अनलॉक-1: 68 दिनों की बंदी के बाद कल से धीरे-धीरे खुलेगा देश का ताला, नियम तोड़ने पर होगी ये सजा
- 68 दिन की बंदी के बाद अनलॉक की दिशा में बढ़े कदम
- देश को फिर से पटरी पर लाने के लिए तीन चरणों में खत्म होंगी बंदिशें
- एक जून से देश में बिना पास के कहीं भी आ-जा सकेंगे लोग
- रात्रिकालीन कर्फ्यू रहेगा, रात नौ से सुबह पांच बजे तक पाबंदी
- 8 जून से खुलेंगे धार्मिक स्थल, होटल, रेस्टोरेंट और शॉपिंग मॉल
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विस्तार
बढ़ते कोरोना संक्रमण के बीच देश को फिर से पटरी पर लाने के लिए केंद्र सरकार ने 68 दिनों की बंदी के बाद चरणबद्ध तरीके से बंदिशें हटाने का एलान कर दिया। 30 जून तक चलने वाले लॉकडाउन-5.0 के दौरान पाबंदियां सिर्फ कंटेनमेंट जोन में रहेंगी। इसके अलावा बाकी जगहों पर सभी गतिविधियां चरणबद्ध तरीके से शुरू होंगी। एक जून से पूरे देश में कहीं भी लोग आ जा सकेंगे। इसके लिए किसी पास या मंजूरी की जरूरत नहीं होगी। वहीं, देशभर में रात का कर्फ्यू अब रात नौ बजे से सुबह पांच बजे तक रहेगा। इस दौरान सिर्फ आवश्यक गतिविधियाें की मंजूरी होगी।
अनलॉक-1 के पहले चरण में केंद्रीय गृह मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के मुताबिक आठ जून से सभी धार्मिक स्थल, होटल, रेस्टोरेंट और शॉपिंग मॉल खुल सकेंगे। वहीं, दूसरे चरण में स्कूल-कॉलेज समेत सभी शिक्षण संस्थानों को खोलने की तैयारी है। हालांकि इसकी तारीख राज्यों से पहले चरण के फीडबैक के आधार पर जुलाई में तय होगी। इसके बाद तीसरे चरण में अंतरराष्ट्रीय उड़ानें, मेट्रो रेल, स्वीमिंग पूल, जिम, सामाजिक, सांस्कृतिक, खेल, राजनीतिक गतिविधियां शुरू करने पर फैसला होगा।
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने अनलॉक-1 के विस्तृत दिशा-निर्देश के तहत कंटेनमेंट जोन में पाबंदियां पहले की तरह ही 30 जून तक लागू रहेंगी। कंटेनमेंट जोन का निर्धारण संक्रमण स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन करेगा। इस जोन में सिर्फ चिकित्सा तथा आवश्यक वस्तुओं और सेवाओं की ही मंजूरी होगी। राज्य और केंद्र शासित क्षेत्र कंटेनमेंट जोन के बाहर बफर जोन तय कर हालात के मुताबिक कुछ पाबंदियां लगा सकते हैं। इसके अलावा अन्य क्षेत्रों में भी जरूरत के हिसाब से पाबंदियां लगाई जा सकेंगी।
दूसरे राज्य में जाने के लिए पास जरूरी नहीं, नियम तोड़ने पर होगी ये सजा
सोमवार से एक राज्य से दूसरे राज्य में जाने या राज्य के भीतर कहीं भी लोगों और वस्तुओं की आवाजाही पर कोई पाबंदी नहीं होगी। इसके लिए अलग से कोई मंजूरी या ई-पास भी जरूरी नहीं होगा। हालांकि कोई राज्य या केंद्र शासित प्रदेश अगर स्वास्थ्य कारणों से आवाजाही रोकना चाहता है तो इस बारे में पहले व्यापक रूप से प्रचार-प्रसार करना होगा। श्रमिक स्पेशल, विशेष ट्रेनें, घरेलू विमान सेवाएं तथा विदेश में फंसे भारतीयों की वापसी जारी रहेगी। कोई भी राज्य या केंद्र शासित प्रदेश वस्तुओं की आपूर्ति या आवाजाही पर रोक नहीं लगा सकेगा।
नियम तोड़ने पर होगी ये सजा
महामारी के दौरान सरकार आपदा प्रबंधन अधिनियम-2005 और आईपीसी की धारा-188 के तहत कार्रवाई करेगी। आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत निमभन परिस्थितियों में कार्रवाई की जाएगी।
- अकारण किसी अधिकारी या अन्य सरकारी कर्मचारी के काम में बाधा डालने पर धारा-51 के तहत एक साल की सजा व जुर्माना
- केंद्र या राज्य सरकार की तरफ से दिए गए निर्देशों का पालन नहीं करने पर भी धारा-51 के तहत एक साल की सजा व जुर्माना
- सरकारी राहत कार्यों को लेकर किसी तरह का झूठा दावा करने पर धारा-52 के तहत दो साल की सजा व जुर्माना
- राहत अभियान के तहत मिले सामान या पैसे में घपला करने पर धारा-53 की तहत दो साल की सजा व जुर्माना
- आपदा या महामारी को लेकर किसी तरह की झूठी अफवाह फैलाने पर धारा-54 के तहत एक साल की सजा या जुर्माना
- किसी सरकारी विभाग की तरफ से किए गए अपराध के लिए विभागीय प्रमुख होगा दोषी, धारा-55 (1) के तहत कार्रवाई
- यदि यह साबित हो कि अपराध विभागीय प्रमुख के बजाय अन्य अधिकारी ने किया है तो धारा-55 (2) के तहत कार्रवाई
- बिना इजाजत लिए आपदा के दौरान ड्यूटी से गायब रहने वाले सरकारी अधिकारी को धारा-56 के तहत एक साल की सजा या जुर्माना
- धारा-65 के तहत दिए गए आदेश का पालन करने में असफल रहने वाले व्यक्ति को एक साल कैद या जुर्माना या दोनों सजा
- कंपनियों द्वारा अधिनियम के तहत जारी निर्देशों का पालन नहीं करने पर धारा-58 के तहत आपराधिक कार्रवाई
- धारा-55 व धारा-56 के तहत किए गए अपराध में अभियान की कार्रवाई धारा-59 के तहत पूरी की जाएगी
- अधिनियम की धारा-60 के तहत कोई भी अदालत कुछ खास परिस्थितियों में मामले का संज्ञान नहीं लेगी
इस तरह हटेंगी पाबंदियां, जानिए अनलॉक के तीनों चरण
पहला चरण
धार्मिक स्थल, सार्वजनिक पूजा स्थल, होटल, रेस्तरां और शॉपिंग मॉल आठ जून से खुलेंगे। इनके लिए स्वास्थ्य मंत्रालय दिशा-निर्देश जारी करेगा।
दूसरा चरण
स्कूल, कॉलेज, कोचिंग आदि शिक्षण संस्थान राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से चर्चा के बाद खुलेंगे। राज्य सरकारें और केंद्र शासित प्रदेश अभिभावकों तथा शिक्षण संस्थान संचालकों से विचार विमर्श कर केंद्र को फीडबैक देंगे। इसके आधार जुलाई में इन्हें खोलने पर फैसला होगा।
तीसरा चरण
अंतरराष्ट्रीय उड़ानों, मेट्रो रेल, सिनेमाघर, जिम, स्वीमिंग पूल, मनोरंजन पार्क, थियेटर, बार, सभागार, सामाजिक, राजनीतिक, खेल, मनोरंजन, शैक्षणिक, सांस्कृतिक, धार्मिक समारोह और अन्य बड़े कार्यक्रमों को शुरू करने की तारीखों का फैसला हालात के आकलन के बाद तीसरे चरण में होगा।
कार्य स्थलों के लिए ये हैं दिशानिर्देश, चेहरा ढकना और सोशल डिस्टेंसिंग अनिवार्य
- सार्वजनिक जगहों, कार्य स्थलों और सफर के दौरान चेहरा ढकना अनिवार्य होगा।
- सार्वजनिक स्थलों पर हर किसी को दो गज (छह फुट) की दूरी का पालन करना होगा।
- बड़ी सार्वजनिक सभाओं व कार्यक्रमों पर रोक रहेगी। शादी में 50 से ज्यादा और अंतिम संस्कार में 20 से ज्यादा लोगों के शामिल होने पर पाबंदी।
- सार्वजनिक जगहों पर थूकना होगा दंडनीय अपराध, लगेगा जुर्माना।
- सार्वजनिक स्थलों पर शराब पीना, गुटखा और तंबाकू इत्यादि खाने पर रहेगी रोक।
कार्य स्थलों के लिए दिशानिर्देश
- यथासंभव वर्क फ्रॉम होम लागू हो
- दफ्तरों, कार्यस्थलों, दुकानों, बाजारों, उद्योगों और वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों में बिजनेस ऑवर का पालन हो
- कर्मचारियों की थर्मल स्क्रीनिंग, हाथ धोने और आने जाने वाले द्वार पर हैंड सैनिटाइजर की व्यवस्था हो
- कार्यस्थलों में नियमित तौर पर सैनिटाइजेशन हो। शिफ्ट बदलने के दौरान भी रखें सफाई का ध्यान
- सोशल डिस्टेंसिंग का पालन हो। शिफ्ट के बीच पर्याप्त अंतराल हो
- कर्मचारियों के आरोग्य सेतु एप का इस्तेमाल करने पर जोर दिया जाए
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