भारत ने बनाई पाक को अलग-थलग करने की रणनीति, आतंकी देश होगा घोषित
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पठानकोट एयर बेस के बाद उड़ी में सैन्य मुख्यालय पर हुए आतंकी हमले से नाराज भारत पाकिस्तान को अलग थलग करने और उसे आतंकी देश घोषित करने के लिए विश्वव्यापी अभियान चलाएगा। इस मोर्चे पर पाकिस्तान को माकूल जवाब देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से बुलाई गई उच्च स्तरीय बैठक में अल्प और दीर्घकालिक रणनीति तैयार की गई। बैठक में तय किया गया कि हर आतंकी हमले के बाद डोजियर कूटनीति से परे अब आक्रामक कूटनीति के जरिए पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब दिया है। इस क्रम में संयुक्त राष्ट्र की आम सभा की बैठक में 26 सितंबर को विदेश मंत्री सुषमा स्वराज पाकिस्तान को आतंकी देश घोषित करने की मांग करेगी।
इसके साथ ही प्रधानमंत्री की 9 और 10 नवंबर को इस्लामाबाद में होने वाले सार्क सम्मेलन में शिरकत करने की संभावना करीब-करीब खत्म हो गई है। बैठक में सर्जिकल ऑपरेशन के तहत पीओके स्थित आतंकी प्रशिक्षण शिविरों के खिलाफ सीधी कार्रवाई पर भी चर्चा हुई। बैठक में गृह मंत्री राजनाथ, वित्त मंत्री अरुण जेटली, रक्षा मंत्री मनोहर परिकर, एनएसए अजित डोभाल, सेना प्रमुख दलबीर सिंह, आईबी और रॉ के मुखिया सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया।
बैठक में उपस्थित एक अधिकारी के मुताबिक अल्पकालिक रणनीति के तहत घुसपैठ वाले पाकिस्तानी पोस्ट पर कड़ी कार्रवाई, घुसपैठ की कोशिश के दौरान बड़ा अभियान चलाने, व्यापक पैमाने पर सर्चिंग ऑपरेशन चलाने की योजना बनी है। यह भी तय हुआ है कि इस हमले में पाकिस्तान का हाथ होने का सबूत पाकिस्तान की जगह अंतर्राष्ट्रीरीय संगठनों को दिया जाए।
पहले राजनाथ ने बुलाई उच्च स्तरीय बैठक
प्रधानमंत्री आवास पर हुई उच्च स्तीय बैठक से पूर्व गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने रविवार की तरह ही सोमवार को उच्च स्तरीय बैठक बुलाई। रक्षा मंत्री, आईबी, रॉ के मुखिया, गृह सचिव की उपस्थिति में हुई इस बैठक में एनएसए डोभाल ने पाकिस्तान के खिलाफ कार्रवाई के लिए अल्प और दीर्घकालिक योजना पेश की। इसके बाद प्रधानमंत्री आवास पर भावी कार्रवाई पर गंभीर मंथन हुआ।