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यूपी रेरा : आदेश के बावजूद 13400 खरीदारों को नहीं मिले घर, दोबारा पहुंचे निवेशक, नियम-24 के तहत सुनवाई

Tue, 16 May 2023 06:02 AM IST
देव कश्यप पंकज मोहन मिश्रा, नई दिल्ली।
पंकज मोहन मिश्रा, नई दिल्ली। Published by: देव कश्यप Updated Tue, 16 May 2023 06:02 AM IST
सार

इन मामलों पर लखनऊ व एनसीआर में एडज्यूडिकेटिंग ऑफिसर सुनवाई कर रहे हैं। आवंटियों के इकाईयों की रजिस्ट्री कराने के संबंध में यूपी रेरा सीपीसी (सिविल प्रोसीजर कोड) में निहित प्राविधानों का उपयोग कर रहा है। इसके लिए विधिक प्राविधान रेरा अधिनियम की धारा-40(2) तथा यूपी रेरा नियमावली के नियम-24 में दिए गए हैं।

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UP RERA: Despite the order 13400 buyers did not get houses
यूपी रेरा (सांकेतिक तस्वीर)। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

भवन निर्माण परियोजनाओं में लगे बिल्डर, प्रमोटर उत्तर प्रदेश भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण (यूपी रेरा) के आदेशों को भी मानने से इन्कार कर रहे हैं। इसके चलते घर खरीदारों को फिर से यूपी रेरा का रुख करना पड़ रहा है। ऐसे अब तक 13,400 खरीदार आए हैं, जिन्हें रेरा के आदेश के बावजूद घर नहीं मिला। ऐसे में खरीदार फिर से यूपी रेरा पहुंचे, जहां उत्तर प्रदेश भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण के नियम-24 के तहत सुनवाई चल रही है।

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इन मामलों पर लखनऊ व एनसीआर में एडज्यूडिकेटिंग ऑफिसर सुनवाई कर रहे हैं। आवंटियों के इकाईयों की रजिस्ट्री कराने के संबंध में यूपी रेरा सीपीसी (सिविल प्रोसीजर कोड) में निहित प्राविधानों का उपयोग कर रहा है। इसके लिए विधिक प्राविधान रेरा अधिनियम की धारा-40(2) तथा यूपी रेरा नियमावली के नियम-24 में दिए गए हैं। नियम-24 के अनुसार रेरा आवंटियों को प्रमुख दीवानी न्यायालय की तरह ही आदेशों का क्रियान्वयन कराएगा। यूपी रेरा में एनसीआर व लखनऊ कार्यालय में कार्यरत एडज्यूडिकेटिंग ऑफिसर नियम-24 के तहत मामलों पर कार्रवाई करते हैं। आवंटियों को नियम-24 की सुनवाई की सुविधा ई-कोर्ट मॉडल के माध्यम से उपलब्ध कराई जा रही है।
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3363 परियोजनाओं का हुआ पंजीकरण
यूपी रेरा के आंकड़ों के मुताबिक अब तक लगभग 3,363 से ज्यादा परियोजनाएं रेरा में पंजीकृत की जा चुकी हैं। 2022 में लगभग 215 नई परियोजनाओं का पंजीयन हुआ है जबकि 2018 में 258 व 2019 में 216 परियोजनाएं पंजीकृत हुई थीं। 2020 में केवल 161 व 2021 में 174 परियोजनाओं का पंजीयन किया गया था।
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77 फीसदी शिकायतों के समाधान का दावा
नियम-24 के तहत सुनवाई एवं कार्यवाही प्राधिकरण से प्राप्त आदेशों का क्रियान्वयन सुनिश्चित कराने के लिए यूपी रेरा में अब तक प्रप्त 13,400 शिकायतों में से प्राधिकरण 10,265 (77 फीसदी ) के समाधान होने का दावा कर रहा है। इनमें या तो खरीदार को घर मिल गया है या फिर कब्जा देने की प्रक्रिया चल रही है। वहीं, बचे हुए 3,135 खरीदारों को भी घर दिलाने के लिए रेरा कार्रवाई कर रहा है।

अब तक 5845 से रियल एस्टेट एजेंट पंजीकृत
इस वर्ष प्राधिकरण ने पंजीकृत रियल एस्टेट एजेंट्स की पंजीयन अवधि 5 वर्ष से बढ़ाकर 10 वर्ष कर दी जो व्यक्तिगत और संस्थागत दोनों पर लागू होगी। 2022 से पंजीकृत होने वाले और पुराने पंजीयन का नवीनीकरण कराने वाले रियल एस्टेट एजेंट्स की वैधता अवधि अगले 10 वर्षों के लिए होगी। अभी तक यूपी रेरा में 5845 से ज्यादा रियल एस्टेट एजेन्ट्स ने पंजीयन कराया है।


देश की कुल शिकायतों में से अकेले यूपी रेरा में हैं 38 फीसदी
यूपी रेरा में पिछले पांच साल में लगभग 48,500 शिकायतें आई हैं, जो देश की समस्त शिकायतों का 38 फीसदी है। अब तक प्राधिकरण ने पूरे प्रदेश में 8,440 वसूली प्रमाण पत्र जारी किए हैं। संबंधित जिलों के तहसीलदार/ जिलाधिकारियों ने लगभग 2,650 आवंटियों के बैंक खातों में करीब 436 करोड़ रुपये हस्तान्तरित किये जा चुके हैं।  इसके अलावा प्रोमोटर एवं आवंटियों की बीच आपसे सहमति से लगभग 295 करोड़ रुपये की वसूली प्रमाण पत्रों का समाधान हो चुका है।

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