बिजली वितरण में भेदभाव करती है यूपी सरकार: पीयूष गोयल
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केंद्रीय ऊर्जा मंत्री पीयूष गोयल ने उत्तर प्रदेश की समाजवादी सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा है कि राज्य में एक ‘विशेष समुदाय’ के सदस्यों को ही बिजली कनेक्शन दिए जा रहे हैं।
उन्होंने मुरादाबाद के भाजपा सांसद सर्वेश कुमार सिंह के आरोपों का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य सरकार एक ‘विशेष समुदाय’ के लोगों को बिजली कनेक्शन तो देती है लेकिन उनके संसदीय के क्षेत्र के अन्य हिस्सों में लोगों को कनेक्शन देने से मना कर देती है। इस मामले में ऊर्जा मंत्री ने जब राज्य सरकार से रिपोर्ट मांगी तो सपा सरकार ने किसी तरह के भेदभाव से इनकार कर दिया। तब सांसद ने प्रधानमंत्री से अपील की तो उन्होंने ऊर्जा मंत्री को जांच के लिए उच्च स्तरीय समिति वहां भेजने को निर्देश दिया।
इस संबंध में पत्रकारों के सवालों के जवाब देते हुए गोयल ने कहा, ‘समिति ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि मुरादाबाद में कई ऐसे क्षेत्र हैं जहां बिजली कनेक्शन को लेकर भेदभाव किए जाते हैं। यह एक गंभीर समस्या है।’ उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के कई अन्य जनप्रतिनिधि भी अपने-अपने क्षेत्रों को लेकर इसी तरह की शिकायत कर चुके हैं।
'प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र के ज्यादातर इलाकों में 8 से 10 घंटे बिजली गुल रहती है'
वाराणसी में बिजली की स्थिति के बारे में गोयल ने कहा कि 300 शहरों और कस्बों पर निगरानी रखने वाले एक एनजीओ के आंकड़े बताते हैं कि प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र के ज्यादातर इलाकों में 8 से 10 घंटे बिजली गुल रहती है। इससे मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का वह दावा झूठा साबित होता है कि वाराणसी में 24 घंटे बिजली की सप्लाई होती है।
इससे पहले प्रधानमंत्री भी उत्तर प्रदेश सरकार पर बिजली सप्लाई देने में धार्मिक आधार पर भेदभाव करने का आरोप लगा चुके हैं। गोयल ने कहा कि अगस्त 2016 से राज्य सरकार ने राज्य के विभिन्न फीडरों में बिजली आपूर्ति की मात्रा संबंधी जानकारी देनी बंद कर रखी है। उन्होंने कहा, ‘मैं समझता हूं कि वे अब यह जानकारी नहीं दे रहे हैं क्योंकि उनकी नीयत साफ नहीं है। लेकिन जैसे ही चुनाव का समय आया, उन्होंने वाराणसी समेत सभी क्षेत्रों में 24 घंटे बिजली देने की घोषणा कर दी।’