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खुद चुनाव लड़ने से दूर रहेंगे यूपी के सीएम उम्मीदवार !

Fri, 19 Aug 2016 10:27 AM IST
शादाब रिजवी, नई दिल्ली
शादाब रिजवी, नई दिल्ली Updated Fri, 19 Aug 2016 10:27 AM IST
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UP CM candidate will not fight elections !
अ‌खिलेश यादव व मायावती - फोटो : demo pic
उत्तर प्रदेश की चुनावी जंग में उतरने वाली प्रमुख राजनीतिक दलों के सीएम प्रत्याशी खुद चुनाव लडने से शायद दूर ही रहंगे। सपा, बसपा और कांग्रेस के सीएम प्रत्याषी घोषित हैं, भाजपा के नाम का अभी इंतजार है। 
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यूपी में अगले साल यानि 2017 में विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं। सभी प्रमुख पार्टी चुनावी तैयारी में जुटी हैं। अपने दल को जीत दिलाने  के बाद मुख्यमंत्री कौन होगा, यह भी साफ कर दिया है, लेकिन दिलचस्प बात यह होगी कि प्रमुख राजनीतिक दलों के सीएम कंडीडेट अपने उम्मीदवारों को चुनाव लड़ाएंगे जरूर, लेकिन खुद शायद की चुनाव लड़े। समाजावादी पार्टी साफ कर चुकी है कि मुलायम सिंह यादव पार्टी  के मार्गदर्शक होंगे , लेकिन सीएम का चेहरा अखिलेश यादव ही होंगे। 
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अखिलेश यादव जब 2012 में सीएम बने थे, तब वह सांसद थे। शपथ लेने के बाद उनको पार्टी ने एमएलसी  बनाया था। 2018 तक उनका एमएलसी का कार्यकाल अभी बाकी है। खुद सीएम भी चुनाव नहीं लडने के संकेत देते रहे हैं। उनकी तरफ से पार्टी नेताओं से भी कहा जाता रहा है कि अगर मैं चुनाव लड़ता हूं तब मैं सूबे में ज्यादा से ज्यादा प्रचार नहीं कर सकूंगा।
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कांग्रेस भी कह चुकी हैं शीला दीक्षित को चुनाव नहीं लड़ाने की बात

UP CM candidate will not fight elections !
शीला दीक्षित - फोटो : amar ujala
कांग्रेस ने दिल्ली की पूर्व सीएम शीला दीक्षित को यूपी में सीएम का उम्मीदवार घोषित किया है, लेकिन जिस दिन उनके नाम का ऐलान पार्टी  ने किया था उसी दिन यह भी साफ कर दि था कि वह विधानसभा का चुनाव नहीं लड़ेंगी। यूपी प्रभारी गुलाम नबी आजाद का कहना है कि सीएम बनने के लिए विधायक का चुनाव लड़ना जरूरी नहीं हैं। मैं खुद बिना चुनाव लड़े सीएम बना। 

बसपा की मुखिया मायावती के बारे में  साफ है कि विधानसभा चुनाव लड़ने के बजाए एमएलसी बनना ज्यादा मुनासिब समझती हैं। बसपा में वहीं अकेली स्टार प्रचारक हैं। उन्हें  पूरे प्रदेश में रैली, सभा और अन्य कार्यक्रम में शिरकत करनी पड़ती है। पार्टी  के जीतने पर वह मुख्यमंत्री बन जाती हैं और बतौर एमएलसी सदन की सदस्य नामित हो जाती है। यूपी से बसपा के सत्ता से बाहर होते ही वह राज्यसभा के रास्ते दिल्ली में रहकर राजनीति करती हैं। फिलहाल मायावती भी राज्यसभा सदस्य हैं। चौथी प्रमुख पार्टी भाजपा है। उसने अभी तक किसी को सीएम उम्मीदवार घोषित ही नहीं किया है। भाजपा की तरफ से अगगर सीएम  उम्मीदवार घोषित किया जाता है, वह चुनाव लड़ेगा या नहीं यह तब तय होगा। 
 
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