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उड़ी हमले में शहीद हुए पिता, जानकारी होने के बावजूद परीक्षा देने पहुंची बेटियां
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Tue, 20 Sep 2016 12:14 PM IST
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शहीद की बेटी
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जम्मू कश्मीर के ऊड़ी सेक्टर में आतंकी हमले में शहीद जवान की बेटियों ने बहादुरी की मिसाल पेश की है। पिता की मौत की खबर के बावजूद वे परीक्षा देने गईं और बकायदा प्रश्नों के उत्तर भी लिखी।
बताते चलें कि बिहार के गया के रहने वाले सुनील कुमार विद्यार्थी जम्मू-कश्मीर के उड़ी सेक्टर में तैनात थे। उन्होंने 1998 में आर्मी ज्वॉइन की थी। रविवार को हुए आतंकी हमले में वह शहीद हो गए। इसकी खबर मिलते ही घर में मातम पसर गया। शहीद की मां-पत्नी और घर के दूसरे सदस्यों में चीख-पूकार मच गया।
इन सब के बीच शहीद की बेटियों आरती, अंशु और अंशिका ने हौसले की मिसाल पेश की। पिता की मौत में गमगीन होने के बावजूद वे परीक्षा देने गई। इन बीच बच्चियों को देख वहां के प्रिंसिपल भी हैरान थे। वह तीनों के पास गए और उन्हें सांत्वना दी।
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बताते चलें कि बिहार के गया के रहने वाले सुनील कुमार विद्यार्थी जम्मू-कश्मीर के उड़ी सेक्टर में तैनात थे। उन्होंने 1998 में आर्मी ज्वॉइन की थी। रविवार को हुए आतंकी हमले में वह शहीद हो गए। इसकी खबर मिलते ही घर में मातम पसर गया। शहीद की मां-पत्नी और घर के दूसरे सदस्यों में चीख-पूकार मच गया।
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इन सब के बीच शहीद की बेटियों आरती, अंशु और अंशिका ने हौसले की मिसाल पेश की। पिता की मौत में गमगीन होने के बावजूद वे परीक्षा देने गई। इन बीच बच्चियों को देख वहां के प्रिंसिपल भी हैरान थे। वह तीनों के पास गए और उन्हें सांत्वना दी।
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पिता की बातों पर किया अमल
शहीद की बेटी
बच्चियों ने बताया कि पिता कहते थे कि पढ़ाई में कोई कमी नहीं आनी चाहिए। पढ़ाई से ही कुछ बेहतर किया जा सकता है। उन्हीं की बातों पर अमल करते हुए वे परीक्षा देने पहुंची। बच्चियों की स्थिति को देखते हुए स्कूल प्रशासन ने उन्हें आगे की परीक्षा में गैरहाजिर होने की छूट दे दी है। उनके लिए अब अलग से परीक्षा कराई जाएगी।
शहीद की पत्नी ने बताया कि दो दिन पहले ही सुनील से बात हुई थी। उनकी दशहरे की छुट्टी मंजूर हो गई थी। तीम महीने पहले ही उनकी पोस्टिंग जम्मू में हुई थी। बताते चलें कि इसी हमले में देश के 17 और जवान शहीद हो गए हैं।
शहीद की पत्नी ने बताया कि दो दिन पहले ही सुनील से बात हुई थी। उनकी दशहरे की छुट्टी मंजूर हो गई थी। तीम महीने पहले ही उनकी पोस्टिंग जम्मू में हुई थी। बताते चलें कि इसी हमले में देश के 17 और जवान शहीद हो गए हैं।