यूपी को चलाना मठ चलाने जितना आसान नहीं : शिवसेना
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शिवसेना ने उत्तर प्रदेश के नए मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी पर निशाना साधा है। पार्टी ने अपने मुखपत्र में कहा है कि उत्तर प्रदेश जैसे सूबे को चलाना मठ या पीठ चलाने जितना आसान नहीं है। इसमें धर्म नीति की बजाय विकास कार्यों को महत्व देना पड़ता है। शिवसेना ने इस नसीहत के साथ आदित्यनाथ को मुख्यमंत्री बनने पर बधाई भी दी है।
शिवसेना ने अपने मुखपत्र के संपादकीय में लिखा है कि मध्य प्रदेश की मुख्यमंत्री बनने के बाद उमा भारती जप-तप में ज्यादा समय देने लगी थीं, जिसके चलते राज्य डगमगा गया। इसलिए नए मुख्यमंत्री को इस इतिहास को समझना होगा।
यूपी में कानून का शासन पूरी तरह से धराशायी हो चुका है। धर्मांध शक्तियों का अत्याचार बढ़ा है और पाकिस्तान के हाथ वहां पहुंच चुके हैं। लिहाजा अब यूपी के नए सीएम को राज्य में दोबारा से कानून व्यवस्था बहाल करनी होगी।
यूपी में रोजगार मिला तो हल्का होगा मुंबई का भार
इसके साथ ही शिवसेना ने किसानों की कर्जमाफी के वादे की भी याद दिलाई है। शिवसेना ने यह भी उम्मीद जताई है कि आदित्यनाथ के आने से न सिर्फ राम मंदिर के निर्माण को गति मिलेगी बल्कि हिंदुत्ववादियों को भी ताकत मिलेगी। शिवसेना ने कहा है कि यूपी में दो उपमुख्यमंत्री बनाए गए लेकिन जब महाराष्ट्र का सवाल आया तो यह कहकर टाल दिया गया कि राज्य में उपमुख्यमंत्री का पद नीतिगत नहीं है।
यूपी में रोजगार मिला तो हल्का होगा मुंबई का भार
शिवसेना ने कहा है कि यूपी में गरीबी और बेरोजगारी है। आदित्यनाथ योगी ने सूबे के लोगों को रोजगार में 90 फीसदी प्राथमिकता देने की घोषणा की है। यह शिवसेना के विचारों की जीत है। इसके लिए उन्हें कड़ी मेहनत करनी पड़ेगी।
यूपी जैसे राज्यों में रोजगार पैदा हुए, तो मुंबई का भार हल्का होगा। शिवसेना ने लिखा है कि मुंबई के उत्तर भारतीयों ने बड़ी संख्या में भाजपा के पक्ष में मतदान किया है ताकि वे अपने गांव जाकर सुख और स्वाभिमान के साथ जिंदगी जी सकें।