भारत में ही फाइटर प्लेन F-16 और F-18 तैयार करेंगी अमेरिकी कंपनियां
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अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की अमेरिकी कंपनियों को देश से बाहर जाने पर परिणाम भुगतने की धमकी के बीच भारत के लिए एक अच्छी खबर है।
ओबामा प्रशासन और अमेरिकी रक्षा मंत्रालय भारत सरकार के साथ मिलकर ऐसे मसौदे को तैयार कर रहा है जिसमें अमेरिकी के प्रतिष्ठित लड़ाकू विमानों को भारत में तैयार किया जा सकेगा।
बीते कुछ महीनों में विमान बनाने वाली कंपनी लोकहीड और बोइंग की ओर से इस संबंध में भारत सरकार को प्रस्ताव तैयार करके दिया गया है। जिसमें भारत में लड़ाकू विमान एफ 16 फाल्कोन और एफ/ए 18 सुपर हॉरनेट को तैयार करने के संबंध में बातचीत की जा रही है।
भारत भी रूसी निर्मित लड़ाकू विमान की बढ़ती उम्र के बाद अपने विमान बेड़े में बदलाव की तैयारी में है। दोनों ही मामलों में उक्त विमान कंपनियां भारत में निर्माण की संभावनाओं को गंभीरता से देख रही हैं।
डील के प्रति काफी उत्साहित है बराक ओबामा प्रशासन
लोकहीड मार्टिन अमेरिका के टेक्सास में चल रही एफ-16 की अपनी निर्माण यूनिट को भारत में शिफ्ट करना चाहता है। एकल इंजन वाले लड़ाकू विमानों के उत्पादन के मामले में भारत प्रमुखता से आगे बढ़ रहा है।
एफ 16 विमान की लोकप्रियता ऐसी है कि अमेरिकी सेना लगातार इसका इस्तेमाल करती है जबकि दूसरे देश इसके नियमित ग्राहक हैं।
वहीं भारत में इन लड़ाकू विमान के निर्माण के प्रस्ताव पर ओबामा प्रशासन ने जबरदस्त समर्थन दिया है, जिनका पिछले कुछ समय में भारतीय सेना के साथ नजदीकी संबंध देखने को मिला है।
अमेरिकी एयरफोर्स के सचिव डेबोराह ली जेम्स ने कहा कि वह इस डील के संबंध में बीते अगस्त को नई दिल्ली की यात्रा के बाद काफी आशावादी हैं। जबकि रक्षा सचिव एश्टॉन बी कार्टर इसी संबंध में आगे की बातचीत के लिए अगले सप्ताह दिल्ली आने वाले हैं।