फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   US expert John W. Spencer says on Operation Sindoor China made Weapons defeated by India indigenous technolog

Operation Sindoor: भारतीय तकनीक से चीन में बने हथियारों को मुंहतोड़ जवाब, अमेरिकी विशेषज्ञ स्पेंसर का विश्लेषण

Fri, 30 May 2025 07:31 AM IST
दीपक कुमार शर्मा अमर उजाला ब्यूरो/एजेंसी, नई दिल्ली/बीजिंग
अमर उजाला ब्यूरो/एजेंसी, नई दिल्ली/बीजिंग Published by: दीपक कुमार शर्मा Updated Fri, 30 May 2025 07:31 AM IST
सार

पाकिस्तान के साथ चार दिन चली इस जंग में भारत के स्वदेश निर्मित आधुनिक उपकरणों के आगे चीन निर्मित हथियार बुरी तरह मात खा गए। यह बात अमेरिकी लेखक और रक्षा विशेषज्ञ जॉन डल्ब्यू स्पेंसर ने अपने एक ताजा विश्लेषण में कही है। 
 

विज्ञापन
US expert John W. Spencer says on Operation Sindoor China made Weapons defeated by India indigenous technolog
ब्रह्मोस मिसाइल - फोटो : अमर उजाला प्रिंट

विस्तार

भारत ने एक दशक पहले रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता हासिल करने की जो कवायद शुरू की थी, उसका असर ऑपरेशन सिंदूर की सफलता में साफ नजर आता है। पाकिस्तान के साथ चार दिन चली इस जंग में भारत के स्वदेश निर्मित आधुनिक उपकरणों के आगे चीन निर्मित हथियार बुरी तरह मात खा गए। यह बात अमेरिकी लेखक और रक्षा विशेषज्ञ जॉन डल्ब्यू स्पेंसर ने अपने एक ताजा विश्लेषण में कही है।

विज्ञापन


अमेरिका सेना के सेवानिवृत्त अधिकारी और मॉर्डन वार इंस्टीट्यूट से जुड़े शोधकर्ता स्पेंसर ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर ऑपेरशन सिंदूर के दौरान भारत और पाकिस्तान की तरफ से इस्तेमाल हथियारों का तुलनात्मक ब्योरा सामने रखा। उन्होंने लिखा है कि भारत की ब्रह्मोस मिसाइल के अलावा आकाश और आकाशतीर जैसी प्रणालियों के आगे पाकिस्तान के जेएफ-17 थंडर और एचक्यू-9/एचक्यू-16 जैसी मिसाइलें बेदम ही साबित हुईं, जिन्हें उसने चीन से हासिल किया था।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें: IAF: 'ऐसा वादा क्यों करें जो पूरा न हो सके...'; रक्षा सौदों में हो रही देरी पर वायुसेना प्रमुख ने जताई चिंता
विज्ञापन
विज्ञापन


ब्रह्मोस, आकाश से लेकर सुखोई तक ने दिखाया अपना दम

  • रूस में विकसित और मुख्यत: भारत में निर्मित ब्रह्मोस सुपरसोनिक मिसाइल ने दुश्मन की नजर में आए बिना वार करने की अपनी क्षमता साबित की।
  • डीआरडीओ में विकसित सतह से हवा में मार करने वाली आकाश मिसाइल ने आकाशतीर कमांड एंड कंट्रोल सिस्टम के साथ वायु रक्षा नेटवर्क को मजबूती दी।
  • इस जंग में रुद्रम एंटी-रेडिएशन मिसाइल, नेत्र पूर्व चेतावनी सिस्टम, एम777 हॉवित्जर, टी-72 टैंक, सुखोई और मिराज जैसे विमानों ने भी अपना दम दिखाया।
  • भारत ने आधुनिक रक्षा शक्ति में बदलने की शुरुआत 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सत्ता में आने के साथ कर दी थी, जिनकी मेक इन इंडिया पहल का स्पष्ट लक्ष्य ही था-विदेशी हथियारों के आयात पर निर्भरता घटाना और विश्वस्तरीय घरेलू रक्षा उद्योग का निर्माण।
  • रक्षा क्षेत्र में 74% तक प्रत्यक्ष विदेशी निवेश ने संयुक्त उपक्रमों का रास्ता खोला और कुछ ही वर्षों में ब्रह्मोस मिसाइल, के9 वज्र हॉवित्जर और एके-203 राइफल जैसे रक्षा उपकरण भारत में ही बनने लगे।

पाकिस्तानी हथियार और चीन की प्रणालियां साबित हुई नाकाम

  • चीन की तरफ से डिजाइन किया गया और पाकिस्तान निर्मित जेएफ-17 थंडर (ब्लॉक II/III) हवाई श्रेष्ठता के मामले में भारतीय विमानों के मुकाबले कमतर रहा।
  • रूस निर्मित एस-300 की चीनी नकल एचक्यू-9/एचक्यू-16 को भारतीय हवाई हमले रोकने के लिए तैनात किया गया लेकिन भारत के जैमिंग सिस्टम के आगे विफल रहीं।
  • पुरानी छोटी और मध्यम दूरी की मिसाइलें एलवाई-80 और एफएम-90 भारत के कम ऊंचाई वाले ड्रोन और सटीक हथियारों का पता लगाने या रोकने में असमर्थ थीं।

कोविड के समय समझी आत्मनिर्भरता की जरूरत
रक्षा विशेषज्ञ स्पेंसर कहते हैं, 2020 में कोविड महामारी और फिर चीन के गलवान घाटी की झड़प ने विदेश सप्लाई चेन बाधित होने जैसी चुनौतियों को उजागर किया तो आत्मनिर्भरता की नीति को मोदी सरकार ने अपना राष्ट्रीय सुरक्षा सिद्धांत बना लिया। प्रमुख रक्षा आयात नियंत्रित किए गए, सशस्त्र बलों को आपातकालीन खरीद शक्तियां मिलीं व स्वदेशी स्तर पर रिसर्च, डिजाइन और उत्पादन बढ़ाया गया। इस वर्ष भारत रक्षा खरीद में घरेलू सामग्री की हिस्सेदारी 30% से बढ़ाकर 65% कर चुका है और दशक के अंत तक इसे 90% करने का लक्ष्य है।

ये भी पढ़ें: Goa: राजनाथ सिंह ने की लेफ्टिनेंट कमांडर रूपा और दिलना की तारीफ, विश्व की परिक्रमा पूरी करने पर किया स्वागत

चीनी सेना ने साधी चुप्पी
भारत के साथ हालिया संघर्ष में पाकिस्तान की ओर से इस्तेमाल किए गए चीन निर्मित हथियारों के प्रदर्शन पर चीनी सेना ने टिप्पणी करने से इन्कार कर दिया है। चीनी रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता सीनियर कर्नल झांग शियाओगांग से जब मीडिया ब्रीफिंग में पूछा गया कि भारत ने चीन निर्मित पीएल-15ई मिसाइल को मार गिराया था तो इस पर झांग ने कहा कि यह चीन का उन्नत मिसाइल है। इसे हमने पाकिस्तान को निर्यात किया था। रही बात मिसाइल को मार गिराने की तो इस पर टिप्पणी करना उचित नहीं होगा। 

संबंधित वीडियो

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed