 परियोजनाओं पर काम शुरू कर दिया है। इन परियोजनाओं अंतिम रूप दे कर अगले महीने से काम शुरू कर देने की योजना है। तय किया गया है कि गंगा के पानी को साफ करने के क्रम में गंदे पानी से मिथेन गैस निकाला जाएगा और उससे बस और टैक्सी चलायी जाएगी।
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नागपुर में कर चुके हैं ऐसा प्रयोग
उन्होंने बताया कि गंदे पानी से मिथेन निकाल पर बस चलाने की योजना कोई नई नहीं है, इसका परीक्षण वह नागपुर में कर चुके हैं। वहां सीवर के पानी से मिथेन गैस निकाला जाता है और उससे शहर में बसें चलती हैं। यही नहीं, वहां तो सीवर के पानी से बिजली भी निकाली जा रही है। सीवर का पानी बेचने से नगर निगम को 18 करोड़ रुपये की आमदनी भी हुई।

इथनॉल से भी चलेंगे वाहन
गडकरी के मुताबिक धान, गेहूं या गन्ना काटने के बाद बचे पुआल या अवशेष से इथनॉल बनाने की योजना पर भी काम चल रहा है। एक टन पुआल से 280 लीटर इथनॉल बनाया जा सकता है। अब बसों या अन्य मोटर वाहनों में ऐसे फ्लैक्सी इंजन लग चुके हैं, जिन्हें 100 फीसदी इथनॉल पर चलाया जा सकता है। यही नहीं, इससे ऑटो रिक्शा और बाइक भी चलाया जा सकता है।
 

वैकल्पिक ईंधन से वाहन चले तो किराया होगा आधा

Uttar Pradesh Buses will be run soon from Methane gas out of the Ganges river
मंत्री का कहना है कि इस समय एक लीटर डीजल करीब 60 रुपये का, एक लीटर इथनॉल 47 रुपये का जबकि ई व्हीकल का एक यूनिट का खर्च आठ से दस रुपये पड़ रहा है। यदि इन ईंधनों से बस, टैक्सी या ऑटो चले तो किराया घट कर आधा रह जाएगा। नागपुर का उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि वहां इस तरह से बस चलाने पर किराया घट गया।

ई मोबिलिटी परियोजना की हुई शुरूआत
गडकरी ने बृहस्पतिवार को यहां केन्द्र सरकार की ई मोबिलिटी योजना की शुरूआत की। इसके तहत सबसे पहले नीति आयोग के कार्यालय परिसर में ईलेक्ट्रिक व्हीकल को चार्ज करने वाले स्टेशन को शुरू किया गया। इस समय नीति आयोग परिसर में पांच चार्जिंग स्टेशन बनाये गए हैं जिनमें धीमी गति से चार्ज करने वाली मशीन के साथ साथ तेज गति से चार्ज करने वाला स्टेशन भी बनाया गया है।
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