फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   union minister shantanu thakur claims to implement CAA within seven days

Bengal: केंद्रीय मंत्री शांतनु ठाकुर का सात दिनों के भीतर देश में सीएए लागू करने का दावा, लिखित में दी गारंटी

Mon, 29 Jan 2024 11:53 AM IST
श्वेता महतो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता Published by: श्वेता महतो Updated Mon, 29 Jan 2024 11:53 AM IST
सार

मीडिया से बात करते हुए शांतनु ठाकुर ने कहा कि सीएए को लागू करने के लिए मुख्यमंत्री से बात करने की जरूरत नहीं है। यह केंद्र सरकार का मुद्दा है। राज्य में इसे लागू करने की आवश्यकता नहीं है।

विज्ञापन
union minister shantanu thakur claims to implement CAA within seven days
शांतनु ठाकुर - फोटो : Social Media

विस्तार

केंद्रीय मंत्री शांतनु ठाकुर ने देश में अगले सात दिनों के भीतर नागरिक संशोधन अधिनियम (सीएए) लागू करने का दावा किया है। उन्होंने दक्षिण 24 परगना के काकद्वीप में एक सार्वजनिक बैठक में भाषण के दौरान यह बात कही। शांतनु ठाकुर ने लिखित में इसकी गारंटी भी दी है।
विज्ञापन


सीएए को लागू करने का दावा
मीडिया से बात करते हुए शांतनु ठाकुर ने कहा, 'धार्मिक, सामाजिक और नीति पर विचार करने के बाद ही सीएए को लागू किया जाएगा। सीएए को अचानक लागू करने से देश में तनाव की स्थिति पैदा हो सकती थी। अब गृह मंत्रालय की तरफ से इस फैसले को लिया गया है। सात दिनों के भीतर देश में सीएए लागू किया जाएगा। इसकी गारंटी मैंने आपको दे दी है। राज्य में इसे लागू करने की आवश्यकता नहीं है। इसे लेकर हमें मुख्यमंत्री से बात करने की जरूरत नहीं है। यह केंद्र सरकार का मुद्दा है।' 
विज्ञापन


केंद्रीय मृह मंत्री अमित शाह ने पिछले साल दिसंबर में सीएए को 'देश का कनून' बताते हुए कहा था कि इसे लागू होने से कोई नहीं रोक सकता है। उन्होंने इसी के साथ बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर सीएए को लेकर लोगों को गुमराह करने का आरोप भी लगाया था। इसका पलटवार करते हुए सीएम ममता बनर्जी ने कहा कि वे लोगों को विभाजित करना चाहते हैं। वे किसी और को नागरिकता देना चाहते हैं और दूसरो को इससे वंचित रखना चाहते हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन


2019 में पारित हुआ था सीएए
दिसंबर 2019 में संसद में सीएए पारित किया गया था। इसके तहत बांग्लादेश, पाकिस्तान और अफगानिस्तान से 31 दिसंबर 2014 तक भारत आए गैर मुस्लिमों (हिंदू, सिख, जैन, बौद्ध, पारसी और ईसाई) को नागरिकता दी जाने की बात कही गई थी। कानून पारित होने और राष्ट्रपति से मंजूरी मिलने के बाद देश के विभिन्न हिस्सों में इसे लेकर विरोध प्रदर्शन भी हुआ था। बंगाल में साल 2020 में सीएए के खिलाफ प्रस्ताव पारित किया था। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने घोषणा की थी कि वह बंगाल में सीएए, एनपीआर और एनआरसी की अनुमति नहीं देगी। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed