{"_id":"57a8bb9b4f1c1b2a12ee457c","slug":"uproar-in-lok-sabha-on-cow-protection-dalit-remarks-pm","type":"story","status":"publish","title_hn":"पीएम के गोरक्षा-दलित वाले बयान पर लोकसभा में हंगामा","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
पीएम के गोरक्षा-दलित वाले बयान पर लोकसभा में हंगामा
ब्यूरो/ अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Mon, 08 Aug 2016 11:42 PM IST
विज्ञापन
मोदी
- फोटो : ANI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दलितों के बदले उन्हें गोली मारने वाले बयान पर जोरदार सियासत छिड़ गई है। कांग्रेस ने इसे लेकर लोकसभा से वाकआउट किया और प्रधानमंत्री से संसद के भीतर बयान देने की मांग की।
विज्ञापन
बसपा अध्यक्ष मायावती और आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव ने पीएम पर तीखा हमला किया है। गुजरात समेत देश के कई राज्यों में दलितों पर कथित गोरक्षकों के हमले की वारदात सामने आने के बाद प्रधानमंत्री ने बयान दिया था कि मारना है तो मुझे गोली मार दो लेकिन दलितों को बख्श दो।
विज्ञापन
पीएम के इस बयान पर सोमवार को कांग्रेस ने एतराज जताया और संसद से वाकआउट किया। कांग्रेस संसदीय दल के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि गोरक्षा के मुद्दे पर पीएम को संसद में बयान देना चाहिए, वह बाहर लगातार बयान दे रहे हैं और ट्वीट कर रहे हैं।
विज्ञापन
कांग्रेस के प्रमोद तिवारी ने राज्यसभा में कहा कि पीएम मुझे गोली मार दो का बयान वोट की चिंता के लिए दे रहे हैं, वह जम्मू कश्मीर और रांची में अल्पंसख्यकों के लिए ऐसी चिंता क्यों नहीं जताते हैं।
बसपा मुखिया मायावती ने भी पीएम पर हमला किया। मायावती ने कहा है कि दो साल से लगातार मुस्लिमों और दलितों पर गोरक्षा के नाम पर हमले किए जा रहे हैं और पीएम कुंभकरणी नींद सो रहे हैं। पीएम का यह बयान राजनीति से प्रेरित है।
वह यूपी चुनाव को देखकर अब जागे हैं। इसी मुद्दे पर लालू ने ट्वीट किया कि मोदी को अब याद आया है कि गाय दूध देती है, वोट नहीं। उनको अब समझ आने लगा है कि गोमाता उनकी सरकार बनवाना तो दूर अब उनकी सरकारों को हिला रही है।
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दो दिन पहले कहा था कि गोरक्षा के नाम पर 80 प्रतिशत लोग गोरखधंधा कर रहे हैं। रविवार को कहा था कि ‘यदि मारना ही है तो मुझे मारो। दलित समाज में लंबे समय से उपेक्षित रहे हैं। मेरे दलित भाइयों पर हमलों का खेल बंद करें।