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केंद्रीय मंत्री गडकरी बोले- 'सरकारी बस में हॉर्न छोड़कर बाकी सब बजता है'
Fri, 01 Feb 2019 10:17 AM IST
अजय सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अजय सिंह
Updated Fri, 01 Feb 2019 10:17 AM IST
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नितिन गडकरी
- फोटो : ANI
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सरकारी बसों की बुरी हालत की बातें अक्सर सुनने को मिलती है। मगर जब कोई केंद्रीय मंत्री यह बात कहे तो आम सी बात भी खास हो जाती है। गुरुवार को एक कार्यक्रम में बोलते हुए केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि सरकारी बसों में हॉर्न छोड़कर सबकुछ बजता है। वह यहीं नहीं रुके उन्होंने कहा कि सरकारी बसों में तो खिड़की बंद करने की प्रतियोगिता करवाई जा सकती है। केंद्रीय मंत्री ने लंदन मॉडल पर भारत में ट्रांसपोर्ट सेवा शुरू करने के लिए हुए समझौते के कार्यक्रम में बोलते हुए यह बाते कहीं।
देश की बसों की भारी कमी है। आबादी के लिहाज से 20 लाख बसों की जरुरत है मगर मात्र 30 हजार बसें ही मौजूद हैं।
स्थिति सुधाने को सरकार ने कसी कमर
सरकार ने पायलेट प्रोजेक्ट के तौर पर महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश में की शुरुआत करने का फैसला लिया है। सरकार के समझौते से निजी बस कंपनियों को भी अधिक मौके मिलेंगे। ट्रांसपोर्ट फाॅर लंदन निजी बस कंपनियों की भूमिका बढ़ाने के लिए राज्यों को सुझाव देगा। लंदन में फिलहाल 17 प्राइवेट कंपनियां ट्रांसपोर्ट सेवाएं दे रही हैं। तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और केरल को छोड़ दे तो देश के ज्यादातर सरकारी रोडवेज घाटे में चल रहे हैं।
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देश की बसों की भारी कमी है। आबादी के लिहाज से 20 लाख बसों की जरुरत है मगर मात्र 30 हजार बसें ही मौजूद हैं।
स्थिति सुधाने को सरकार ने कसी कमर
सरकार ने पायलेट प्रोजेक्ट के तौर पर महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश में की शुरुआत करने का फैसला लिया है। सरकार के समझौते से निजी बस कंपनियों को भी अधिक मौके मिलेंगे। ट्रांसपोर्ट फाॅर लंदन निजी बस कंपनियों की भूमिका बढ़ाने के लिए राज्यों को सुझाव देगा। लंदन में फिलहाल 17 प्राइवेट कंपनियां ट्रांसपोर्ट सेवाएं दे रही हैं। तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और केरल को छोड़ दे तो देश के ज्यादातर सरकारी रोडवेज घाटे में चल रहे हैं।
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